Friday, September 18, 2020
Home विविध विषय अन्य नए डेटा तो छोड़िए, पुराने हिसाब से भी मोदी सरकार के दौरान महंगाई घटी...

नए डेटा तो छोड़िए, पुराने हिसाब से भी मोदी सरकार के दौरान महंगाई घटी और रोजगार बढ़े

आँकड़े कहते हैं कि महंगाई दर में स्पष्ट रूप से कमी आई। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति में 400bps (बेस पॉइंट्स) की कमी दर्ज की गई। यह 9% के औसत से घटकर 5% की औसत पर पहुँच गया।

भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के अंतर्गत नेशनल सैम्पल सर्वे कार्यालय द्वारा जारी किए गए डेटा को 108 अर्थशास्त्रियों ने सरकार द्वारा छेड़छाड़ किया हुआ बताया है। नेशनल सैम्पल सर्वे कार्यालय (NSSO) के प्रमुख एक महानिदेशक होते हैं, जो अखिल भारतीय आधार पर विभिन्‍न क्षेत्रों में व्‍यापक स्‍तर पर सर्वेक्षण करने के लिए जिम्‍मेदार होते हैं। प्रारंभिक डेटा विभिन्‍न सामाजिक-आर्थिक विषयों पर राष्‍ट्रव्‍यापी स्‍तर पर घरों का सर्वेक्षण, वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण (एएसआई) आदि करके एकत्र किया जाता है। इन सर्वेक्षणों के अलावा, एनएसएसओ गाँव और शहरों में क़ीमतों से संबंधित डेटा एकत्र करता है।

अर्थशास्त्रियों ने इस डेटा को नकारते हुए सरकार पर सांख्यिकी संस्थाओं पर हमले करने का आरोप लगाया था। अपने अपील में उन्होंने सभी पेशेवर अर्थशास्त्रियों, सांख्यिकीविदों और स्वतंत्र शोधकर्ताओं से अनुरोध किया था कि वे सरकार द्वारा ‘असहज डेटा को दबाने’ की प्रवृत्ति के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए एक साथ आएँ। और सरकार पर सार्वजनिक आँकड़ों की पहुँच और अखंडता को बहाल करने और संस्थागत आज़ादी को फिर से स्थापित करने का प्रयास करें।

इस बयान में कहा गया है, “हाल ही में, भारतीय आँकड़े और इससे जुड़े संस्थानों को राजनीतिक रूप से प्रभावित किया जा रहा है। वक्तव्य में एनएसएसओ के समय-समय पर जारी होने वाले श्रम बल सर्वेक्षण के आँकड़ों को रोकने और 2017- 18 के इन आँकड़ों को सरकार द्वारा निरस्त किए जाने संबंधी समाचार रिपोर्ट पर भी चिंता जताई गई है।”

इसके जवाब में 131 चार्टर्ड अकॉउन्टेंट्स के समूह ने उनकी चिंता को ख़ारिज कर दिया और उनके आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया। चार्टर्ड अकॉउन्टेंट्स ने इसकी तुलना अवॉर्ड वापसी से की। अर्थशास्त्रियों की इस चिंता का जवाब देते हुए अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने फाइनेंसियल एक्सप्रेस में एक लेख लिखा है। इस लेख में सिलसिलेवार ढंग से 108 अर्थशास्त्रियों द्वारा जताई गई चिंताओं का उत्तर दिया गया है। उस लेख के कई ऐसे पहलू हैं, जिनके बारे में आपको जानना ज़रूरी है। यहाँ हम उस लेख में लिखी महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा करेंगे।

- विज्ञापन -

2015 में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने एक नया सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) सीरीज शुरू किया था, जिसमें 2012-13 और 2013-14 से पहले के मुक़ाबले ज्यादा विकास दर की बात कही गई थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय देश में सांख्यिकीय क्रियाकलापों में समन्‍वय करता है और सांख्यिकीय मानक तैयार करता है।

