Tuesday, May 21, 2024
Homeदेश-समाजजम्मू कश्मीर में अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे लोगों को भी मिलेगा 3%...

जम्मू कश्मीर में अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे लोगों को भी मिलेगा 3% आरक्षण, राज्यपाल ने दी स्वीकृति

कानून बनने के बाद जम्मू कश्मीर राज्य में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले करीब 3 लाख लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।

जम्मू कश्मीर राज्य में नियंत्रण रेखा (LoC) पर रहने वाले लोगों की तर्ज़ पर अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे लोगों को भी 3% आरक्षण का लाभ मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोग काफी समय से इसकी माँग कर रहे थे। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू कश्मीर राज्य में नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रहने वालों के लिए 3% आरक्षण वाले दस्तावेज़ पर अपनी स्वीकृति प्रदान करते हुए केंद्र की मोदी सरकार को भेज दिया है। सालों से यहाँ के रहने वाले लोग इसकी माँग कर रहे थे।

अब केंद्रीय कैबिनेट अगर इस पर अध्यादेश लाती है तो इसका लाभ जम्मू कश्मीर राज्य में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर रह रहे लोगों को मिल सकेगा। कानून बनने के बाद कठुआ,आरएसपुरा, हीरानगर, साँभा, मड़ क्षेत्र तक जो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोग हैं, उन्हें 3% आरक्षण का लाभ एलोसी की तर्ज़ पर मिल सकेगा। बता दें कि फ़िलहाल लोकसभा भंग है और इसका लाभ देने के लिए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाना होगा। उम्मीद की जा रही है कि सरकार अध्यादेश लाकर जल्द ही इसे मंजूरी दे देगी।

करीब 3 लाख लोगों को मिल सकेगा लाभ

कानून बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले करीब 3 लाख लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की लंबाई 198 किमी है जबकि एलओसी करीब 744 किमी है। इस इलाके में आए दिन पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी होती रहती है, जिसका शिकार यहाँ के लोग होते हैं।

गोलीबारी के चलते यहाँ रहने वाले लोगों को काफ़ी नुकसान उठना पड़ता है। यही कारण है कि एलओसी की तर्ज़ पर आरक्षण की माँग सालों से चली आ रही थी। जम्मू कश्मीर के प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रविन्द्र रैना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इसकी जानकारी दी।

रविन्द्र रैना ने कहा, “अब अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को भी एलोसी की तर्ज़ पर लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की असेम्बली में बीजेपी हमेशा से अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के समीप रह रहे लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए इसकी माँग करती आई है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल से मंजूरी के बाद इस केंद्र के पास भेजा गया है, उम्मीद है कि जल्द अध्यादेश लाकर इसे मंजूरी दी जाएगी।”

70 सालों तक सरकारों ने यहाँ के नागरिकों को किया अनदेखा

इस दौरान रविन्द्र रैना ने कहा, “70 सालों से यहाँ कई सरकारें रहीं लेकिन उन्होंने यहाँ के लोगों को हमेशा अनदेखा किया और सिर्फ़ राजनीति की।” उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने यहाँ पर बॉर्डर के पास 20 हजार से ऊपर बंकरों का निर्माण शुरू कराया है। साथ ही बड़े-बड़े सीमा भवन भी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे यहाँ के नवजवानों को लाभ मिलेगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

J&K के बारामुला में टूट गया पिछले 40 साल का रिकॉर्ड, पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक 73% मतदान: 5वें चरण में भी महाराष्ट्र में फीका-फीका...

पश्चिम बंगाल 73% पोलिंग के साथ सबसे आगे है, वहीं इसके बाद 67.15% के साथ लद्दाख का स्थान रहा। झारखंड में 63%, ओडिशा में 60.72%, उत्तर प्रदेश में 57.79% और जम्मू कश्मीर में 54.67% मतदाताओं ने वोट डाले।

भारत पर हमले के लिए 44 ड्रोन, मुंबई के बगल में ISIS का अड्डा: गाँव को अल-शाम घोषित चला रहे थे शरिया, जिहाद की...

साकिब नाचन जिन भी युवाओं को अपनी टीम में भर्ती करता था उनको जिहाद की कसम दिलाई जाती थी। इस पूरी आतंकी टीम को विदेशी आकाओं से निर्देश मिला करते थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -