Thursday, April 25, 2024
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कैबिनेट की मुहरः सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण देने वाला तीसरा राज्य बना यूपी

गुजरात ऐसा पहला राज्य था जहाँ ये लागू हुआ। उसके बाद झारखंड ने समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए आरक्षण लागू करने का प्रावधान किया था।

गुजरात और झारखण्ड के बाद, अब यूपी में योगी कैबिनेट ने सामान्य वर्ग के ग़रीब लोगों को आरक्षण देने वाले प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। योगी कैबिनेट की मुहर के बाद सामान्य वर्ग वंचितों को शिक्षा व नौकरियों में 10 फ़ीसदी आरक्षण दिया जाएगा।

कैबिनेट में इसके अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया नलकूप योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 1.00 क्यूसेक क्षमता के 2000 नवीन नलकूपों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को भी पास किया गया।

सामान्य वर्ग के किन लोगों को मिलेगा आरक्षण का लाभ?

हालाँकि, इस बिल को ‘सवर्ण आरक्षण विधेयक’ कहकर दुष्प्रचारित किया गया लेकिन सत्य यह है कि यह धर्म और जाति से परे, सामान्य वर्ग के ग़रीब नागरिकों को लाभान्वित करने की योजना है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई मुस्लिम सामान्य वर्ग में आता है, और आर्थिक रूप से कमज़ोर है तो उसे 10 फ़ीसदी आरक्षण का फायदा मिलेगा। इसके अलावा बिल को स्वीकृति मिलने से पटेल-जाट-मराठाओं को भी इसका लाभ मिलेगा, क्योंकि ये सभी जातियाँ ‘सवर्ण’ के अंतर्गत ही आती हैं।

गुजरात, झारखंड में लागू हो चुका है आरक्षण

सामान्य वर्ग (आर्थिक रूप से कमजोर) आरक्षण बिल के तहत शिक्षा और रोज़गार के क्षेत्र में मिलने वाले आरक्षण को गुजरात सरकार पहले ही लागू कर चुकी है। गुजरात पहला ऐसा राज्य बना था जहाँ आरक्षण लागू किया गया हो। वहीं, गुजरात के बाद झारखंड ने समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए आरक्षण लागू करने का प्रावधान किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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