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वरुण गाँधी के कॉन्ग्रेस में शामिल होने की अटकलें, राहुल गाँधी ने कहा – पता नहीं

वरुण के कॉन्ग्रेस से जुड़ने की अटकलों को प्रियंका गाँधी के दो दिन पहले बुधवार को राजनीति में आने के औपचारिक ऐलान के बाद और बल मिला। प्रियंका के साथ वरुण के संबंध 'अच्‍छे' बताए जाते हैं।

लोकसभा चुनाव-2019 के नज़दीक आते ही अटकलों का बाज़ार तेज़ हो गया है। सियासी कॉरिडोर से लेकर आम जन-मानस भी उत्सुकता से हर ख़बर, सनसनी या अटकल पर पूरी तरह चौकन्ना है। इससे पहले प्रियंका की राजनितिक एंट्री भी एक अटकल ही थी, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें उत्तर प्रदेश का महासचिव बना कर, वहाँ के राजनीतिक समीकरण में अपनी तरफ़ से ख़ासा बदलाव के संकेत दे चुकी है।

ताज़ा क़यास वरुण गाँधी के बीजेपी से नाराज़ होने के लगाए जा रहे थे। पिछले कुछ समय से बीजेपी में वरुण गाँधी अलग-थलग चल रहे हैं। ऐसी चर्चा भी है कि वरुण गाँधी को बीजेपी में ख़ास भाव नहीं दिया जा रहा, जिससे वो कुछ उखड़े हुए से हैं।

इसकी बानगी पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान भी देखने को मिला क्योंकि उन्होंने बीजेपी के लिए न ताबड़तोड़ रैलियाँ की और न ही अपनी तरफ़ से कहीं कोई सक्रियता दिखाई। यहीं से अनुमान लगाने वालों ने कहीं न कहीं, कुछ न कुछ खटपट होने अनुमान लगाया।

हालाँकि, ओडिशा के दौरे पर गए कॉन्ग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गाँधी से जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गाँधी के कॉन्ग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर सवाल किया गया। इसके जवाब में राहुल गाँधी ने कहा, “मैंने ये अटकलें नहीं सुनी हैं, मुझे इस बात की फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं है।”

वरुण के कॉन्ग्रेस से जुड़ने की अटकलों को प्रियंका गाँधी के दो दिन पहले बुधवार को राजनीति में आने के औपचारिक ऐलान के बाद और बल मिला। ऐसा कहा जाता है कि प्रियंका के साथ वरुण के संबंध बहुत ‘अच्‍छे’ हैं।

बता दें कि वरुण गाँधी, राहुल गाँधी के चचेरे भाई हैं जो भारतीय जनता पार्टी से सांसद हैं। वरुण उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। वरुण गाँधी की माँ मेनका गाँधी महिला और बाल विकास मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्री हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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