Tuesday, January 26, 2021
Home विविध विषय अन्य दूरदर्शन में गुणवत्ता पर जोर - क्रिएटिव हेड से लेकर बड़े पैमाने पर विशेषज्ञों...

दूरदर्शन में गुणवत्ता पर जोर – क्रिएटिव हेड से लेकर बड़े पैमाने पर विशेषज्ञों की होगी नियुक्ति: जावड़ेकर

"दूरदर्शन के कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जल्द ही एक क्रिएटिव हेड की नियुक्ति की जाएगी। सरकारी महकमा तो रहेगा लेकिन क्रिएटिव कामों के लिए बड़े पैमाने पर विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएँगे। ये सब दूरदर्शन के आधुनिकीकरण के तहत किया जा रहा है।"

हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि दूरदर्शन के कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जल्द ही एक क्रिएटिव हेड की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी महकमा तो रहेगा लेकिन क्रिएटिव कामों के लिए बड़े पैमाने पर विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएँगे। ये सब सरकारी प्रसारणकर्ता दूरदर्शन के आधुनिकीकरण के तहत किया जा रहा है।

जावड़ेकर गुरुवार 25 जुलाई, 2019 को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में दूरदर्शन के सभी आठ स्टूडियो और यहाँ डीडी केंद्र के अर्थ स्टेशन में वीडियो वॉल्स का उद्घाटन करने के उपलक्ष्य पर बोल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय प्रसारणकर्ता दूरदर्शन विश्वसनीयता का पर्याय है।

तीन वर्षीय योजना के अंतर्गत स्थापित की गई वीडियो वॉल की स्थापना में 10.75 करोड़ की लागत आई है और यह अंतर्राष्ट्रीय प्रसारणकर्ताओ के स्टूडियो के समकक्ष है। वीडियो वॉल की शुरुआत से सेट को जमीनी रूप से खड़ा करने में लगने वाले समय में काफी बचत होगी। इससे कार्यक्रम की आवश्यतानुसार स्टूडियो सेट में लाइव/रिकार्ड किए गए वीडियो और ग्राफिक्स आदि प्रयोग किए जा सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तीन साल की कार्य योजना के तहत दूरदर्शन के ढाँचे को आधुनिक बनाने के लिए उसे आवश्यक मदद दी गई है।

जावेडकर ने अधिकारियों से डीडी फ्री डिश को मौजूदा 3.25 करोड़ परिवारों से पाँच करोड़ परिवारों तक बढ़ाने की ओर काम करने के लिए भी कहा। साथ ही इस सम्बोधन में उनका विशेष बल दूरदर्शन की प्रोग्रामिंग को बढ़ाने और उच्च गुणवत्ता वाले कार्यक्रम बनाने के लिए जल्द ही क्रिएटिव हेड की नियुक्ति पर अधिक था।

इसी कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा, “सरकार दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो का हरसंभव तरीके से समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी सेवा प्रसारणकर्ता समकालीन उद्योग के मानकों के हिसाब से सेवाएँ उपलब्ध करा सके और भारत के कोने-कोने तक अपनी पहुँच सुनिश्चित कर सके।”

प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने दूरदर्शन के प्रयासों की सराहना की और कहा कि हाल फिलहाल में प्रभावशाली और अर्थपूर्ण कार्यक्रम बनाए गए है। ऐसे कार्यक्रम बनाए गए जिन्होंने सरकार की अहम योजनाओं को हर घर तक पहुँचाया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
- विज्ञापन -

 

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

‘लाल किले पर लहरा रहा खालिस्तान का झंडा- ऐतिहासिक पल’: ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने मनाया ‘ब्लैक डे’

गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर 'खालिस्तानी झंडा' फहराने को लेकर ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) काफी खुश है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा स्थापित पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टी ने इसे 'ऐतिहासिक क्षण' बताया है।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

देशी-विदेशी शराब से लदी मिली प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर: दिल्ली पुलिस ने किया सीज, देखें तस्वीरें

पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।

मुंगेर में माँ दुर्गा भक्तों पर गोलीबारी करने वाले सभी पुलिस अधिकारी बहाल, जानिए क्या कहती है CISF रिपोर्ट

बिहार पुलिस द्वारा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर बर्बरता बरतने के महीनों बाद सभी निलंबित अधिकारियों को वापस सेवा में बहाल कर दिया गया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe