Homeविविध विषयअन्यगैंगरेप पीड़िता FIR लिखवाने पहुँची थाने, पुलिस अधिकारी ने किया बलात्कार और बना ली...

गैंगरेप पीड़िता FIR लिखवाने पहुँची थाने, पुलिस अधिकारी ने किया बलात्कार और बना ली वीडियो – Pak की शर्मनाक घटना

अहमदपुर की ईस्ट पुलिस ने क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी के आदेश पर सहायक सब-इंस्पेक्टर पर एक महिला के साथ बलात्कार करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।

पाकिस्तान में अहमदपुर की ईस्ट पुलिस ने क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी (आरपीओ) के आदेश के तहत एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) पर एक महिला के साथ बलात्कार करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

पाकिस्तानी अखबार डॉन में प्रकाशित खबर के मुताबिक पीड़िता पहले से ही सामूहिक बलात्कार की शिकार हो चुकी थी। जिसके कारण वह न्याय की गुहार लिए पुलिस के पास शिकायत करने पहुँची थी।

पाकिस्तान की ऊछ शरीफ शहर की रहने वाली पीड़िता का दावा है कि पुलिस अधिकारी मामले की जाँच का बहाना बनाकर उसे अपने घर ले गया। जहाँ पर पुलिस अधिकारी ने उसके साथ बलात्कार किया और साथ ही उसकी वीडियो भी बना ली। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने उसे धमकी दी कि वह इस बारे में किसी को भी बताने की गलती न करे।

पीड़िता की मानें तो पुलिस अधिकारी ने उसे 12 फरवरी को बुलाया था और कहा था कि वह उसका बयान दर्ज करना चाहता है। लेकिन वहाँ जो कुछ भी हुआ, उसने वहाँ के प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में लगातार यौन हिंसा की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। अभी पिछले साल नवंबर महीने में एक अस्पताल में बेहोश महिला के साथ स्टाफ के द्वारा रेप करने की खबर सामने आई थी।

लाहौर के सर्विस अस्पताल में हुई इस घटना में पीड़ित 35 वर्षीय महिला को इस बात का तब पता चला जब उसे दर्द हुआ और खून बहने लगा। इसके अलावा साल 2016 में काहना इलाके में एक डीएसपी पर अल्पसंख्यक लड़की के रेप का आरोप भी लगा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -