Sunday, September 1, 2024
Homeराजनीतिपश्चिम बंगाल: हल्दिया में दवाओं की कमी, सप्लाई चेन बाधित, आजीविका प्रभावित: रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल: हल्दिया में दवाओं की कमी, सप्लाई चेन बाधित, आजीविका प्रभावित: रिपोर्ट

“हम पुलिस को लाइसेंस दिखाते हैं और उनसे अनुरोध करते हैं कि वे बाजार में सामान की अनुमति दें, लेकिन वे अनुमति नहीं देते हैं। हमें माल और अन्य उपज का आयात करना मुश्किल लगता है। अगर यह बाजार में आता है, तो हम उत्पादों को किसी तरह बेच पाएँगे।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रतिबंधों की वजह से राज्य के कुछ हॉटस्पॉट (माइक्रोस्पॉट) दवा की कमी से जूझ रहा है। ममता बनर्जी सरकार के प्रतिबंध की वजह से कुछ इलाकों में आवश्यक दवाएँ भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ताजा आँकड़ों की बात करें तो अभी तक राज्य में 339 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, जबकि 12 लोगों की जान चली गई है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में तीन रेड जोन जिलों की पहचान की है, जिनका नाम है- हावड़ा, उत्तर 24 परगना, और कोलकाता। वे 30 अप्रैल तक पूरी तरह से लॉकडाउन में रहेंगे। रेड जोन क्षेत्रों को माइक्रोस्पॉट के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यहाँ पर सख्त प्रतिबंध लागू किए जाएँगे। ऐसे जगहों पर बाहरी लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है। यहाँ पर केवल अधिकृत व्यक्तियों द्वारा एक खास समय में आवश्यक सामानों की आपूर्ति करवाई जा सकती है।

लॉकडाउन की अवधि में विस्तार ने माइक्रोस्पॉट में दुकानदारों की असुविधा को बढ़ा दिया है। प्रतिबंधों के कारण वे किसानों से माल प्राप्त करने में असमर्थ हैं। अजय साहू नाम के एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “हम पुलिस को लाइसेंस दिखाते हैं और उनसे अनुरोध करते हैं कि वे बाजार में सामान की अनुमति दें, लेकिन वे अनुमति नहीं देते हैं। हमें माल और अन्य उपज का आयात करना मुश्किल लगता है। अगर यह बाजार में आता है, तो हम उत्पादों को किसी तरह बेच पाएँगे।”

पश्चिम बंगाल में हल्दिया शहर में एक तेलंगाना निवासी के 24 मार्च को आने के बाद से कोरोना संक्रमण फैल गया। यह आदमी निजामुद्दीन के मरकज में आयोजित मजहबी सभा में भाग लेने के बाद हल्दिया आया था। यह यहाँ पर हल्दिया डॉक में काम करता था। शहर में चीनी वायरस के कई मामलों का पता चलने के बाद कई क्षेत्रों को अब ‘माइक्रोस्पॉट्स’ के रूप में चिह्नित किया गया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में लॉकडाउन के दौरान लोगों से प्रशासन के साथ सहयोग करने के आग्रह करने के अलावा SDPO (हल्दिया) तन्मय मुखर्जी ने क्षेत्र में आवश्यक दवाओं की भारी कमी को स्वीकार किया। एक स्थानीय निवासी बिशन सिंह ने अपनी दास्तान साझा करते हुए कहा, “हमें ब्लड प्रेशर की दवा नहीं मिल रही है। इस क्षेत्र में पुलिस बहुत सख्त है। सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है। मैं सरकार से मदद करने का अनुरोध करता हूँ क्योंकि मेरे पिता बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से पीड़ित हैं। मैं एक निजी कंपनी में काम करता हूँ। मुझे इस बात का भी भरोसा नहीं है कि मुझे मेरा अगला वेतन मिलेगा या नहीं।”

इसके अलावा, हॉटस्पॉट्स के भीतर सीमित आवाजाही के कारण, किराने की दुकानों की आपूर्ति में कमी है। सप्लाई चेन टूटने से स्थानीय निवासियों की शिकायतों में इजाफा हुआ है। पुलिस और सरकार द्वारा बार-बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के अपील करने के बावजूद इसके उल्लंघन की वजह से कोरोना महामारी में इजाफा हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जनता की समस्याएँ सुन रहे थे गिरिराज सिंह, AAP पार्षद शहज़ादुम्मा सैफी ने कर दिया हमला: दाढ़ी-टोपी का नाम ले बोले केंद्रीय मंत्री –...

शहजादुम्मा मूल रूप से बेगूसराय के लखमिनिया का रहने वाला है। वह आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है जो वर्तमान में लखमिनिया से वार्ड पार्षद भी है।

चुनाव आयोग ने मानी बिश्नोई समाज की माँग, आगे बढ़ाई मतदान और काउंटिंग की तारीखें: जानिए क्यों राजस्थान में हर वर्ष जमा होते हैं...

बिश्नोई समाज के लोग हर वर्ष गुरु जम्भेश्वर को याद करते हुए आसोज अमावस्या मनाते है। राजस्थान के बीकानेर में वार्षिक उत्सव में भाग लेते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -