Sunday, June 23, 2024
Homeराजनीतिपश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले TMC के दिग्गज नेता हो रहे बागी: नेताओं...

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले TMC के दिग्गज नेता हो रहे बागी: नेताओं के इस्तीफे ने बढ़ाई CM ममता की चिंता

तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोकप्रिय नेता और परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बगावती तेवर दिखाते हुए नंदीग्राम दिवस पर टीएमसी से अलग रैली की। अधिकारी की रैली में सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर भी नहीं थे। यहीं नहीं उन्होंने अपनी रैली में भारत माता की जय के नारे भी लगाए। माना जा रहा कि वह भाजपा की ओर रुख कर सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले ही ममता बनर्जी के खेमे में बगावत की सुगबुगाहट नज़र आ रही है। धीरे-धीरे टीएमसी के दिग्गज नेता पार्टी से बागी होते हुए नजर आ रहे है। जहाँ नंदीग्राम और सिंगूर आंदोलन में ममता के साथ रहे सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी छोड़ दी थी वहीं अब रबीन्द्रनाथ भट्टाचार्जी ने पार्टी से इस्तीफा देने की बात कह दी है।

बता दें तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोकप्रिय नेता और परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बगावती तेवर दिखाते हुए नंदीग्राम दिवस पर टीएमसी से अलग रैली की। अधिकारी की रैली में सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर भी नहीं थे। यहीं नहीं उन्होंने अपनी रैली में भारत माता की जय के नारे भी लगाए। माना जा रहा कि वह भाजपा की ओर रुख कर सकते हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी के एमपी कल्याण बंद्योपाध्याय (Kalyan Bandyopadhyay) ने पार्टी की जिला समिति और सिंगूर सहित 31 ब्लॉक और नगर समितियों की घोषणा की थी। इसमें रवींद्रनाथ समर्थक महादेव दास को पार्टी की सिंगूर ब्लॉक समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। महादेव को भट्टाचार्जी का करीबी माना जाता है। बता दें भट्टाचार्जी ने टाटा के नैनो कारखाने के खिलाफ TMC के आंदोलन में ममता का साथ दिया था। इस आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

वहीं हरिपाल से विधायक बेचाराम मन्ना ने भी गुरुवार को पार्टी में चल रहे मतभेदों को देखते हुए इस्तीफा दे दिया। क्योंकि ऐसा ही बदलाव उनके इलाके में भी हुआ है। पार्टी नेताओं के बदलते रुख को देखते हुए टीएमसी में हलचल मच गई है।

तृणमूल नेतृत्व मामले की गंभीरता को देखते हुए मन्ना को मनाने में जुट गई। जिसके बाद भी मन्ना ने इस्तीफा देने का मन बना लिया। पार्टी के महासचिव सुब्रत बख्शी ने कोलकाता में तृणमूल कॉन्ग्रेस मुख्यालय में मन्ना को बुलाया और कथित तौर पर, ‘इस्तीफे को वापस लेने और दिमाग शांत रखने’ के लिए कहा।

कथिततौर पर मुन्ना का गुस्सा हाल ही में हुए घटनाक्रमों के मद्देनजर भी था। शुक्रवार सुबह उत्तरपारा के विधायक, प्रबीर घोषाल ने मन्ना से उनके आवास पर उनसे बात करते हुए बताया था, “दोनों नेताओं के बीच गलतफहमी थी, लेकिन मेरा मानना है कि मामला अब सुलझ गया है। अब कोई समस्या नहीं हैं। मन्ना सिंगूर आंदोलन का चेहरा हैं और पार्टी इसे स्वीकार करती है।”

वहीं विधायक मुन्ना ने मामले को लेकर मीडिया से किसी प्रकार की बातचीत नहीं की है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि मन्ना अभी भी पार्टी से खुश नहीं हैं।

गौरतलब है कि टीएमसी के नेताओं के रवैये को देखते हुगली से बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने ममता सरकार पर तंज कसा है। चटर्जी ने कहा, “तृणमूल कॉन्ग्रेस अब गुटबाजी से लड़ रही है। हुगली में टीएमसी नेता यह जानते हुए बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं कि पार्टी यहाँ अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई। सिंगूर ने ममता को सत्ता दिलाई थी और यही जगह उनसे सत्ता छीनेगी भी।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘चोर औरंगजेब’ की मौत को लेकर खौफ में हिंदू परिवार, व्यापार समेटकर कहीं और बसने की तैयारी: ऑपइंडिया को बताया अलीगढ़ में अब क्यों...

अलीगढ़ के कथित चोर औरंगज़ेब की मौत मामले में नामजद हिन्दू व्यापारियों के परिजन अब व्यापार समेट कर कहीं और बसने का मन बना रहे हैं।

NEET पेपरलीक का मास्टरमाइंड निकाल बिहार का लूटन मुखिया, डॉक्टर बेटा भी जेल में: पत्नी लड़ चुकी है विधानसभा चुनाव, नौकरी छोड़ खुद बना...

नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड में से एक संजीव उर्फ लूटन मुखिया। वह BPSC शिक्षक बहाली पेपर लीक कांड में जेल जा चुका है। बेटा भी जेल में है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -