अवैध कालोनियों में रहने वालों को दिवाली पर मोदी की बड़ी सौगात: 40 लाख को मिलेगा घर का मालिकाना हक़

केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि दिल्ली की सभी अनधिकृत कालोनियों को नियमित कर उनमें रह रहे लोगों को घर का अधिकार देने का फैसला किया गया है। दिल्ली में अनधिकृत कालोनियों की संख्या करीब 1797 है जिसके चलते करीब 40 लाख लोगों को घर का मालिकाना हक मिल जाएगा।

दिवाली से ठीक पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली वासियों को बड़ा तोहफा देने का एलान किया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है कि दिल्ली में फैली अनधिकृत कालोनियों में रह रहे लोगों को घर का मालिकाना हक देगी। बता दें कि दिल्ली की ऐसी कालोनियों में इस वक़्त तकरीबन 40 लाख लोग रहते हैं।

केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि कैबिनेट की बैठक में दिल्ली की सभी अनधिकृत कालोनियों को नियमित कर उनमें रह रहे लोगों को घर का अधिकार देने का फैसला किया है। बता दें कि दिल्ली में अनधिकृत कालोनियों की संख्या करीब 1797 है जिसके चलते करीब 40 लाख लोगों को घर का मालिकाना हक मिल जाएगा। मीडिया को संबोधित करते हुए पुरी ने यह भी बताया कि सरकार के इस आदेश के बावजूद तीन ऐसी कालोनियाँ हैं जो नियमित नहीं की जाएँगी। इनमें सैनिक फार्म, महेन्द्रू एन्क्लेव और अनंतराम डेयरी शमिल हैं। उन्होंने बताया कि यह कालोनियाँ सरकारी ज़मीन, खेती की ज़मीन पर बनी हुई हैं इसलिए इनको नियमित नहीं किया जाएगा।

सरकार की ओर से बात रखते हुए पुरी ने यह बताया कि कैसे इन अनधिकृत कालोनियों में रहने वले लोगों को केंद्र सरकार के इस एक फैसले के बाद घर का मालिकाना हक मिलने से बहुत फायदा पहुँचेगा। उन्होंने कहा कि इन कालोनियों में रह रहे लोगों को ऋण लेने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार के इस फैसले से उन्हें बैंकों से ऋण लेने में समस्या नहीं आएगी।

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इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री पुरी ने दिल्ली सरकार पर भी निशाना साधा, उन्होंने दिल्ली सरकार पर हमला बोलते हुए कहा-

“आज दिल्ली-एनसीआर की आबादी 2 करोड़ से अधिक है। ग्यारह साल पहले 2008 में भी कोशिश हुई थीं मगर तब दिल्ली सरकार काम लटका रही थी। तब हमें लगा कि इस पर हमे ही कदम बढाने होंगे ये दिल्ली के लिए क्रांतिकारी कदम है। मालिकाना हक दिया जाएगा, भले ही ये कालोनी सरकारी या निजी जमीन पर बनी हो। इन कालोनी मे रहने वाले लोगो को बहुत मामूली शुल्क देना होगा। 1797 कॉलोनी हैं, कुछ पॉश कॉलोनी जैसे सैनिक फार्म, अनंत राम डेरी जैसी, कोर्ट में जिस तरह दिल्ली सरकार ने 2021 तक समय माँगा तो हमें लगा कि केंद्र सरकार को कदम उठाना चाहिए। इसके लिए जिस कंपनी को अधिकृत करना था दिल्ली सरकार को उन्होंने अभी तक किया ही नहीं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक़ दिया जाएगा।”

इस घोषणा के बाद दिल्ली बीजेपी ने जश्न मनाया। उनका कहना है कि केजरीवाल सालों से केवल भरमा रहे थे लेकिन अब केंद्र ने लाखों दिल्ली वालों को उनका हक़ दे दिया है।

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