Tuesday, April 16, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकुलभूषण जाधव की सजा पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने लगाई रोक, भारत की बड़ी जीत

कुलभूषण जाधव की सजा पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने लगाई रोक, भारत की बड़ी जीत

अदालत ने पाकिस्तान को वियना संधि के उल्लंघन का दोषी पाया है। कहा कि कुलभूषण को उनके अधिकारों के बारे में विवरण नहीं दिया गया। इसके अलावा उनकी गिरफ़्तारी की जानकारी भारत को तुरंत नहीं दी गई।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने कुलभूषण जाधव मामले में भारत के पक्ष में निर्णय दिया है। अदालत ने पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव को दी गई सजा की समीक्षा करने और पुनर्विचार करने को कहा है। इसके साथ ही कुलभूषण जाधव को मिली मौत की सज़ा पर भी रोक लगा दी गई है। अदालत ने पाकिस्तान को वियना संधि के उल्लंघन का दोषी पाया है। अदालत ने कहा कि कुलभूषण जाधव को उनके अधिकारों के बारे में विवरण नहीं दिया गया। इसके अलावा अदालत ने इस बात का भी जिक्र किया कि जाधव की गिरफ़्तारी की जानकारी भारत को तुरंत नहीं दी गई।

कुलभूषण जाधव मामले में कोर्ट के निर्णय का हिस्सा

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने जासूसी का आरोप लगा कर अपने जेल में बंद कर रखा है। मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायलय में गया और पाकिस्तान वहाँ भी इस मामले में लचर नज़र आया। यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायलय में 2 वर्ष और 2 महीने तक चला। बता दें कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को मौत की सज़ा सुनाई थी। कुलभूषण को पाकिस्तान की जेल में ‘अपराध कबूलने’ के लिए प्रताड़नाएँ भी दी गई थी।

पाकिस्तान ने वियना संधि का सीधा-सीधा उल्लंघन करते हुए भारत द्वारा कुलभूषण जाधव को किसी भी प्रकार का क़ानूनी मदद (काउंसलर एक्सेस) मुहैया कराने की अनुमति नहीं दी। जब कुलभूषण की माँ और पत्नी उनसे मिलने गई, तब उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। मुलाक़ात के दौरान बीच में काँच की दीवार लगा दी गई थी और फिर फोन से उनकी बातचीत कराई गई। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट को बताया कि कैसे पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को अगवा कर जबरदस्ती बयान दिलवाया और फाँसी की सज़ा सुना दी।

बता दें कि आईसीजे (ICJ) ने कुलभूषण जाधव की सजा पर रोक लगा दी थी। जाधव को जब अगवा किया गया था, तब वह रिटायरमेंट के बाद ईरान में अपना कारोबार कर रहे थे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

‘वित्त मंत्री रहते RBI पर दबाव बनाते थे P चिदंबरम, सरकार के लिए माहौल बनाने को कहते थे’: बैंक के पूर्व गवर्नर ने खोली...

आरबीआई के पूर्व गवर्नर पी सुब्बाराव का दावा है कि यूपीए सरकारों में वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और पी चिदंबरम रिजर्व बैंक पर दबाव डालते थे कि वो सरकार के पक्ष में माहौल बनाने वाले आँकड़ें जारी करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe