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योगी के मंत्री ने कहा: SC राम मंदिर पर प्राथमिकता से ले फ़ैसला, धार्मिक भावनाओं का रखे ख्याल

एस पी सिंह बघेल ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय को बहुसंख्यकों के धार्मिक भावना का ख्याल रखते हुए राम मंदिर मामले पर प्राथमिकता से फ़ैसला सुनाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन मंत्री एस पी सिंह बघेल ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने का दावा किया। कोलकता पहुँचे यूपी के पशुपालन मंत्री ने कहा, “देश के सर्वोच्च न्यायालय को बहुसंख्यकों के धार्मिक भावना का ख्याल रखते हुए राम मंदिर मामले पर प्राथमिकता से फ़ैसला सुनाना चाहिए।” मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि कोर्ट ने कई सारे महत्वपूर्ण मामलों पर रात में भी सुनवाई करके फ़ैसला सुनाया है।

ऐसे में राम मंदिर मामले की गंभीरता को समझते हुए कोर्ट जल्द से जल्द फ़ैसला सुनाए। उन्होंने आगे यह भी कहा कि यदि कोर्ट का फ़ैसला बहुसंख्यकों की भावना के ख़िलाफ़ हुआ तो बहुमत की राय के आधार पर इस मामले का हल किया जाना चाहिए।  

जानकारी के लिए आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या टाइटल सूट मामले पर सुनवाई को 10 जनवरी तक के लिए रोक दिया गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के साल 2010 के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 अपील की गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में 2.77 एकड़ ज़मीन सुन्नी वफ़्फ बोर्ड और निर्मोही आखाड़ा और राम लला के बीच बराबर बाँटने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 29 अक्टूबर 2018 को भी सुनवाई हुई थी, जिसमें तीन जजों की पीठ ने मामले पर सुनवाई की तारीख़ को आगे बढ़ा दिया था।

इसके बाद 9 मई 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाते हुए कहा था कि सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के फ़ैसले को लागू करने पर रोक रहेगी। साथ ही विवादित स्थल पर सात जनवरी 1993 वाली यथास्थिति बहाल रहेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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