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‘जय श्री राम बोलना है तो गुजरात चले जाओ, पश्चिम बंगाल में यह सब नहीं चलेगा’: TMC नेता का वीडियो वायरल

वीडियो में देखा जा सकता है कि टीएमसी नेता स्पष्ट रूप से लोगों को किसी तरह की सभा में संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि टीएमसी शासित राज्य में 'जय श्री राम' का नारा लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि अगर जिसको भी 'जय श्री राम' का जाप करना है तो वह गुजरात जा सकता है।

बीजेपी बंगाल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक नेता (जैसा कि बीजेपी बंगाल द्वारा दावा किया गया है) को लोगों को धमकाते हुए सुना जा सकता है। कथिततौर पर टीएमसी नेता लोगों से कहते है कि अगर वह बंगाल में रहना चाहते है तो वे ‘जय श्री राम’ के नारे नहीं लगा सकते हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि टीएमसी नेता स्पष्ट रूप से लोगों को किसी तरह की सभा में संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि टीएमसी शासित राज्य में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि अगर जिसको भी ‘जय श्री राम’ का जाप करना है तो वह गुजरात जा सकता है।

वीडियो में बंगाली में एक उग्र भाषण में नेता ने कहा कि राज्य में जय श्री राम बोलने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, “इन सब चीजों को यहाँ अनुमति नहीं दी जाएगी। जो लोग इसका जाप करना चाहते हैं वे मोदी के राज्य गुजरात में जाकर ये कर सकते हैं।” हालाँकि, यह वीडियो कब का है इस बारे में कुछ नहीं गया है।

गौरतलब है कि जय श्री राम के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी की नफरत कोई आज की बात नहीं है। पिछले साल खुद सीएम ममता बनर्जी ने ‘जय श्री राम’ के नारे को लेकर खुले तौर पर अपनी नापसंदगी व्यक्त की थी। पिछले साल 2019 मई में ममता बनर्जी ने उस समय अपना संयम खो दिया था, जब कुछ लोग सड़क पर जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। नारा सुनकर वह अपनी गाड़ी से नीचे उतरी और लोगों से भिड़ गई।

घटना के बाद सीएम ने आरोप लगाया था कि नारे लगा रहे लोग अपराधी थे, और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पश्चिम बंगाल सीएम के सामने सिर्फ नारा लगाने के लिए लगभग एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

उल्लेखनीय है कि टीएमसी प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक विचारधाराओं के प्रति असहिष्णु होने के लिए कुख्यात है। वहीं बीते दिन (19 नवंबर, 2020) पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में मोहनपुर ग्राम पंचायत के बबनपुर क्षेत्र में स्थित भाजपा के एक कार्यालय को कथित रूप से टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आग लगा दी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यालय को जलाने के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया और इसे उनके ‘सस्ते हथकंडे करार दिया।

तुफानगंज इलाके में कल ही एक भाजपा कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक बीजेपी नेता के परिवार वालों ने टीएमसी के गुंडों पर हत्या का आरोप लगाया था। परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में पाँच टीएमसी कार्यकर्ताओं का नाम लिया था। परिवार वालों का आरोप है कि पाँचों टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से बीजेपी नेता की पिटाई की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई। जब इलाज के लिए उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बता दें पश्चिम बंगाल में 2021 चुनावों से पहले राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता अक्सर निशाना बनते रहे हैं और उनके साथ मारपीट, अपहरण व हत्या की कई खबरें आए दिन सामने आ रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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