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इंदिरा जयसिंह के घर CBI रेड: विरोध में विपक्षी सांसदों ने मोदी को लिखा पत्र

छापेमारी की कार्रवाई को सत्ता का दुरुपयोग बताया जाना सोशल मीडिया में लोगों को रास नहीं आया। कई लोगों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि जॉंच में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के आवास पर सीबीआई छापेमारी की निंदा करते हुए राज्यसभा के विपक्षी सांसदों के एक गुट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में छापेमारी की कार्रवाई को सत्ता का दुरुपयोग बताया गया है। सांसदों के इस गुट का पत्र लिखना सोशल मीडिया में लोगों को रास नहीं आया। कई लोगों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि जॉंच में बाधा नहीं डालनी चाहिए।

सीबीआई ने गुरुवार (11 जुलाई) को छापेमारी की। छापेमारी जयसिंह के एनजीओ ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के लिए विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन मामले में की गई। CBI के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली और मुंबई दोनों जगह छापे मारे गए।

छापेमारी के विरोध में प्रधानमंत्री को लिखे पत्र को लेकर ट्विटर पर कई लोगों ने अपनी राय जाहिर करते हुए पूछा है कि संविधान के अनुसार कार्रवाई से सांसद क्यों परेशान हैं? एक यूजर ने इसे राजनीति और एनजीओ नेक्सस का सांठगांठ करार दिया तो दूसरे ने अर्बन नक्सल गठजोड़। एक यूजर ने लिखा है कि यदि जयसिंह और ग्रोवर के आवास पर छापेमारी गलत है तो ‘कानून की नजर में सब बराबर है’ का क्या मतलब है।

इससे पहले ग्रोवर ने कहा था कि CBI की ओर से उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वो ग़लत हैं। दरअसल, CBI ने इंदिरा जयसिंह और उनके पति पर विदेशी फंड का ग़लत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। यह मामला उस समय का है, जब इंदिरा जयसिंह 2009 और 2014 के बीच एडिशनल सॉलिसिटर जनरल थीं। आरोप में यह भी कहा गया था कि उनकी विदेश यात्रा पर गृह मंत्रालय की मंज़ूरी के बिना उनके एनजीओ के फंड से खर्च किया गया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी छापेमारी की निंदा करते हुए ट्वीट किया, “मैं जाने-माने वरिष्ठ वकीलों इंदिरा जयसिंह तथा आनंद ग्रोवर के घर पर CBI छापों की कड़ी निंदा करता हूँ… कानून को अपना काम करते रहना चाहिए, लेकिन जो दिग्गज सारी ज़िन्दगी कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए संघर्ष करते रहे हैं, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई साफ़-साफ़ बदले की कार्रवाई है…।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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