‘गालीबाज’ ओमप्रकाश राजभर सहित 8 नेता तत्काल प्रभाव से बर्खास्त: एक्शन में CM योगी

ओमप्रकाश राजभर योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण-दिव्यांग जन कल्याण मंत्री थे। राजभर को राज्यपाल राम नाईक द्वारा बर्खास्त करने के पीछे...

उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से ओमप्रकाश राजभर को राज्यपाल राम नाईक द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। ओमप्रकाश योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण-दिव्यांग जन कल्याण मंत्री हैं। राजभर उत्तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष भी हैं। बीते कुछ समय से ओमप्रकाश अपनी जिद के कारण सत्तारुढ़ व सहयोगी पार्टी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ खुलकर बोलते नजर आए थे। जिस कारण पार्टी की साख को नुकसान पहुँच रहा था। राजभर से पूर्व एसबीएसपी के अन्य सदस्यों को भी तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाया जा चुका है।

राजभर द्वारा लगातार विवादस्पद बयान देने के कारण योगी आदित्यनाथ को अपनी सहयोगी पार्टी के अध्यक्ष के लिए यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। हालाँकि, लोकसभा चुनाव से पहले ओम प्रकाश राजभर ने खुद मंत्रालय से इस्तीफ़ा दिया था लेकिन उस समय इसे स्वीकारा नहीं गया था।

राज्यपाल द्वारा बर्खास्त किए जाने पर राजभर का कहना है, “मैंने तो पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया था, अब उनका जो मन हो वह करें। वह कह रहे थे कि हम उनकी पार्टी से चुनाव लड़ें, ऐसा करने पर तो हमारी पार्टी का अस्तित्व खत्म हो जाता। जिस विचार को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, वह खत्म हो जाता।”

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

बता दें कि राजभर की पार्टी ने 2017 में भाजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था और पार्टी से उनके 4 विधायक भी चुने गए थे। लेकिन सरकार बनने के बाद राजभर के सुर बिगड़ने लगे। पहले अफसरों की सिफारिश न सुनने पर उन्होंने हंगामा किया और बाद में अपने बेटों को पद दिलाने पर अड़ गए। हालाँकि भाजपा उनके बयानों को लगातार नजरअंदाज करती रही। भाजपा के बड़े नेताओं ने उन्हें समझाने की भी कोशिश की लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी।

चुनावों के दौरान उन्होंने सीटों की माँग को लेकर धीरे-धीरे सभी हदें पार कर दीं। वे घोसी समेत 2 लोकसभा सीटों का टिकट अपने दल के लिए माँगने लगे। भाजपा इतने के बावजूद भी उन्हें घोसी से टिकट देने के लिए राजी हो गई थी लेकिन बीजेपी ने इन सीटों पर उनसे अपने पार्टी (भाजपा) के सिंबल पर लड़ने की शर्त रख दी। इस पर ओम प्रकाश राजी नहीं हुए और इस्तीफ़ा देने पहुँच गए। उनकी इन्हीं हरकतों के चलते योगी आदित्यनाथ को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा। बता दें कुछ समय पहले ओमप्रकाश जनता के बीच जाकर पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग भी कर चुके हैं।

राजभर की पार्टी एसबीएसपी के अन्य नेता, जिनको निकाला गया
शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

दक्षिण भारत में हो रहे बवाल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि उन्होंने कभी भी हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं पर थोपने की बात नहीं कही है। हिंदी को केवल दूसरी भाषा के तौर पर सीखने की बात की थी। इसपर अगर किसी को राजनीति करनी है तो वह करता रहे।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

इमरान ख़ान

मोदी के ख़िलाफ़ बयानबाजी बंद करें इमरान ख़ान: मुस्लिम मुल्कों की पाकिस्तान को 2 टूक

मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
एन राम

‘The Hindu’ के चेयरमैन बने जज: चिदंबरम को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में दी क्लीन चिट, कहा- कोई सबूत नहीं

एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,200फैंसलाइक करें
15,183फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: