Friday, October 7, 2022
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राहुल गाँधी को जनता अब जूते से ही जवाब देगी: आडवाणी के अपमान पर लोगों ने दिया जवाब

कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने राहुल गाँधी से सवाल किया है कि हाल ही में अल्पकालीन समय के लिए हिन्दू बने राहुल गाँधी को हिन्दू संस्कृति पर ज्ञान देने से बचना चाहिए।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी जिस तरह की ओछी बयानबाजी द्वारा जनता का ह्रदय जीतने का प्रयास कर रहे हैं, उसे देखते हुए लग रहा है कि सत्ता में पहुँचने की उनकी छटपटाहट के चलते उनकी मानसिक हालत तेजी से बदलने लगी है। राहुल गाँधी ने शुक्रवार (5 अप्रैल, 2019) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने के चलते अपनी पारम्परिक संस्कृति का परिचय देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को लेकर बेहद घृणित बयान दे डाला। इसके बाद राहुल गाँधी आडवाणी के अपमान और पीएम मोदी के खिलाफ दिए बयान के कारण सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स ने उन पर पीएम पद का सम्मान ना करने का भी आरोप लगाया है।

सोनिया गाँधी के बेटे और कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी ने दरअसल महाराष्ट्र के चंद्रापुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, “भाजपा हिंदुत्व की बात करती है। हिंदू धर्म में गुरु को महान बताया गया है। मोदी के गुरु कौन हैं? आडवाणी। मोदी ने जूता मारकर आडवाणी को स्टेज से निकाला। गुरु का अपमान करना हिंदू धर्म नहीं है।”

इस पर कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने राहुल गाँधी से सवाल किया है कि हाल ही में अल्पकालीन समय के लिए हिन्दू बने राहुल गाँधी को हिन्दू संस्कृति पर ज्ञान देने से बचना चाहिए।

ट्विटर यूजर दीक्षा ने लिखा, “अरे राहुल गाँधी मोदी जी के गुरु आडवाणी जी और फिर उन्होंने जूते मारे और फिर ये हिन्दु धर्म मे कहाँ लिखा है? कर क्या रहे हो महोदय! ठीक से हिंदी तो पढ़ लेते! कहाँ से शुरू होते हो और कहाँ को चले जाते हो। चुनाव में दिमाग तो नहीं खिसक गया न आपका?”

राजीव रंजन राजू लिखते हैं, “राहुल ने पिता तुल्य आडवाणी का अपमान किया, जनता इसका जबाब जूते से देगी।”

वहीं @DrAditya_IITBHU ने राहुल गाँधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा है, “राहुल गाँधी जी के अनुसार ‘आडवाणी जी को मोदी जी ने जूते से मारकर मंच से उतारा’ सही है, तो जनता के अनुसार ‘इन्दिरा गाँधी जी ने मात्र सत्ता प्राप्ति के लिए अपने पुत्र संजय गाँधी जी की हत्या करवाई और भावनात्मक माहौल बनाने के लिए घड़ियाली आँसू बहाई’ यह भी बात सत्य होनी चाहिए।” देखा जाए तो सोशल मीडिया पर इस तरह के कमेंट निंदनीय हैं, लेकिन देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद का सपना देख रहे राहुल गाँधी को मर्यादा लाँघते हुए देखने के बाद शायद इंटरनेट पर समय बिताने के लिए कुछ भी लिखने वाले लोगों से मर्यादा जैसी बातों की उम्मीद करना बेकार है।

दूसरे ट्विटर यूज़र ने लिखा है, “पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह के ड्राफ्ट को सरेआम फाड़ने वाला बदजुबान राहुल गाँधी का हिन्दू धर्म व गुरु शिष्य परंपरा की दुहाई देना शर्मनाक है। ये क्या लड़ेगा मोदीजी से? इसे तो संस्कार ही नहीं हैं।

भाजपा नेता आडवाणी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के बाद राहुल गाँधी ने कहा, “2019 का चुनाव विचारधाराओं की लड़ाई है और कॉन्ग्रेस की विचारधारा भाईचारा, प्रेम और सौहार्द से मोदी के नफरत, क्रोध और विभाजनकारी विचारधारा पर जीत हासिल करेगी।”

खैर, पहले तो राहुल गाँधी को अपनी धोती संभालनी ही सीखनी चाहिए, लोकतंत्र और प्यार मोहब्बत की बातें तो उसके बाद भी की जा सकती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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