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चुनाव आयोग की सिफारिश पर वेल्लोर चुनाव रद्द, द्रमुक नेता के पास से बरामद हुए थे ₹11 करोड़ से ज़्यादा

अब चुनाव आयोग 23 उम्मीदवारों वाली इस सीट पर चुनाव के लिए नई तारीख तय करेगा। इस बीच तमिलनाडु में ₹500 करोड़ की नकदी और सोना बरामद किया जा चुका है।

चुनाव आयोग ने चुनावी भ्रष्टाचार पर चाबुक चलाते हुए वेल्लोर के लोकसभा चुनावों को फ़िलहाल रद्द करवा दिया है। ऐसा लोकसभा क्षेत्र के द्रमुक उम्मीदवार से जुड़े सीमेंट गोदाम से कथित तौर पर ₹11.5 करोड़ की नकदी बरामद होने के बाद किया गया है। भारत के चुनावी इतिहास में यह पहली घटना है जब भ्रष्टाचार की आशंका के चलते किसी सीट पर लोकसभा मतदान रद्द किए जा रहे हैं। मीडिया में कथन जारी करते हुए चुनाव आयोग ने अपनी इस सफलता की जानकारी दी।

राष्ट्रपति से की थी अनुशंसा, तमिलनाडु से अब तक ₹500 करोड़ की नकदी और सोना बरामद

चुनाव आयोग ने गत 14 अप्रैल को राष्ट्र्पति रामनाथ कोविंद से वेल्लोर के चुनाव रद्द करने की सिफारिश की थी, जिसे उन्होंने विचार करने के उपरांत स्वीकार कर लिया है। वेल्लोर में लोकसभा चुनावों के दूसरे चरण के अंतर्गत तमिलनाडु की बाकी 38 सीटों सहित 18 अप्रैल को चुनाव होना था

अब चुनाव आयोग 23 उम्मीदवारों वाली इस सीट पर चुनाव के लिए नई तारीख तय करेगा। इस बीच तमिलनाडु में ₹500 करोड़ की नकदी और सोना बरामद किया जा चुका है। इसके अलावा जिले की पुलिस ने आयकर विभाग, जिसने यह छापा और बरामदगी की थी, की 10 अप्रैल की रिपोर्ट पर आरोपियों, डीएम कातिर आनंद व दो द्रमुक पदाधिकारियों, के खिलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। आनंद द्रमुक के वरिष्ठ नेता दुरई मुरुगन के बेटे हैं।

‘लोकतंत्र की हत्या’: द्रमुक

वहीं द्रमुक ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। पार्टी ने मतदान रद्द करने के निर्णय को चुनौती देने की बात भी कही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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