Homeराजनीतिअब फाँसी घर की जमीन कब्जाने में फॅंसे आजम खान, 32 रिश्तेदार-करीबियों पर होगा...

अब फाँसी घर की जमीन कब्जाने में फॅंसे आजम खान, 32 रिश्तेदार-करीबियों पर होगा मामला दर्ज

रामपुर जिला कारागार की जमीन के कागजों में हेरफेर कर इसे 30 लोगों के हाथों बेचा गया। आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा और बहन पर भी इस मामले में आरोप लगा है।

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला कारागार की फाँसी घर की जमीन की खरीद-बिक्री करने के आरोप में लगभग 32 लोगों के खिलाफ नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल की तरफ से गंज थाने में तहरीर दी गई है। इनके ख़िलाफ़ जल्द केस दर्ज होने की उम्मीद है।

यहाँ उल्लेखनीय है कि अभी कुछ दिन पहले भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने इस फाँसी घर की जमीन पर कब्जे को लेकर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह से शिकायत की थी और बताया था कि ये जमीन अब सांसद आजम खान के रिश्तेदारों और करीबियों के कब्जे में है। जिसके बाद डीएम ने जमीन की जाँच करवाई थी और मालूम चला था कि ये जमीन वाकई सरकारी है।

इस जाँच में खुलासा हुआ था कि ये जमीन किसी व्यक्ति के नाम कर चढ़ा दी गई थी, लेकिन कागजों में श्रेणी में सात (सरकारी) ही लिखा हुआ था। इस जमीन को 2 लोगों ने लगभग 30 लोगों को बेचा था। जिनमें आज़म खान की पत्नी तंजीन फातिमा और बहन पर भी आरोप लगा है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक जिलाधिकारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिन लोगों को जमीनें बेची गई हैं उसमें रामपुर के सांसद आजम खान के रिश्तेदारों और करीबियों के नाम भी शामिल हैं।

साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि मामले में जमीन खरीदने और बेचने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए नायब तहसीलदार की ओर से गंज थाने में तहरीर दे दी गई है। इसके अलावा अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। ताकि पता चल सके कि जमीन किसके दबाव में खरीदी-बेची गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिनेमाई परदे पर यूरोप की सुलगती हकीकत है Citizen Vigilante Movie: समझें- क्यों परेशान हैं दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी और लेफ्ट लिबरल?

लिबरल और वामपंथी समीक्षक 'सिटीजन विजिलांते' फिल्म को चाहे कितनी भी कम रेटिंग क्यों न दें, इस फिल्म ने अपना काम कर दिया है।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा हैक हो सकता है तो EVM क्यों नहीं हैक हो सकती? लेफ्ट-लिबरल्स के ‘लॉजिक’ पर माथा गरम करने से पहले...

BAT-BMS ऐप को EVM से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पड़ताल। जानिए कैसे काम करता है ऐप, क्यों हुई कार्रवाई और EVM इससे कैसे अलग है।
- विज्ञापन -