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तिहाड़ से निकलने की चिदंबरम की ख्वाहिश नहीं हुई पूरी, ईडी के सामने सरेंडर करने की याचिका खारिज

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने से पहले कुछ पहलुओं की जॉंच जरूरी है। चिदंबरम को हिरासत में लेने से पहले एजेंसी छह अन्य लोगों से पूछताछ करना चाहती है।

आईएनएक्स मीडिया स्कैम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने सरेंडर करने की पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की याचिका दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दी है। चिदंबरम फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। याचिका खारिज होने के कारण उन्हें अब 19 सितंबर तक जेल में ही रहना होगा।

विशेष न्यायाधीश अजय कुमार की अदालत में चिदंबरम का पक्ष रखते हुए वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ईडी 20 और 21 अगस्त को पूर्व वित्त मंत्री को गिरफ्तार करने उनके घर गई थी। अब उन्हें हिरासत में लेने से बचने की दलीलें दे रही है।

इससे पहले सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने से पहले कुछ पहलुओं की जॉंच जरूरी है। चिदंबरम को हिरासत में लेने से पहले एजेंसी छह अन्य लोगों से पूछताछ करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि 21 अगस्त से पहले और आज भी चिदंबरम को गिरफ्तार करने की जरूरत के कई कारण हैं। लेकिन, अब न्यायिक हिरासत में होने के कारण वह साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं हैं। चिदंबरम को हिरासत में लेने के बाद एजेंसी उनका सामना जुटाए गए साक्ष्यों से करना चाहेगी।

गौरतलब है कि पॉंच सितंबर को सीबीआई अदालत ने चिदंबरम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में 19 सितंबर तक भेजने का आदेश दिया था। इसी दिन उनकी सरेंडर की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अग्रिम जमानत देने से पहले ही इनकार कर चुकी है।

आईएनएक्स मीडिया समूह को 2007 में 305 करोड़ रुपए की विदेशी रकम हासिल करने के लिए नियमों से परे जाकर एफआईपीबी की मंजूरी दी गई थी। उस वक्त चिदंबरम वित्त मंत्री थे। सीबीआई ने 15 मई 2017 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में ईडी ने भी इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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