Homeविविध विषयअन्य'चंदामामा' के मालिकों पर 'दाग': मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में स्विस बैंक देगा जानकारी

‘चंदामामा’ के मालिकों पर ‘दाग’: मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में स्विस बैंक देगा जानकारी

स्विट्जरलैंड के टैक्स विभाग ने 5 मार्च को कंपनी और इसके तीनों निदेशकों पंकज कुमार ओंकार श्रीवास्तव, किरण कुलकर्णी और प्रशांत शरद मुलेकर के बैंक खातों में प्रशासनिक सहयोग देने का निर्णय कर लिया है।

दशकों से बच्चों के मनोरंजन के लिहाज़ से पढ़ी जाने वाली चंदमामा मैग्जीन के नए मालिक इस बार मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बुरी तरह फँसे हैं। दरअसल, 2007 में मुंबई की जियोडेसिक लिमिटेड कंपनी ने इस पत्रिका को खरीद लिया था।

लेकिन अब कंपनी में पैसों की हेर-फेर और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर तीनों निदेशकों के ख़िलाफ़ जाँच चल रही है। इस जाँच में सहयोग करते हुए स्विट्जरलैंड ने तीनों के स्विस बैंक के खातों से संबंधित जानकारी देने की सहमति दे दी है।

आधिकारिक कागज़ातों के मुताबिक, स्विट्जरलैंड के टैक्स विभाग ने 5 मार्च को कंपनी और इसके तीनों निदेशकों पंकज कुमार ओंकार श्रीवास्तव, किरण कुलकर्णी और प्रशांत शरद मुलेकर के बैंक खातों में प्रशासनिक सहयोग देने का निर्णय कर लिया है।

स्विटज़रलैंड के कानून के अनुसार कर विभाग के फैसले के ख़िलाफ़ 30 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है। इसलिए 2018 में इस विषय पर लिए निर्णय को चुनौती दी गई, लेकिन योग्य प्रमाण न होने के कारण इस अपील को ख़ारिज कर दिया गया। जिसके बाद एक बार दोबारा से यह निर्णय लिया गया है।

चंदामामा मैग्जीन

बता दें कि चंदामामा मैग्जीन को ख़रीदने वाली यह कंपनी विभिन्न नियमों की अनदेखी के आरोप में पहले भी सेबी (Securities and Exchange Board of India) की कार्रवाई का सामना कर चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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