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BJP की 250 सीटें आती तो आंध्र को विशेष दर्जे की शर्त पर ही देते समर्थन: जगन रेड्डी

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि वह प्रधानमन्त्री से पहली बार मिल रहे हैं लेकिन अगले पाँच वर्षों में वह पीएम से 30, 40 या 50 बार भी मिल सकते हैं, ताकि वह आंध्र को विशेष दर्जा दिए जाने की माँग से उन्हें लगातार अवगत कराते रहें।

आंध्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने भाजपा को बहुमत मिलने पर अफ़सोस जताया है। हालाँकि, उन्होंने पीएम मोदी से मिल कर उन्हें शुभकामनाएँ दी और अपने शपथ ग्रहण समारोह में आने का निमंत्रण भी दिया। आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू को हरा कर मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार जगन मोहन रेड्डी वाईएसआर कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी पार्टी का नामकरण अपने पिता के नाम पर किया था। प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद रेड्डी ने कहा कि अगर भाजपा को 250 सीटें मिली होती तो वह आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने सम्बन्धी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए बिना समर्थन नहीं देते।

जगन रेड्डी ने कहा कि अगर भाजपा को 205 से कम सीटें आती तो उन्हें केंद्र सरकार पर निर्भर नहीं रहना होता। जगन ने कहा कि अब भाजपा को अन्य दलों की ज़रूरत नहीं है, इसीलिए उनसे जो हो सकता था वह कर रहे हैं और उन्होंने पीएम से मिल कर आंध्र की स्थिति से उन्हें अवगत कराया।

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि वह प्रधानमन्त्री से पहली बार मिल रहे हैं लेकिन अगले पाँच वर्षों में वह पीएम से 30, 40 या 50 बार भी मिल सकते हैं, ताकि वह आंध्र को विशेष दर्जा दिए जाने की माँग से उन्हें लगातार अवगत कराते रहें। रेड्डी ने कहा कि वह पूरे कार्यकाल के दौरान पीएम को ये बात याद दिलाते रहेंगे। बता दें कि 175 सदस्यीय विधानसभा में 151 सीटें लाकर वाईएसआर कॉन्ग्रेस ने चंद्रबाबू नायडू की पार्टी का लगभग सूपड़ा साफ़ कर दिया है।

चंद्रबाबू नायडू विपक्षी दलों की गोलबंदी के लिए लगातार दौरे कर रहे थे और अहम विपक्षी नेताओं से मुकलाकत कर रहे थे। अब उनकी सीएम की कुर्सी भी नहीं बची है। जगन मोहन रेड्डी जब आज रविवार (मई 26, 2019) को पीएम से मिलने पहुँचे, तब दोनों नेताओं के बीच काफ़ी गर्मजोशी देखने को मिली। पीएम ने उन्हें गले लगा कर शुभकामना दी। वाईएसआर कॉन्ग्रेस के अन्य नेताओं के साथ दिल्ली पहुँचे जगन ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाक़ात की।

विजयवाड़ा में हुई बैठक में सर्वसम्मति से पार्टी के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद जगन मोहन ने राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया। नवंबर 2010 में कॉन्ग्रेस से नाराज़गी के कारण गठित पार्टी को मुख्य विपक्षी दल से लेकर सत्तारूढ़ दल तक के सफर में जगन ने आंध्र का गहन दौरा किया और कई जनसभाएँ सम्बोधित की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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