Thursday, April 15, 2021
Home राजनीति 'इस नाटक में सांप्रदायिक लोगों के लिए जगह नहीं': BJP में शामिल होने पर...

‘इस नाटक में सांप्रदायिक लोगों के लिए जगह नहीं’: BJP में शामिल होने पर थिएटर आर्टिस्ट को निकाला

"हमने कौशिक कर को 'घुम नी' नाटक से हटा दिया है। वह भाजपा में शामिल हो गए हैं और यह कारण हमारे लिए मौजूदा परिदृश्य में उन्हें हटाने के लिए पर्याप्त है। इस नाटक में सांप्रदायिक लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। नाटक के लिए नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।"

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के समर्थकों ने लोगों को भाजपा में शामिल होने से रोकने के लिए ‘कैंसिल कल्चर (cancel culture)’ को हथियार बनाया है। ऐसी ही एक घटना सामने आई है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कौशिक कर नाम के एक थिएटर कलाकार को BJP में शामिल होने के बाद नाटक से निकाल दिया गया।

खबरों के अनुसार, कौशिक कर को उत्पल दत्ता द्वारा लिखित ‘घूम नी’ (‘Ghum Nei’)  नाटक से हटा दिया गया। यह निर्णय सौरव पालोदी नामक कम्युनिस्ट पार्टी के एक एक मुखर समर्थक द्वारा लिया गया। सौरव पालोदी, ‘इचामोटो (Ichamoto)’ नाम से थिएटर समूह चलाता है। उसे इस निर्णय पर सोशल मीडिया में लोगों ने काफी लताड़ा है। हालाँकि सीपीएम समर्थकों ने उसके फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि कर के भाजपा में शामिल होने का फैसला उनके निष्कासन के लिए पर्याप्त था।

एक फेसबुक पोस्ट में, पालोदी ने लिखा, “हमने कौशिक कर को ‘घुम नी’ नाटक से हटा दिया है। वह भाजपा में शामिल हो गए हैं और यह कारण हमारे लिए मौजूदा परिदृश्य में उन्हें हटाने के लिए पर्याप्त है। इस नाटक में सांप्रदायिक लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। नाटक के लिए नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।”

फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, “दत्त के नाटक को स्वीकार करते हुए, कौशिक और मैंने उनका कैरेक्टर बनाया और उसका नाम अखलाक रखा। नाम में 2015 के दादरी मामले का संदर्भ था जहाँ भीड़ ने मोहम्मद अखलाक के घर पर हमला किया था। उसे गोमांस खाने के संदेह में मार दिया गया था। बीजेपी में शामिल होने के बाद किसी को अखलाक की भूमिका निभाने की अनुमति देना नाटक की आत्मा पर हमला होगा।”

‘घुम नी’ नाटक से हटाए जाने को लेकर कौशिक कर ने सौरव पालोदी को फटकारते हुए कहा कि बिना किसी जमीनी कनेक्शन के वामपंथी थिएटर समूहों पर घेराबंदी करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सौरव इस तरह के बयान देकर अपनी मूर्खता छिपा रहा है। कुछ वामपंथी जो धर्मताल और ब्रिगेड के बीच चलते हैं और फ़ेसबुक पर हाइपर वेंटीलेट करते हैं, वे रंगमंच को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पास जमीनी स्तर पर कोई कनेक्ट नहीं है।”

कर ने आगे कहा, “मुझे हटाना या किसी नाटक के मंचन से रोकना केवल उन अभिजात वर्ग की असुरक्षा को उजागर करता है जो साम्यवाद के सार को नहीं समझते हैं।” उन्हें अभिनेता से नेता बने कंचन मोइत्रा का समर्थन मिला है। उन्होंने इस कदम को ‘सरासर असहिष्णुता’ करार देते हुए कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इस तरह के फैसलों का किसी भी कीमत पर बचाव नहीं किया जा सकता है। अभिनेता रुद्रनील घोष ने भी ‘कैंसिल कल्चर’ की निंदा की है।

माकपा से सौरव पालोदी के संबंध

सौरव पालोदी कम्युनिस्ट पार्टी का एक मुखर समर्थक है। उसने CPI (M) पश्चिम बंगाल फ्रेम के साथ अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर भी अपडेट की है। उसने ब्रिगेड ग्राउंड में कम्युनिस्ट पार्टी की रैली में भी भाग लिया था। सभा में भाग लेने के बाद पालोदी का कहना था कि बंगाल चुनाव में बीजेपी और तृणमूल कॉन्ग्रेस के बीच कोई मुकाबला नहीं है।

फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

सभा में जुटी भीड़ के बाद पालोदी ने दावा किया कि सीपीआई (एम) 2021 के चुनावों में एक मजबूत दावेदार है।

फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

उसे पड़ोसी देश बांग्लादेश के ‘कम्युनिस्ट’ छात्रों का समर्थन करते हुए भी देखा गया था। यहाँ पर यह उल्लेख किया जाना आवश्यक है कि पालोदी ममता बनर्जी शासन का मुखर आलोचक है।

फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आरोग्य सेतु’ डाउनलोड करने की शर्त पर उमर खालिद को जमानत, पर जेल से बाहर ​नहीं निकल पाएगा दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों का...

दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में उमर खालिद को जमानत मिल गई है। लेकिन फिलहाल वह जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। जाने क्यों?

कोरोना से जंग में मुकेश अंबानी ने गुजरात की रिफाइनरी का खोला दरवाजा, फ्री में महाराष्ट्र को दे रहे ऑक्सीजन

मुकेश अंबानी ने अपनी रिफाइनरी की ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पतालों को मुफ्त में शुरू की है। महाराष्ट्र को 100 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

कोरोना पर कुंभ और दूसरे राज्यों को कोसा, खुद रोड शो कर जुटाई भीड़: संजय राउत भी निकले ‘नॉटी’

संजय राउत ने महाराष्ट्र में कोरोना के भयावह हालात के लिए दूसरे राज्यों को कोसा था। कुंभ पर निशाना साधा था। अब वे खुद रोड शो कर भीड़ जुटाते पकड़े गए हैं।

‘वीडियो और तस्वीरों ने कोर्ट की अंतरात्मा को हिला दिया है…’: दिल्ली दंगों में पिस्टल लहराने वाले शाहरुख को जमानत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,218FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe