93.6% की धोखाधड़ी वाला ‘आरती घोटाला’: बुरे फँसे चिदंबरम-पुत्र, गरीब महिलाओं का विरोध प्रदर्शन

"कृपया ₹500 की इतनी छोटी राशि के लिए चिंता न करें। हमें वोट दें, हम सुनिश्चित करेंगे कि बैंक खातों के माध्यम से ₹6,000 प्रति माह आपके घर तक पहुँचे।"

पूर्व मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम का नाम आए दिन सुर्खियाँ बटोरता है, जिसमें वो अपनी विवादित छवि के लिए चर्चित रहते हैं। इस बार एक नए विवाद में तमिलनाडु के मदुरै में कुछ महिलाओं ने मिलकर उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोला है। कथित तौर पर, कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्ति के आगमन पर ‘आरती की व्यवस्था’ की थी। इसके लिए 25 महिलाओं को ₹500 (प्रत्येक को) देने का वादा किया गया था, लेकिन वादा ख़िलाफ़ी करते हुए महिलाओं को केवल ₹800 दिए गए और कहा गया कि इन्हें आपस में बाँट लो। इस हिसाब से प्रत्येक महिला के हिस्से में मात्र ₹32 आते हैं। यानी 468 रुपए का घाटा = 93.6% का घाटा।

ख़ुद के साथ हुए इस अन्याय के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के लिए सभी महिलाएँ एकजुट हुईं और अपनी आवाज़ बुलंद करने का निर्णय लिया।

कार्ति के आगमन पर, जब उन्होंने सबके खातों में सीधे ₹6,000 प्रतिमाह देने का वादा किया, तो उनमें से एक महिला ने पूछा कि जब वह वादा किए हुए ₹500 भी नहीं दे सकते, तो भला वो ₹6,000 कैसे देंगे।

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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्ति ने कहा, “कृपया ₹500 की इतनी छोटी राशि के लिए चिंता न करें। हमें वोट दें, हम सुनिश्चित करेंगे कि बैंक खातों के माध्यम से ₹6,000 प्रति माह आपके घर तक पहुँचे।”

बता दें कि एयरसेल-मैक्सिस मामले में CBI द्वारा दायर आरोप पत्र में पिता-पुत्र (पी चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम) की जोड़ी को आरोपी बनाया गया है। पिछले साल अक्टूबर में, प्रवर्तन निदेशालय ने INX मीडिया मामले के संबंध में कार्ति चिदंबरम की ₹54 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया था।

ख़बर के अनुसार, कार्ति को शिवगंगा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस द्वारा टिकट दिए जाने पर पार्टी के भीतर काफी हंगामा हुआ। हालाँकि, कार्ति का कहना है कि पार्टी द्वारा टिकट दिया जाना उनकी ‘कड़ी मेहनत’ का नतीजा है, उन्हें भाई-भतीजावाद की वजह से टिकट नहीं मिला है। इसके अलावा कार्ति चिदंबरम को यह भी कहते हुए भी सुना गया कि गठबंधन अपनी जीत के माध्यम से अपनी शिवगंगा सीट को बरक़रार रखेगा।

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