Homeराजनीतिबंगाल में दिलीप घोष के काफिले पर क्रूड बम और पत्थर से हमला, बीजेपी...

बंगाल में दिलीप घोष के काफिले पर क्रूड बम और पत्थर से हमला, बीजेपी ने बताया- TMC के ‘गुंडों’ का हाथ

जब दिलीप घोष कूचबिहार के सितलकुची में एक चुनावी सभा समाप्त करके दूसरी सभा के लिए जा रहे थे तब उनकी गाड़ी पर हमला हुआ। भाजपा अध्यक्ष घोष ने आरोप लगाया है कि तृणमूल का झण्डा लिए हुए कुछ लोगों ने उन पर क्रूड बम फेंके। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गाड़ी पर ईंट मारी गई जिससे उनके कंधे पोर चोट आई है।

बुधवार (7, अप्रैल) को पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर हमला हुआ। यह हमला तब हुआ जब घोष कूचबिहार के सितलकुची में एक चुनावी सभा से लौट रहे थे। आरोप है कि हमला तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया है। 

मीडिया खबरों के अनुसार जब दिलीप घोष कूचबिहार के सितलकुची में एक चुनावी सभा समाप्त करके दूसरी सभा के लिए जा रहे थे तब उनकी गाड़ी पर हमला हुआ। भाजपा अध्यक्ष घोष ने आरोप लगाया है कि तृणमूल का झण्डा लिए हुए कुछ लोगों ने उन पर क्रूड बम फेंके। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गाड़ी पर ईंट मारी गई जिससे उनके कंधे पोर चोट आई है। घोष ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान कोई भी पुलिस कर्मी वहाँ मौजूद नहीं था।

बंगाल में चौथे चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार तेज हो गया है। राज्य में 10 अप्रैल को चौथे चरण के मतदान के लिए वोट डाले जाएँगे। इस चरण में 44 सीटों के लिए मतदान होगा।

दिलीप घोष ने आगे कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और इस प्रकार के हमले से वे अभ्यस्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह हमला इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत से इस क्षेत्र में चुनाव जीतने की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हिंसा आने वाले दिनों में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिलीप घोस ने मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि इस प्रकार की हिंसा के लिए सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री और तृणमूल नेत्री पूरी तरह जिम्मेदार हैं। जिस प्रकार मुख्यमंत्री जनसभाओं में लोगों को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को सबक सिखाने के लिए आह्वान करती हैं यह उसी का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटना से भारतीय जनता पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को डराया नहीं जा सकता है। घोष ने बताया कि उनके काफिले पर हमला को लेकर केंद्रीय नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया है और उनसे विस्तार पूर्वक बातचीत हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -