Homeराजनीतिबाबर की औलाद को देश सौंपना चाहते हैं क्या: योगी आदित्यनाथ

बाबर की औलाद को देश सौंपना चाहते हैं क्या: योगी आदित्यनाथ

"एक तरफ देश को राम कृष्ण की परम्परा को आगे बढ़ने वाले लोग हैं दूसरी तरफ वो हैं जो खुद को बाबर की औलाद कहते हैं। आप 'बाबर की औलाद को देश सौंपना चाहते हैं क्या?' कानून की उन्नति की वजह से आज कोई प्रदेश में दंगा करने का प्रयास नहीं कर सकता। अखिलेश राज में मंदिरों का बुरा हाल था।”

पिछले दिनों आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे का प्रतिबन्ध लगा दिया था। यह अवधि समाप्त होते ही योगी फिर से चुनाव प्रचार में सक्रीय हो गए हैं। हालाँकि, रिपोर्ट के अनुसार, वह संभल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए फिर कुछ ऐसा बोल गए जिस पर नया विवाद खड़ा हो सकता है। जनसभा में योगी ने कहा, “एक तरफ देश को राम कृष्ण की परम्परा को आगे बढ़ने वाले लोग हैं दूसरी तरफ वो हैं जो खुद को बाबर की औलाद कहते हैं। आप ‘बाबर की औलाद को देश सौंपना चाहते हैं क्या?’ कानून की उन्नति की वजह से आज कोई प्रदेश में दंगा करने का प्रयास नहीं कर सकता। अखिलेश राज में मंदिरों का बुरा हाल था।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनके लिए राजनीति अपनी जगह है और आस्था अपनी जगह। यही वजह है कि 72 घंटे के बैन के बीच भी उन्होंने आस्था के लिए जगह निकाल ली। इस दौरान वो लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी के मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए गए।

बता दें कि इससे पहले उनके बयान, “उनके साथ अली हैं तो हमारे साथ बजरंग बली हैं” चुनाव आयोग ने इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उन पर 72 घंटों का प्रतिबन्ध लगा चुका है।

अब जब योगी आदित्यनाथ प्रतिबन्ध के बाद पहली जनसभा को संबोधित कर रहे थे तो इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा, सपा-बसपा परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली पार्टियाँ हैं। योगी ने यह भी कहा कि जनता बजरंग बली के विरोधियों को हराएगी।  

बता दें कि संभल से बीजेपी ने परमेश्वर लाल सैनी को टिकट दिया है। वहीं सपा-बसपा-रालोद गठबंधन से शफिकुर रहमान बर्क को चुनाव मैदान में उतरा गया है, कॉन्ग्रेस की तरफ से जेपी सिंह चुनाव मैदान में हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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