नए जीडीपी सीरीज ने सीएसओ के डेटा को रिप्लेस किया है, जो 2006 से पहले उपलब्ध नहीं था। इसे ‘Annual Survey Of Industries (ASI)’ के नाम से जारी किया जाता था। इस कारण पिछले डेटा से इसकी तुलना कैसे की जाए, इसी को लेकर विवाद हो रहा है। अब कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इंडस्ट्री बैलेंस शीट को लेकर विवाद हो रहा है। आपको बता दें कि विवाद शुरू होने से एक दिन पहले ही एएसआई का 2016-17 सीएसओ की वेबसाइट पर जारी किया गया। याद रखिए कि अभी तक एएसआई के डेटा की आलोचना नहीं की गई है। इसीलिए यहाँ उसी के आँकड़ों का जिक्र किया जा रहा है।

सुरजीत भल्ला लिखते हैं कि उन्होंने इस प्रकार की आलोचना पहले कभी नहीं देखी। फैक्ट और फिक्शन की बात करते हुए उन्होंने अपने लेख में लिखा है कि महंगाई दर का कम होना सरकार अपनी बड़ी उपलब्धियों में से एक बताती रही है। यूपीए कार्यकाल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था ऊँची महंगाई दर की मार झेल रही थी। सुरजीत ने 108 अर्थशास्त्रियों के दावों पर करारा प्रहार करते हुए लिखा है कि ये अर्थशास्त्री वैश्विक बाजार में तेल के घटते दामों का मोदी सरकार को फ़ायदे पहुँचाने की बात तो करते हैं लेकिन वे यह नहीं बताते कि यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान मनमोहन सरकार को ‘विस्फोटक ग्लोबल ग्रोथ’ का फ़ायदा मिला था। यही कारण था कि भारत की जीडीपी ऊँचे स्तर पर पहुँची थी।

मुद्रास्फीति डेटा, CPI और WPI (ग्राफ़िक्स साभार: फाइनेंसियल एक्सप्रेस)

ये अर्थशास्त्री 2008 के बाद आए वित्तीय संकट के दौरान ऊँची महंगाई दर का विशाल भारतीय अर्थव्यवस्था पर गलत प्रभाव पड़ने की चर्चा करने से भी बचते हैं। आलोचकों का मानना है कि नोटेबंदी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था गड़बड़ अवस्था में चली गई थी। नोटेबंदी के आलोचकों ने इसे एक बड़ा ब्लंडर बताया था। लेकिन, एएसआई का डेटा क्या कहता है? आँकड़े कहते हैं कि महंगाई दर में स्पष्ट रूप से कमी आई। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Customer Price Index) मुद्रास्फीति में 400bps (बेस पॉइंट्स) की कमी दर्ज की गई। यह 9% के औसत से घटकर 5% की औसत पर पहुँच गया।

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की गणना थोक बाजार में उत्पादकों और बड़े व्यापारियों द्वारा किए गए भुगतान के आधार पर की जाती है। इसमें उत्पादन के प्रथम चरण में अदा किए गए मूल्यों की गणना की जाती है। इसी तरह थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) में 420bps की औसत से कमी दर्ज की गई। अर्थात यह कि CPI मुद्रास्फीति में और WPI मुद्रास्फीति से तेज़ गिरावट दर्ज की गई।

एएसआई के पुराने विश्वसनीय डेटा भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि मोदी के कार्यकाल में आउटपुट ग्रोथ भी अच्छा रहा है। हाँ, नॉमिनल वेज ग्रोथ में ज़रूर छोटी सी कमी दर्ज की गई है, लेकिन महंगाई काफी नीचे गिरी है। अतः, यह रियल वेजेज में तेज़ वृद्धि की ओर इशारा करता है। रोजगार की बात करें तो एएसआई के डेटा के मुताबिक़ उसमे भी वृद्धि दर्ज की गई है। रोजगार के मामले में अगर NDA के तीन वर्ष के शासनकाल और UPA-2 के पीछे तीन वर्षों के कार्यकाल की तुलना करें तो पता चलता है कि मोदी के शासनकाल में रोजगार में दोगुनी दर से वृद्धि दर्ज की गई है।

वो 3 टर्म जिन्हें जानना जरूरी

  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)
  • ग्रामीण मूल्य संग्रह (RPC)
  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI)

शहरी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-U): यह पूरे देश भर की शहरी आबादी के लिए प्रासंगिक खुदरा कीमतों के सामान्य स्तर में समय के साथ बदलाव को मापने के लिए बनाया गया है। शहरी क्षेत्रों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के संकलन का आधार वर्ष 2010 रखा गया है। इन कीमतों का संग्रह NSSO के द्वारा 310 चुनिंदा शहरों के 1114 कोटेशन से किया जाता है। CPI-U जनसंख्या के तीन व्यापक खंडों (संपन्न, मध्यम-वर्गीय और गरीब) के आधार पर वस्तुओं की कीमतों का संकलन करती है।

ग्रामीण मूल्य संग्रह (RPC): ग्रामीण खुदरा मूल्य पर एकत्र किए गए डेटा का उपयोग कृषि श्रमिकों/ग्रामीण मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के संकलन के लिए किया जाता है। वर्तमान में, श्रम ब्यूरो, श्रम और रोजगार मंत्रालय, कृषि श्रमिकों/ग्रामीण मजदूरों के लिए CPI का संकलन और प्रकाशन करता है। इसके लिए 1986 में 260 कमोडिटिज़ की लिस्ट बनाई गई थी। कृषि श्रमिकों/ग्रामीण मजदूरों के उपभोग पैटर्न के संबंध में कीमतों में हो रहे परिवर्तन के आँकड़ों को इन्हीं 260 कमोडिटिज़ के आधार पर लिखा जाता है। देश के सभी राज्यों में फैले चुनिंदा 603 गाँवों/बाजारों से यह आँकड़ा हर महीने एकत्र किया जाता है। इसके अलावा कृषि-आधारित 12 जबकि 13 गैर-कृषि व्यवसायों से संबंधित दैनिक मजदूरी के आँकड़े भी जमा किए जाते हैं।

थोक मूल्य सूचकांक (WPI): वर्तमान में WPI की मौजूदा सीरीज के लिए कीमतों के डेटा संग्रहण की सुविधा NSSO ही प्रदान करती है। इसे आर्थिक सलाहकार, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के साथ-साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संकलित किया जाता है। वर्तमान में इसके लिए हर सप्ताह 3813 यूनिटों से 4548 कोटेशनों का संग्रह किया जाता है। यानी पूरे देश में एक महीने में 18192 कोटेशन। यह भी जानें कि WPI की यह मौजूदा सीरीज का आधार वर्ष 2004-05 है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आपसे उम्मीद की जाती है कि निष्पक्ष रहो’: NDTV पत्रकार श्रीनिवासन को व्यवसायी राकेश झुनझुनवाला ने सिखाया नैतिकता का पाठ

साक्षात्कार के दौरान झुनझुनवाला ने एनडीटीवी पत्रकार और उनके मीडिया हाउस को मोदी से घृणा करने वाला बताया। उन्होंने पत्रकार से कहा, "आप सिर्फ़ सरकार की आलोचना करते हो।"

शाहीन बाग में जिस तिरंगे की खाई कसमें, उसी का इस्तेमाल पेट्रोल बम बनाने में किया: दिल्ली दंगों पर किताब में खुलासा

"वह प्रदर्शन जो महात्मा गाँधी, डॉ बीआर अम्बेडकर की तस्वीरों और तिरंगा फहराने से शुरू हुआ था उसका अंत तिरंगे से पेट्रोल बम बनाने में, दुकानों को, घरों को जलाने में हुआ।"

किसानों का विकास, बाजार का विस्तार, बेहतर विकल्प: मोदी सरकार के तीन विधेयकों की क्या होंगी खासियतें

मोदी सरकार ने तीन नए विधेयक पेश किए हैं ताकि कृषि उत्पादन के लिए सरल व्यापार को बढ़ावा मिले और मौजूदा एपीएमसी सिस्टम से वह आजाद हों, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के और ज्यादा विकल्प व अवसर मिलें।

व्यंग्य: आँखों पर लटके फासीवाद के दो अखरोट जो बॉलीवुड कभी टटोल लेता है, कभी देख तक नहीं पाता

