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दिल्ली की रेस, महाकुंभ की भगदड़, औरंगजेब… CM योगी ने एक मंच से सारे सवालों के जवाब किए क्लियर, कहा- लखनऊ से गोरखपुर जाने को उत्सुक हूँ

औरंगजेब को अपना आदर्श मानने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आड़े हाथों लिया। सीएम योगी ने कहा, "अगर कोई औरंगजेब को अपना नायक और आदर्श मानता है तो मैं मानता हूं कि वह मानसिक विकृति का शिकार है। कोई सभ्य मुसलमान भी अपने पुत्र का नाम औरंगजेब नहीं रखना चाहता, क्योंकि औरंगजेब ने पिता शाहजहाँ को ही कैद कर दिया था। शाहजहाँ को एक-एक बूँद जल के तरसाया था।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी बनने की अटकलों को खारिज कर दिया है। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ से वे गोरखपुर जाना पसंद करेंगे, ना कि दिल्ली। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भगदड़ की पुष्टि एवं मृतकों के बारे में जानकारी देने में हुई देरी की भी वजह बताई। इसके साथ ही होली के दिन मुस्लिमों को अपने घरों में रहने की सलाह देने वाले संभल के CO अनुज चौधरी का भी बचाव किया।

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, “मैं कोई (प्रधानमंत्री पद का) वारिस-ऊरिस नहीं हूँ। मैं एक योगी हूँ और योगी के रूप में काम करना चाहता हूँ। भारत माता के सेवक के रूप में उत्तर प्रदेश के जनता की जिम्मेदारी मुझे दी गई है। उसी के रूप में अपना काम कर रहा हूँ। मुझे अच्छा लगेगा कि ये कार्य करते-करते मुझे गोरखपुर की तरफ जाने का अवसर मिले तो कम-से-कम अपने योगी धर्म को और आगे बढ़ा सकूँ। मैं (दिल्ली के बजाय) गोरखपुर की ओर जाने को उत्सुक ज्यादा हूँ।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कुछ अन्य नेताओं के साथ मनमुटाव पर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुलकर बात रखी। दिल्ली के केंद्रीय नेतृत्व के साथ समीकरण के सवाल पर सीएम योगी ने कहा, “मैं तो एक योगी हूँ। मेरा इक्वेशन किसी से खराब क्यों होगा? प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) जी हमारे नेता हैं। अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष या राष्ट्रीय नेतृत्व का सम्मान करना मेरा धर्म है और वह हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं।”

केंद्रीय नेतृत्व के साथ खट्टे-मीट्ठे रिश्तों के अफवाह को लेकर सीएम योगी ने आगे कहा, “जब मैंने संन्यास लिया था, तब भी लोगों ने ऐसी बातें की थीं। तब भी लोग कहते थे, टिप्पणी करते थे। हम उनकी बात सुनेंगे तो कुछ नहीं कर पाएँगे। महाकुंभ के दौरान भी इसी प्रकार का अफवाह उड़ाया जा रहा था। केंद्र के साथ हमारा तारतम्य बेहतर है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में काम करता हूँ।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल के CO अनुज चौधरी के बयान का बचाव किया। अनुज चौधरी ने कहा था कि होली साल में एक बार आती है और जुम्मा हर सप्ताह। होली के दिन जिन मुस्लिमों को रंग से दिक्कत है, वे घर से बाहर ना निकले। इस बयान को लेकर कई राजनीतिक दल और पूर्व अधिकारी अनुज चौधरी की आलोचना कर रहे थे।

इसको लेकर सीएम योगी ने कहा, “स्वाभाविक रूप से जुम्मे की नमाज हर शुक्रवार के दिन होती हैं। होली वर्ष में एक बार होती है। यही बात कही गई और प्यार से समझाई गई। …14 मार्च को होली है। 2 बजे तक होली खेलने दो और दो बजे के बाद जुम्मे की नमाज पढ़ो। जुम्मे की नमाज स्थगित भी हो सकती है। बाध्यकारी तो है नहीं कि होना ही होना है। अगर कोई व्यक्ति पढ़ना ही चाहता है तो अपने घर में पढ़ सकता है। मस्जिद जाना है तो रंग से परहेज ना करें।”

अनुज चौधरी की बात करते हुए उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी ने यही बात समझाई। हमारा वो पुलिस अधिकारी पहलवान रहा है। अर्जुन अवॉर्डी है। ओलंपियन रहा है। पहलवान की बात है तो पहलवानी की तरह बोलेगा। इससे कुछ लोगों को बुरा लगता है, लेकिन वो सच है। सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए।”

औरंगजेब को अपना आदर्श मानने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आड़े हाथों लिया। सीएम योगी ने कहा, “अगर कोई औरंगजेब को अपना नायक और आदर्श मानता है तो मैं मानता हूं कि वह मानसिक विकृति का शिकार है। कोई सभ्य मुसलमान भी अपने पुत्र का नाम औरंगजेब नहीं रखना चाहता, क्योंकि औरंगजेब ने पिता शाहजहाँ को ही कैद कर दिया था। शाहजहाँ को एक-एक बूँद जल के तरसाया था।”

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी को यूपी भेजने के अपने बयान को लेकर सीएम योगी ने कहा, “काशी विश्वनाथ, मथुरा सहित हजारों मंदिरों को तुड़वाया था। हिंदुओं पर जजिया कर लगाया था और हजारों लोगों का नरसंहार करवाया था। तो औरंगजेब को आदर्श मानना मानसिक विकृति है। तो उत्तर प्रदेश मानसिक विकृति के उपचार का सेंटर है। उत्तर प्रदेश आइए ना, हम उपचार करवाएँगे।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (8 मार्च) को मौनी अमावस्या स्नान के दिन भगदड़ और मृतकों की पुष्टि करने में देरी की वजह बताई। उन्होंने कहा कि भगदड़ रात में हुई थी और सुबह 4 बजे से ही स्नान था। इसलिए सरकार का सारा ध्यान स्नान के लिए आए 8 करोड़ श्रद्धालुओं पर था। सीएम योगी का कहने का अर्थ था कि अगर यह बात सुबह ही बता दी जाती तो श्रद्धालुओं ने बेचैनी बढ़ जाती और इसके नतीजे और भी खराब हो सकते थे।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में इस घटना के बावजूद अधिकारी वहाँ भीड़ को संभालने में व्यस्त थी। इसके साथ ही इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुँचाना भी सबसे महत्वपूर्ण था। सीएम योगी ने कहा, “घायलों को 15 मिनट के भीतर अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 65 लोगों को अस्पताल ले जाया गया था। दुर्भाग्यवश से उनमें से 30 लोगों की मृत्यु हो गई।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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