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सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया से जलते हैं राहुल गाँधी: उमा भारती ने बताया कॉन्ग्रेस की हालत के लिए कौन जिम्मेदार

"राहुल गाँधी को ऐसा लगता है कि सचिन जैसे नेताओं को बड़ी ज़िम्मेदारी मिली तो पार्टी में उनका महत्व नहीं रह जाएगा। दोनों ही नेता योग्य और कुशल हैं, उनमें नेतृत्व करने की क्षमता है। राहुल गाँधी के जेहन में जिस तरह ईर्ष्या मौजूद है, उससे केवल कॉन्ग्रेस का नुकसान ही होने वाला है।"

राजस्थान में चल रहे सियासी खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती ने राहुल गाँधी पर प्रतिक्रिया दी है। उमा भारती ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में कॉन्ग्रेस की हालत के लिए राहुल गाँधी को ज़िम्मेदार ठहराया है। उनके मुताबिक़ सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे युवा नेताओं से ईर्ष्या रखने की वजह से कॉन्ग्रेस की आज यह हालत हो चुकी है।

उमा भारती पहली दिग्गज नेता हैं जिन्होंने खुले तौर पर सचिन पायलट को भाजपा में शामिल होने का न्यौता दिया है। उमा भारती ने अपने बयान में कहा सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों ही योग्य दावेदार हैं। दोनों मेरे भतीजे जैसे हैं। अगर सचिन यहाँ (भाजपा) आते हैं तो हमें बहुत ख़ुशी होगी।

उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य और सचिन जैसे युवा नेताओं से राहुल गाँधी की जलन के चलते देश के दो बड़े राज्यों में कॉन्ग्रेस की हालत इतनी बुरी हो चुकी है। उमा भारती ने कहा, “राहुल गाँधी को ऐसा लगता है कि सचिन जैसे नेताओं को बड़ी ज़िम्मेदारी मिली तो पार्टी में उनका महत्व नहीं रह जाएगा। दोनों ही नेता योग्य और कुशल हैं, उनमें नेतृत्व करने की क्षमता है। ऐसे में यदि वह (सचिन पायलट) भाजपा में शामिल होते हैं तो यहाँ उनकी क़द्र होगी। राहुल गाँधी के जेहन में जिस तरह ईर्ष्या मौजूद है, उससे केवल कॉन्ग्रेस का नुकसान ही होने वाला है।” 

इस बीच राजस्थान में राजनीतिक उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। हर क्षण कोई न कोई नया परिवर्तन हो रहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर संकट बराबर बना हुआ है, आज सुबह ही जयपुर के पार्टी कार्यालय से सचिन पायलट के पोस्टर हटा दिए गए थे। लेकिन दोपहर होते-होते उन्हें फिर लगा दिया गया था। कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे बात करने की भी अपील की थी। 

इस दौरान कॉन्ग्रेस के नेताओं की तरफ से बयानबाज़ी भी जारी है, राज्य का राजनीतिक समीकरण सुधारने की हर कोशिश जारी है। राजस्थान में कॉन्ग्रेस दो हिस्सों में बँट चुकी है, ऐसे में हर कोई अपनी तरफ से दावे किए जा रहा है। सचिन पायलट के गुट का दावा है कि उनके साथ करीब 30 विधायक हैं, जबकि और भी साथ आ सकते हैं। जल्द ही इन विधायकों के इस्तीफा देने की बात भी कही जा रही है। दूसरी ओर क़ॉन्ग्रेस इस दावे को नकार रही है।   

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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