Sunday, October 17, 2021
Homeराजनीतिपश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले TMC के दिग्गज नेता हो रहे बागी: नेताओं...

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले TMC के दिग्गज नेता हो रहे बागी: नेताओं के इस्तीफे ने बढ़ाई CM ममता की चिंता

तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोकप्रिय नेता और परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बगावती तेवर दिखाते हुए नंदीग्राम दिवस पर टीएमसी से अलग रैली की। अधिकारी की रैली में सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर भी नहीं थे। यहीं नहीं उन्होंने अपनी रैली में भारत माता की जय के नारे भी लगाए। माना जा रहा कि वह भाजपा की ओर रुख कर सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले ही ममता बनर्जी के खेमे में बगावत की सुगबुगाहट नज़र आ रही है। धीरे-धीरे टीएमसी के दिग्गज नेता पार्टी से बागी होते हुए नजर आ रहे है। जहाँ नंदीग्राम और सिंगूर आंदोलन में ममता के साथ रहे सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी छोड़ दी थी वहीं अब रबीन्द्रनाथ भट्टाचार्जी ने पार्टी से इस्तीफा देने की बात कह दी है।

बता दें तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोकप्रिय नेता और परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बगावती तेवर दिखाते हुए नंदीग्राम दिवस पर टीएमसी से अलग रैली की। अधिकारी की रैली में सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर भी नहीं थे। यहीं नहीं उन्होंने अपनी रैली में भारत माता की जय के नारे भी लगाए। माना जा रहा कि वह भाजपा की ओर रुख कर सकते हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी के एमपी कल्याण बंद्योपाध्याय (Kalyan Bandyopadhyay) ने पार्टी की जिला समिति और सिंगूर सहित 31 ब्लॉक और नगर समितियों की घोषणा की थी। इसमें रवींद्रनाथ समर्थक महादेव दास को पार्टी की सिंगूर ब्लॉक समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। महादेव को भट्टाचार्जी का करीबी माना जाता है। बता दें भट्टाचार्जी ने टाटा के नैनो कारखाने के खिलाफ TMC के आंदोलन में ममता का साथ दिया था। इस आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

वहीं हरिपाल से विधायक बेचाराम मन्ना ने भी गुरुवार को पार्टी में चल रहे मतभेदों को देखते हुए इस्तीफा दे दिया। क्योंकि ऐसा ही बदलाव उनके इलाके में भी हुआ है। पार्टी नेताओं के बदलते रुख को देखते हुए टीएमसी में हलचल मच गई है।

तृणमूल नेतृत्व मामले की गंभीरता को देखते हुए मन्ना को मनाने में जुट गई। जिसके बाद भी मन्ना ने इस्तीफा देने का मन बना लिया। पार्टी के महासचिव सुब्रत बख्शी ने कोलकाता में तृणमूल कॉन्ग्रेस मुख्यालय में मन्ना को बुलाया और कथित तौर पर, ‘इस्तीफे को वापस लेने और दिमाग शांत रखने’ के लिए कहा।

कथिततौर पर मुन्ना का गुस्सा हाल ही में हुए घटनाक्रमों के मद्देनजर भी था। शुक्रवार सुबह उत्तरपारा के विधायक, प्रबीर घोषाल ने मन्ना से उनके आवास पर उनसे बात करते हुए बताया था, “दोनों नेताओं के बीच गलतफहमी थी, लेकिन मेरा मानना है कि मामला अब सुलझ गया है। अब कोई समस्या नहीं हैं। मन्ना सिंगूर आंदोलन का चेहरा हैं और पार्टी इसे स्वीकार करती है।”

वहीं विधायक मुन्ना ने मामले को लेकर मीडिया से किसी प्रकार की बातचीत नहीं की है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि मन्ना अभी भी पार्टी से खुश नहीं हैं।

गौरतलब है कि टीएमसी के नेताओं के रवैये को देखते हुगली से बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने ममता सरकार पर तंज कसा है। चटर्जी ने कहा, “तृणमूल कॉन्ग्रेस अब गुटबाजी से लड़ रही है। हुगली में टीएमसी नेता यह जानते हुए बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं कि पार्टी यहाँ अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई। सिंगूर ने ममता को सत्ता दिलाई थी और यही जगह उनसे सत्ता छीनेगी भी।”

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘और गिरफ़्तारी की बात मत करो, वरना सरेंडर करने वाले साथियों को भी छुड़ा लेंगे’: निहंगों की पुलिस को धमकी, दलित लखबीर को बताया...

दलित लखबीर की हत्या पर निहंग बाबा राजा राम सिंह ने कहा कि हमारे साथियों को मजबूरन सज़ा देनी पड़ी, क्योंकि किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।

CPI(M) सरकार ने महादेव मंदिर पर जमाया कब्ज़ा, ताला तोड़ घुसी पुलिस: केरल में हिन्दुओं का प्रदर्शन, कइयों ने की आत्मदाह की कोशिश

श्रद्धालुओं के भारी विरोध के बावजूद केरल की CPI(M) सरकार ने कन्नूर में स्थित मत्तनूर महादेव मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,325FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe