Friday, July 19, 2024
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गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण देने के लिए बनेगा कानून: योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने दी मंजूरी

मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगले देने की व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया गया। इसके लिए कैबिनेट बैठक में राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन भवनों के आवंटन के संबंध में...

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार (फरवरी 18, 2020) को केंद्र सरकार की तर्ज पर गरीब सवर्णों को नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए कानून बनाने का फैसला किया। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की फीस भरपाई का निर्णय भी इस बैठक में लिया गया। बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर के निर्माण परियोजना कार्य को भी इस कैबिनेट बैठक में मंजूर किया गया। इसके अलावा प्रदेश के पूर्व सभी मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला देने की व्यवस्था को समाप्त कर और गोवंश की रक्षा के लिए संस्थाओं को दोगुनी मदद देने जैसे फैसले भी कल की बैठक के दौरान लिए गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के लिए प्रस्तावित कानून से संबंधित विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक का नाम यूपी लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) विधेयक-2020 है। इस विधेयक को इसी बजट सत्र में पास कराकर राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अभी तक यह आरक्षण प्रदेश में केवल शासनादेश के जरिए लागू किया गया था।

इस बैठक में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए बनाए जाने वाले कानून के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जैसे कैबिनेट ने चालू वित्तीय वर्ष-2019-20 में प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की फीस भरपाई के लिए 1 अरब 75 करोड़ 37 लाख 42 हजार रुपए देने का फैसला किया ।

कैबिनेट ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के 500 बेड के बाल रोग अस्पताल के लिए 284 करोड़ रुपए लागत की निर्माण परियोजना मंजूर की है। यह संस्थान पूर्वी यूपी में व्याप्त संक्रामक रोगों और जापानी बुखार पर नियंत्रण करने के लिए सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा।

मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगले देने की व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया गया। इसके लिए कैबिनेट बैठक में राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन भवनों के आवंटन के संबंध में संशोधन विधेयक-2020 के मसौदे को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने फैसला किया कि अब मंडी परिषद चैरिटेबिल संस्थाओं को निराश्रित गोवंश की रक्षा के लिए आर्थिक मदद 2 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर सकेंगी।

इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक या कृषि प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु तथा कच्चे माल के रूप में प्रयोग किए जाने वाले कृषि उत्पादन या उत्पादन की मार्केटिंग के लिए भी यूपी कृषि उत्पादन मंडी एक्ट-2064 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के कार्यालय के लिए नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराए गए भवन में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए 76.96 लाख रुपए नोएडा विकास प्राधिकरण को देने का फैसला किया है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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