HomeराजनीतिCM योगी ने सीतापुर में ₹116 और प्रतापगढ़ में ₹554 करोड़ की दी सौगात,...

CM योगी ने सीतापुर में ₹116 और प्रतापगढ़ में ₹554 करोड़ की दी सौगात, कहा- कमरे नोटों से भरे हैं ‘बबुआ’ इसलिए करते थे नोटबंदी का विरोध

“2017 से पहले, सरकार 'कब्रिस्तान' की बाउंड्री पर पैसा खर्च करती थी, लेकिन अब पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है... पहले सरकार की संकीर्ण सोच थी और केवल अपने परिवारों के लिए सोचती थी, लेकिन हमारे लिए 135 करोड़ आबादी एक परिवार है।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (27 दिसंबर 2021) को जनपद सीतापुर और प्रतापगढ़ में कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने सीतापुर में ₹116 करोड़ की लागत की 83 विकास परियोजना और प्रतापगढ़ में ₹554 करोड़ की 378 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया।

इस दौरान उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर भी जमकर निशाना साधा। सीतापुर में जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर केवल भारतीय जनता पार्टी ही कार्य कर सकती है और भारतीय जनता पार्टी ने यह कार्य करके दिखाया भी है। 

उन्होंने कहा, “लंबे समय तक शासन करने वाली कॉन्ग्रेस, सपा और बसपा की विकासपरक सोच नहीं थी। कॉन्ग्रेस पार्टी से पूछा जाना चाहिए कि उसने प्रदेश और देश में साढ़े 5 दशक तक शासन किया फिर प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं बन पाया?”

सीएम ने कहा, “2017 से पहले, सरकार ‘कब्रिस्तान’ की बाउंड्री पर पैसा खर्च करती थी, लेकिन अब पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है… पहले सरकार की संकीर्ण सोच थी और केवल अपने परिवारों के लिए सोचती थी, लेकिन हमारे लिए 135 करोड़ आबादी एक परिवार है।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “आज पैसा दीवारों से निकल रहा है, कमरे नोटों से भरे पड़े हैं। अब जनता को समझ में आ रहा होगा कि बबुआ नोटबंदी का विरोध क्यों करता था। आज गरीबों के मकान बन रहे हैं। पहले यह पैसा कहाँ चला जाता था? यह गरीबों का ही पैसा है, जो सपा, बसपा और कॉन्ग्रेस के नेता लूटकर अपने घरों को बनाते थे।”

वहीं प्रतापगढ़ में सीएम योगी ने कहा, “पहले सरकार में गरीबों, विधवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी क्योंकि उन्होंने केवल वोट बैंक की राजनीति की थी। उन्हें लगा कि ‘राम भक्तों’ पर गोली चलाने से उन्हें वोट मिलेगा, इसलिए उन्होंने ऐसा किया। हमने कहा, हम राम मंदिर बनाएँगे और हमने उसे पूरा किया। यह फर्क है।”

इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस, सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि शिलान्यास करके सारे काम अधूरे छोड़ने वाले को मौका नहीं दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में परिवारवाद को तरजीह देने को लेकर भी उन पर हमला बोला। उन्होंने कॉन्ग्रेस को भाई-बहन की, सपा को चाचा-भतीजे की तो बसपा को बुआ-भतीजे की पार्टी बताया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Uber, ओला, Rapido… एक ही जगह का किराया बार-बार क्यों बदलता रहता है?, कैसे बचाएँ अपनी जेब के पैसे

ओला, Uber या Rapido जैसी ऐप्स का सिस्टम एक ऐसे एल्गोरिदम से चलता है जिसे सिर्फ मुनाफा और संतुलन समझ आता है। जानें कैसे स्मार्ट यूजर बनें।

सिनेमाई परदे पर यूरोप की सुलगती हकीकत है Citizen Vigilante Movie: समझें- क्यों परेशान हैं दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी और लेफ्ट लिबरल?

लिबरल और वामपंथी समीक्षक 'सिटीजन विजिलांते' फिल्म को चाहे कितनी भी कम रेटिंग क्यों न दें, इस फिल्म ने अपना काम कर दिया है।
- विज्ञापन -