कालांतर में पता चला कि प्रागैतिहासिक बार्टर सिस्टम के साथ-साथ 'पार्टनर स्वापिंग' जैसे अत्याधुनिक तकनीक वाले सखा-सहेलियों के भी बार्टर सिस्टम भी इन पार्टियों में हुआ करते थे।

रेपिस्ट अब्दुल या असलम को तांत्रिक या बाबा बताने वाले मीडिया गिरोहों के लिए जस्टिस चंद्रचूड़ का जरूरी सन्देश

सुदर्शन न्यूज़ के कार्यक्रम पर जस्टिस चंद्रचूड़ मीडिया को सख्त संदेश दिया है कि किसी एक समुदाय को निशाना नहीं बनाया जा सकता है। लेकिन समुदाय का नाम नहीं लिया गया।

NCB ने करण जौहर द्वारा होस्ट की गई पार्टी की शुरू की जाँच- दीपिका, मलाइका, वरुण समेत कई बड़े चेहरे शक के घेरे में:...

ब्यूरो द्वारा इस बात की जाँच की जाएगी कि वीडियो असली है या फिर इसे डॉक्टरेड किया गया है। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है, तो जाँच आगे बढ़ने की संभावना है।

प्रचलित ख़बरें

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA बदरुद्दीन के बेटे का लव जिहाद: 10वीं की हिंदू लड़की से रेप, फँसा कर निकाह, गर्भपात… फिर छोड़ दिया

अजीजुद्दीन छत्तीसगढ़ के दुर्ग से कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA बदरुद्दीन कुरैशी का बेटा है। लव जिहाद की इस घटना के मामले में मीडिया के सवालों से...

‘हीरो के साथ सोकर मिलते हैं फिल्मों में 2 मिनट के रोल’: कंगना ने जया बच्चन को जवाब देते हुए किया नया खुलासा

कंगना रनौत ने इससे पहले जया बच्चन से पूछा था कि जैसा उनके और सुशांत के साथ हुआ अगर वही श्वेता और अभिषेक के साथ होता, तो भी वो यही कहती?

‘ब्यूरोक्रेसी पर कब्जा करो… अपने नस्लों के फायदे के लिए पावर हाथ में लो’ – इमरान प्रतापगढ़ी का वीडियो वायरल

इमरान प्रतापगढ़ी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इमरान प्रतापगढ़ी मुस्लिमों से ब्यूरोक्रेसी पर ‘कब्जा’ करने के लिए कहते हैं।

जया बच्चन का कुत्ता टॉमी, देश के आम लोगों का कुत्ता कुत्ता: बॉलीवुड सितारों की कहानी

जया बच्चन जी के घर में आइना भी होगा। कभी सजते-संवरते उसमें अपनी आँखों से आँखे मिला कर देखिएगा। हो सकता है कुछ शर्म बाकी हो तो वो आँखों में...

3 नाबालिग सगी बेटियों में से 1 का 5 साल से रेप, 2 का यौन शोषण कर रहा था मोहम्मद मोफिज

मोफिज ने बीवी को स्टेशन पर ढकेल दिया, क्योंकि उसने बेटी से रेप का विरोध किया। तीनों बेटियाँ नाबालिग हैं, हमारे पास वीडियो कॉल्स और सारे साक्ष्य हैं। बेगूसराय पुलिस इस पर कार्रवाई कर रही है।

AMU वाले स्कूल की लीज समाप्त, जिस जाट राजा ने दान दी थी जमीन, उनके वंशज ने कहा – ‘वापस करो’

लीज समाप्त होने के बाद जाट राजा के वंशजों ने माँग की है कि विश्वविद्यालय के आगरा स्थित स्कूल का नाम बदलकर उनके नाम पर रखा जाए और...

