Friday, May 31, 2024
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IAF ने दिखाई ताक़त: 137 लड़ाकू विमान की गर्जना से थर्राया Pak

राजस्थान के पोखरण में 'वायु शक्ति-2019' युद्धाभ्यास प्रदर्शन के दौरान वायुसेना ने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुआ आत्मघाती हमला देश कभी नहीं भूलेगा। आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान को भारत जल्द ही सबक सिखाएगा।

आइए आपको तस्वीरों के माध्यम से वायुसेना के शक्ति प्रदर्शन से अवगत कराते हैं। इन तस्वीरों को देखकर भारतवासियों को इस बात का अनुमान हो जाएगा कि पाकिस्तान की नापाक हरक़तों का जबाव देने में भारतीय सेना पूरी तरह से तैयार है।

एक तरफ जहाँ देश और दुनियाभर में इस हमले की कड़ी निंदा हुई और देश के जवानों के बलिदान को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई, तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान बॉर्डर से सटे पोखरण में शनिवार (16 फ़रवरी 2019) को ‘वायु शक्ति-2019’ के तहत युद्धाभ्यास किया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में वायुसेना के एयर चीफ़ मार्शल बी एस धनोवा, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, सचिन तेंदुलकर और राजस्थान के कई सांसदों ने हिस्सा लिया।

राजस्थान के पोखरण में ‘वायु शक्ति-2019’ युद्धाभ्यास प्रदर्शन के तहत वायुसेना ने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया।

वायु शक्ति-2019 प्रदर्शन में सीमा पर 2 घंटे तक क़रीब 137 लड़ाकू विमानों ने गरज कर अपनी शक्ति का एहसास कराया।

बता दें कि इस युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना द्वारा 137 लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के ज़रिए रियल टाइम टारगेट करके कई धमाके भी किए।

इस दौरान मिसाइलों के साथ-साथ जीपीएस और लेज़र गाइडेड बम और रॉकेट लॉन्चर का भी सटीक इस्तेमाल किया गया। वायुसेना के स्क्वॉड्रन लीडर IS Kolkar ने युद्धाभ्यास पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

विश्व की सर्वश्रेष्ठ वायुसेना में से एक भारतीय वायु सेना ने युद्धाभ्यास के दौरान बमों, मिसाइलों, लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल कर हवा से हवा और हवा से ज़मीन पर मार करने का अभ्यास किया।

वायु शक्ति प्रदर्शन में सुखोई 30-MKI, मिराज 2000, जगुआर, मिग 27, तेजस, हॉक जैसे विमान मुख्य थे। इसके अलावा एयर डिफेंस सिस्टम काउंटर, सरफेस कोर्सेज, ऑपरेशन सर्च और रेस्क्यू का भी प्रदर्शन किया गया।

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि वायुसेना के शक्ति प्रदर्शन की शुरुआत 1953 में हुई थी। यह अभ्यास हर तीन साल में एक बार किया जाता है।

युद्धाभ्यास को लेकर ख़ुफ़िया एजेंसियाँ मुस्तैदी के साथ सतर्क रहती हैं। युद्धाभ्यास के अपने प्रदर्शन में वायुसेवा ने यह साफ़ किया कि वो दुश्मन का ख़ात्मा करने के लिए तत्पर है।

CAS (Chemical Abstracts Service) ने वायु शक्ति युद्धाभ्यास में भाग लेने वाले वायुसेना के योद्धाओं को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए बधाई दी।

बता दें कि ऐसा पहली बार होगा जब किसी युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना के किसी लड़ाकू विमान से अस्त्र मिसाइल को छोड़ने का लाइव नज़ारा पेश किया गया।

वायुसेना के इस पराक्रम से जुड़े प्रदर्शन के दौरान, फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान, परिवहन विमान, हेलीकॉप्टर और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ने भी अपनी ताक़त दिखाई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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