Wednesday, June 29, 2022
Homeराजनीति2 कॉन्ग्रेस नेताओं की हत्या, घिर गई केरल की वामपंथी सरकार: सुप्रीम कोर्ट ने...

2 कॉन्ग्रेस नेताओं की हत्या, घिर गई केरल की वामपंथी सरकार: सुप्रीम कोर्ट ने दिया CBI जाँच का आदेश

कॉन्ग्रेस के 2 नेताओं की हत्या के लिए CPM के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए CBI जाँच की माँग की गई थी। इस माँग को सुप्रीम कोर्ट की भी अनुमति मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केरल की पिनराई विजयन सरकार के लिए...

केरल में पिछले साल दो कॉन्ग्रेसी नेताओं की निर्मम हत्या कर दी गई थी। कॉन्ग्रेस ने इन हत्याओं के लिए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए सीबीआई जाँच की माँग की थी। वहीं अब इस माँग को सुप्रीम कोर्ट की भी अनुमति मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केरल की पिनराई विजयन सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के परिजन और पार्टी कार्यकर्ताओं की माँग को देखते हुए हाइकोर्ट ने मामले में सीबीआई जाँच के आदेश दिए थे। जिसके बाद राज्य सरकार ने हाइकोर्ट के इस फैसले को नामंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आदेश को चुनौती दी थी।

दरअसल पीड़ित परिजनों और कॉन्ग्रेस ने पुलिस पर आरोपितों से मिले होने का गंभीर आरोप लगाया था। साथ ही पुलिस द्वारा मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं करने पर नाराजगी भी जताई थी। परिजनों का आरोप था कि हत्याकांड की साजिश कासरगोड के माकपा नेता ने रची थी और इस वजह से राज्य सरकार और पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। जिसके बाद मामले में सीबीआई जाँच की अपील की गई थी।

हालाँकि शीर्ष अदालत की खंडपीठ ने भी एकल पीठ के सीबीआइ जाँच के आदेश को बरकरार रखा। इस फैसले के कारण विजयन सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। कोर्ट के फैसले को चुनौती देते ही विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए हमलावर हो गई थी। हत्या के बाद राज्य सरकार के रवैए को देखते हुए अब भी केरल में अन्य पार्टी दल सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते रहते हैं।

गौरतलब है कि केरल के कासरगोड में पिछले साल 17 फरवरी को युवा कॉन्ग्रेस के दो कार्यकर्ता कृपेश और शारथ लाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के पीछे स्थानीय माकपा नेता पीथांबरन मुख्य आरोपित है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘इस्लाम ज़िंदाबाद! नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं’: कन्हैया लाल का सिर कलम करने का जश्न मना रहे कट्टरवादी, कह रहे – गुड...

ट्विटर पर एमडी आलमगिर रज्वी मोहम्मद रफीक और अब्दुल जब्बार के समर्थन में लिखता है, "नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं।"

कमलेश तिवारी होते हुए कन्हैया लाल तक पहुँचा हकीकत राय से शुरू हुआ सिलसिला, कातिल ‘मासूम भटके हुए जवान’: जुबैर समर्थकों के पंजों पर...

कन्हैयालाल की हत्या राजस्थान की ये घटना राज्य की कोई पहली घटना भी नहीं है। रामनवमी के शांतिपूर्ण जुलूसों पर इस राज्य में पथराव किए गए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
200,225FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe