ग्राउंड रिपोर्ट #2: नमामि गंगे योजना से लौटी काशी की रौनक – सिर्फ अभी का नहीं, 2035 तक का है प्लान

वाराणसी शहर के नालों से 300 मिलियन लीटर प्रतिदिन गंदा पानी गंगा में प्रवाहित होता है। 2035 तक 400 मीलियन लीटर गंदा पानी बाहर निकलेगा। ऐसे में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा को साफ़ रखने के लिए 2035 तक की है योजना।

30 जनवरी 2019 जो मेरी बनारस यात्रा का दूसरा दिन था। इससे पहले शाम को अस्सी घाट पर धीरेंद्र और गोरखनाथ ने स्वच्छ व अविरल गंगा के लिए मोदी सरकार की जमकर तारीफ़ की थी। ऐसे में बनारस के लोग जिस नमामि गंगे परियोजना की तारीफ़ कर रहे थे, उसकी वास्तविकता को जानना मेरे लिए कई मायनों में ज़रूरी था।

दूसरे दिन अपने कुछ साथियों  के साथ मैं वाराणसी शहर से कुछ दूरी पर स्थित रमना नाम के एक गाँव में पहुँचा। इस गाँव में नमामि गंगे परियोजना के तहत शहर से निकलकर गंगा में मिलने वाले गंदे पानी को साफ़ करने के लिए एक सीवेज ट्रीमेंट प्लांट (STP) बनाया जा रहा है। रमना में बन रहे इस एसटीपी की कुल क्षमता हर रोज़ 5 करोड़ लीटर गंदे पानी को साफ़ करने की होगी। इस एसटीपी को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट ऐसेल इंफ्रा नाम की कंपनी को दी गई है।

रमना में बन रहे सीवेज प्लांट में मेरी मुलाक़ात नमामि गंगा योजना के सीनियर स्पेशलिस्ट पदाधिकारी रजत गुप्ता से हुई। रजत गुप्ता अगले दो दिन बनारस से लेकर प्रयाग तक हमारे साथ रहे। इस आर्टिकल में नमामि गंगे परियोजना के तहत बनारस में मैंने जो कुछ भी देखा, उसका ज़िक्र मैं यहाँ सचित्र करुँगा।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

रजत गुप्ता ने मुझे और मेरे साथियों को वाराणसी शहर से निकलने वाले गंदे पानी और उसके साफ़-सफ़ाई के बारे में गहराई से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंगा के पानी और गंगा घाट को निर्मल बनाने के लिए सरकार ने नमामि गंगे के तहत कई योजनाओं का शुभारंभ किया है। इनमें प्रमुख रूप से सीवेज ट्रीटमेंट, नदी के घाट की सफ़ाई, नदी के किनारे पेड़ों को लगाया जाना, औद्योगिक कचरे का निपटारा, जलीय जीवों की सुरक्षा, गंगा ग्राम आदि के लिए लोगों में जन-जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

रजत गुप्ता व भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा रमना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पत्रकारों के साथ

रजत गुप्ता को सुनने के बाद किसी कर्मचारी के कहने पर विश्वास करने के बजाय हमने रमना के अलावा भी कई दूसरे एसटीपी प्लांट पर जाकर उनके दावे की वास्तविकता का पता करना उचित समझा।

यदि आप वाराणसी गए हैं और वरुणा और असि की वर्तमान हालत को आपने देखा होगा तो आपको पता होगा कि यह दोनों ही नदी नाले में बदल चुकी हैं। ऐसे में यह ज़रूरी है कि गंगा में प्रवाहित होने से पहले इन दोनों ही नदी के गंदे पानी को साफ़ किया जाए।

जब मैंने मौके़ पर मौजूद अधिकारियों से पता किया तो उन्होंने बताया कि इन दोनों नदी के पानी को रमना व दिनापुर एसटीपी के ज़रिए साफ किए जाने की योजना है। दिनापुर प्लांट को ट्रायल के लिए शुरू किया जा चुका है जबकि रमना प्लांट को जल्द शुरू करने की योजना है।

सरकारी आँकड़ों के मुताबिक वर्तमान समय में वाराणसी शहर के नालों से 300 मिलियन लीटर प्रतिदिन गंदा पानी गंगा में प्रवाहित होता है। सरकार ने एक अनुमान लगाया है कि 2035 तक शहर से 400 मीलियन लीटर गंदा पानी बाहर निकलेगा। ऐसे में सरकार ने नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा को साफ़ रखने के लिए 2035 तक की योजना बनाई है।

शहर के नाले से दिनापुर STP में जमा होता गंदा पानी

आपका बता दूँ कि गंगा को साफ़ रखने के लिए पूरे वाराणसी शहर को 4 हिस्सों में बाँटा गया है। इन सभी क्षेत्रों में कुल 13 प्रोजेक्ट को शुरू किया गया, जिस पर सरकार द्वारा ₹913.07 करोड़ ख़र्च करने की घोषणा की गई है। वर्तमान समय में वाराणसी एसटीपी प्लांट द्वारा पानी साफ़ करने की क्षमता 102 मीलियन लीटर प्रतिदिन है, जबकि आने वाले समय में इसे 412 मीलियन लीटर तक पहुँचाने की योजना है।

शहर के गंदे पानी को सीवेज तक पहुँचाने के लिए तीन पंपिंग स्टेशन चौकाघाट, फुलवरिया और सरैया में बनाया गया है। इसके अलावा 26 घाटों को ख़ूबसूरत बनाने के लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत ₹11.73 करोड़ खर्च करने की घोषणा की गई है।

यही नहीं देश भर में गंगा की सफ़ाई के लिए लोगों को जागरुक भी किया गया है। इसके तहत गंगा के किनारे रहने वाले देश भर के क़रीब 630 लोगों को गंगा प्रहरी के रूप में नियुक्त किया गया है।

इसमें कोई शक़ नहीं कि 2014 के बाद वाराणसी में गंगा के किनारे बैठकर चाय बेचने वालों की आय में वृद्धि हुई है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि नमामि गंगे परियोजना लागू होने की वजह से गंगा के घाटों से लेकर पानी तक साफ़ दिखने लगा है। देश-विदेश के लोग दशाश्वमेध घाट के अलावा भी दूसरे घाटों पर घूमने के लिए जाने लगे हैं। यही नहीं, पहले गंगा की आरती सिर्फ़ दशाश्वमेध घाट पर होती थी, लेकिन आज के समय में सभी घाटों पर गंगा आरती होने लगी है।

रिपोर्ट के अगले हिस्से में आप प्रयागराज में होने वाले कुंभ व नमामि गंगे परियोजना की सफलता के क़िस्से को पढ़ेंगे। आप जानेंगे कि किस तरह यह कुंभ पिछले कई कुंभ से अलग और ख़ास है। आप यह भी पढ़ेंगे कि कुंभ को स्वच्छ और पवित्र बनाए रखने के लिए सरकार ने किस नई तक़नीक का इस्तेमाल किया है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

हत्यकाण्ड के वक्त प्रदेश के गृह सचिव रहे गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पीएमओ को जवाब देते हुए ममता बनर्जी के आरोपों को तथ्यहीन बताया था।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

गाय, दुष्कर्म, मोहम्मद अंसारी, गिरफ्तार

गाय के पैर बाँध मो. अंसारी ने किया दुष्कर्म, नारियल तेल के साथ गाँव वालों ने रंगे हाथ पकड़ा: देखें Video

गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई। गाय की व्यथा देखकर गाँव वाले उससे बोले, "ये भाग रही है क्योंकि ये तुमसे डर गई। उसे लग रहा है कि तुम वही सब करने दोबारा आए हो।"
मोहम्मद अंसारी

गाय से दुष्कर्म के आरोपित को पकड़वाने वाले कार्यकर्त्ता गिरफ्तार, ‘धार्मिक भावना आहत करने’ का आरोप

अभि, सुशांत और प्रज्वल के खिलाफ 'धार्मिक भावनाओं को आहत' करने के साथ ही अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। इन तीनों ने ही गाँव के लोगों के साथ मिलकर अंसारी को गाय से दुष्कर्म करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
हरीश जाटव

दलित युवक की बाइक से मुस्लिम महिला को लगी टक्कर, उमर ने इतना मारा कि हो गई मौत

हरीश जाटव मंगलवार को अलवर जिले के चौपांकी थाना इलाके में फसला गाँव से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक से हकीमन नाम की महिला को टक्कर लग गई। जिसके बाद वहाँ मौजूद भीड़ ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीटा।
प्रेम विवाह

मुस्लिम युवती से शादी करने वाले हिन्दू लड़के पर धर्म परिवर्तन का दबाव, जिंदा जलाने की धमकी

आरजू अपने पति अमित के साथ एसपी से मिलने पहुँची थी। उसने बताया कि उन दोनों ने पिछले दिनों भागकर शादी की थी। कुछ दिन बाद जब इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने लड़के और उसके परिवार को मारपीट करके गाँव से निकाल दिया।
मुजफ्फरनगर दंगा

मुजफ्फरनगर दंगा: अखिलेश ने किए थे हिंदुओं पर 40 केस, मुस्लिमों पर 1, सारे हिंदू बरी

हत्या से जुड़े 10, सामूहिक बलात्कार के 4 और दंगों के 26 मामलों के आरोपितों को अदालत ने बेगुनाह माना। सरकारी वकील के हवाले से बताया गया है कि अदालत में गवाहों के मुकरने के बाद अब राज्य सरकार रिहा आरोपितों के संबंध में कोई अपील नहीं करेगी।
निर्भया गैंगरेप

जागरुकता कार्यक्रम के पोस्टर में निर्भया गैंगरेप के दोषी की फोटो, मंत्री ने दिए जाँच के आदेश

इस पोस्टर पर पंजाब के मंत्री का कहना है कि यह मामला ग़लत पहचान का है। श्याम अरोड़ा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस मामले की जाँच कराई जाएगी। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि जिस शख़्स की फोटो पर विवाद हो रहा है, उस पर भी संशय बना हुआ है कि वो उसी आरोपित की है भी कि नहीं!
ऋचा भारती, सुरक्षाकर्मी

ऋचा भारती पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अबु आजमी वसीम खान के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, अभी है फरार

ऋचा भारती उर्फ़ ऋचा पटेल के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में अबु आजमी वसीम खान के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल अबु आजमी वसीम खान फरार है और पुलिस ने उसकी धड़-पकड़ की कोशिशें तेज कर दी हैं।
सारा हलीमी

गाँजा फूँक कर की हत्या, लगाए अल्लाहु अकबर के नारे, फिर भी जज ने नहीं माना दोषी

फ्रांसीसी न्यायिक व्यवस्था में जज ऑफ इन्क्वायरी को यह फैसला करना होता है कि आरोपी पर अभियोग चलाया जा सकता है या नहीं। जज ऑफ इन्क्वायरी के फैसले को यहूदियों के संगठन सीआरआइएफ के अध्यक्ष फ्रांसिस खालिफत ने आश्चर्यजनक और अनुचित बताया है।
जानवरों का बलात्कार

बछड़े से लेकर गर्भवती बकरी तक का रेप करने वाला अज़हर, ज़फर और छोटे ख़ान: लिस्ट लंबी है

हरियाणा के मेवात में एक गर्भवती बकरी का इस दरिंदगी से बलात्कार किया गया कि उस निरीह पशु की मौत हो गई। हारून और जफ़र सहित कुल 8 लोगों ने मिल कर उस बकरी का गैंगरेप किया था। बकरी के मरने की वजह उसके प्राइवेट पार्ट्स में अत्यधिक ब्लीडिंग और शॉक को बताया गया।

सोनभद्र: हत्याकांड की बुनियाद आजादी से भी पुरानी, भ्रष्ट अधिकारियों ने रखी नींव

आईएएस अधिकारी प्रभात मिश्र ने तहसीलदार के माध्यम से 17 दिसम्बर 1955 में जमीन को आदर्श कॉपरेटिव सोसायटी के नाम करा ली। जबकि उस समय तहसीलदार को नामान्तरण का अधिकार नहीं था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

57,732फैंसलाइक करें
9,840फॉलोवर्सफॉलो करें
74,901सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: