Homeराजनीतिघर लौटे श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में देंगे रोजगार, बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा होगी...

घर लौटे श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में देंगे रोजगार, बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा होगी सुनिश्चित: योगी आदित्यनाथ

"अब तक उत्तर प्रदेश में मेहनत कर अपनी जीविका चलाने वाले 23 लाख श्रमिक बहनों-भाइयों और उनके परिजनों को वापस लाया गया है। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उपयुक्त रूप से क्वारंटाइन करने, खाद्यान्न किट देने के साथ राशन कार्ड बनवाने और 1,000₹ भरण-पोषण राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।"

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोनोवायरस लॉकडाउन के बाद अन्य राज्यों से घर लौट आए प्रवासी मजदूरों को रोजगार प्रदान करने के लिए माइग्रेशन कमीशन (प्रवासी आयोग) बनाया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया, “अब तक उत्तर प्रदेश में मेहनत कर अपनी जीविका चलाने वाले 23 लाख श्रमिक बहनों-भाइयों और उनके परिजनों को वापस लाया गया है। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उपयुक्त रूप से क्वारंटाइन करने, खाद्यान्न किट देने के साथ राशन कार्ड बनवाने और 1,000₹ भरण-पोषण राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा, “उत्तर प्रदेश में आने वाले हर प्रवासी कामगार और श्रमिकों को रोजगार मिले, उनकी बराबर सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके लिए माइग्रेशन कमीशन का गठन किया जा रहा है। हम इन सभी को राज्य के भीतर रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ”प्रवासी कामगारों को राज्य स्तर पर बीमा का लाभ देने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, ऐसी कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है, जिससे इन लोगों की जॉब सिक्योरिटी प्रदेश में ही सुनिश्चित की जा सके और इन्हें मजबूर हो कर अपने घर-परिवार से दूर नौकरी की तलाश में पलायन न करना पड़े।”

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो भी राज्य चाहता है कि प्रदेश के प्रवासी कामगार उनके यहाँ वापस आएँ, उन्हें राज्य सरकार से इसकी इजाजत लेनी होगी और उन कामगारों के सामाजिक, कानूनी और आर्थिक अधिकार सुनिश्चित करने होंगे। क्योंकि अन्य राज्यों में उनके साथ दुर्व्यवहार की कई खबरें सामने आई है।

उन्होंने आगे कहा कि हम उन्हें उत्तर प्रदेश में रोजगार देंगे और उन्हें रोजगार मुहैया करवाने के लिए एक आयोग गठित होगी। साथ ही कामगारों व श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जाए और उनका सारा ब्यौरा इकट्ठा किया जाए जिसके बाद उन्हें रोजगार देकर मानदेय दिया जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मस्जिद का किया बखान, हनुमान मंदिर पर हमले की छिपाई बात: CJP की हिंसक भीड़ को पनाह न मिलने पर राणा अय्यूब जैसों की...

ग्राउंड रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की। उन्होंने बैग में पत्थर भर रखा था। इनलोगों ने कनॉट प्लेस के पास सुरक्षा बलों को निशाना बनाया।

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?
- विज्ञापन -