अलीगढ़ में दिन दहाड़े बंदूक की नोक पर 35 लाख के जेवर लूटने वाले तीनों आरोपितों को यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

कुछ दिन पहले इंटरनेट पर चोरी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें ये तीन लुटेरे बंदूक की नोक पर अलीगढ़ में एक आभूषण की दुकान को लूट रहे थे।

‘आपसे उम्मीद की जाती है कि निष्पक्ष रहो’: NDTV पत्रकार श्रीनिवासन को व्यवसायी राकेश झुनझुनवाला ने सिखाया नैतिकता का पाठ

साक्षात्कार के दौरान झुनझुनवाला ने एनडीटीवी पत्रकार और उनके मीडिया हाउस को मोदी से घृणा करने वाला बताया। उन्होंने पत्रकार से कहा, "आप सिर्फ़ सरकार की आलोचना करते हो।"

MP: कॉन्ग्रेस ने गाय को किया चुनाव के लिए इस्तेमाल, शरीर पर पंजे के निशान के साथ लिखा उम्मीदवार का नाम

इंदौर की सांवेर विधानसभा सीट पर उपचुनाव है। उसी चुनाव में लोगों को उम्मीदवार की ओर आकर्षित करने के लिए यह वाहियात कार्य किया गया है।

महाराष्ट्र सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी देने के पैसे नहीं, लेकिन पीआर के लिए खर्च कर रही ₹5.5 करोड़

शिवसेना की अगुवाई वाली महाविकास आघाड़ी समिति के प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र सरकार के पीआर के प्रबंधन के आवेदन करने के लिए निजी विज्ञापन एजेंसियों को आमंत्रित करते हुए एक ई-टेंडर जारी किया है।

‘एक बार दिखा दे बस’: वीडियो कॉल पर अपनी बेटियों से प्राइवेट पार्ट दिखाने को बोलता था मोहम्मद मोहफिज, आज भेजा गया जेल

आरोपित की बेटी का कहना है कि उनका घर में सोना भी दूभर हो गया था। उनका पिता कभी भी उनके कपड़ों में हाथ डाल देता था और शारीरिक संबंध स्थापित करने की कोशिश करता था।

अमेरिका में भी चीनी ऐप्स TikTok और वीचैट पर रविवार से बैन: राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंधमारी बताई गई वजह

अमेरिकी सरकार ने भी इन एप्स को बैन करने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंधमारी को कारण बताया है। कोरोना वायरस, चीन की चालबाजी, टैक्नोलॉजी पर बढ़ते तनाव और अमेरिकी निवेशकों के लिए वीडियो ऐप TikTok की बिक्री के बीच यह फैसला सामने आया है।

1995 के अमूल विज्ञापन पर चित्रित उर्मिला पर बौखलाए लिबरल्स: रंगीला के प्रमोशन को जोड़ा कंगना की टिप्पणी से

25 साल पहले बनाया गया यह विज्ञापन अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर की फिल्म 'रंगीला' में उनके प्रदर्शन को देखते हुए बनाया गया था।

शाहीन बाग में जिस तिरंगे की खाई कसमें, उसी का इस्तेमाल पेट्रोल बम बनाने में किया: दिल्ली दंगों पर किताब में खुलासा

"वह प्रदर्शन जो महात्मा गाँधी, डॉ बीआर अम्बेडकर की तस्वीरों और तिरंगा फहराने से शुरू हुआ था उसका अंत तिरंगे से पेट्रोल बम बनाने में, दुकानों को, घरों को जलाने में हुआ।"

ड्रग्स के खिलाफ NCB का ताबड़तोड़ एक्शन: 4 ड्रग पेडलर गिरफ्तार, ₹4 करोड़ की ड्रग्स सीज, मिला बॉलीवुड लिंक

इसी के तहत कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने मुंबई से चार और ड्रग पैडलर्स को भी हिरासत में लिया है। ड्रग्स पेडलर्स के पास से एनसीबी ने लाखों रुपए की ड्रग्स भी बरामद की है।

किसानों का विकास, बाजार का विस्तार, बेहतर विकल्प: मोदी सरकार के तीन विधेयकों की क्या होंगी खासियतें

मोदी सरकार ने तीन नए विधेयक पेश किए हैं ताकि कृषि उत्पादन के लिए सरल व्यापार को बढ़ावा मिले और मौजूदा एपीएमसी सिस्टम से वह आजाद हों, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के और ज्यादा विकल्प व अवसर मिलें।

हमसे जुड़ें

260,559FansLike
77,913FollowersFollow
322,000SubscribersSubscribe
Advertisements