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‘इससे सिख धर्म और भारत का नाम खराब होगा’: कनाडा गए 3 पंजाबी गायक लापता, खालिस्तानी हाथ होने का शक

पंजाबियों के गायब होने की यह पहली घटना नहीं है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहे खालिस्तानी आतंकवादी हमेशा ही सिखों का गलत उपयोग करते रहे हैं।

गुरुद्वारों में धार्मिक गीत (ढाडी जत्थे) गाने के लिए कनाडा गए 3 लोग गायब हो गए। ये सभी पंजाब के रहने वाले हैं। इन गायकों के प्रमुख और मशहूर गायक जसविंदर सिंह शांत ने संदेह जताते हुए कहा है कि तीनों ने फर्जी तरीके से शरणार्थी के रूप में रहने के लिए ‘गायब होने की’ योजना बनाई होगी।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के रहने वाले हरपाल सिंह, रणजीत सिंह राणा और राजेश सिंह महाय 6 महीने के वीजा पर कनाडा गए थे। उनके साथ ही जसविंदर सिंह शांत भी गए हुए थे। लेकिन तीनों गत 22 जनवरी को कनाडा के कैलगरी शहर से गायब हो गए। कनाडा गए पंजाबी गायकों के गायब होने को जसविंदर सिंह शांत ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे सिख धर्म, पंजाब और भारत का नाम खराब होगा।

उन्होंने यह भी कहा है कि भारत छोड़ने से पहले हरपाल और रंजीत ने शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान के साथ फोटो खिंचवाई थी। सिमरजीत सिंह लंबे समय से खालिस्तान का समर्थक रहा है। हालाँकि, जसविंदर सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्हें मान और गायब हुए लोगों के इरादे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

जसविंदर सिंह शांत ने यह भी कहा है, “मुझे लगता है कि गायब हुए लोगों ने मान के साथ खींची गई फोटो का दुरुपयोग किया होगा। उन लोगों ने फोटो दिखाकर यह दावा किया होगा कि वे सिमरनजीत सिंह मान की पार्टी से जुड़े हुए हैं और भारत में उनकी जान को खतरा है। हरपाल और रंजीत का वीजा 23 फरवरी तक वैध है। उन्होंने वीजा बढ़ाने के लिए पहले आवेदन कर दिया था। लेकिन, अब हमने उनका आवेदन वापस ले लिया।”

उन्होंने यह भी कहा है, “हमारी यात्रा ब्रिटिश कोलंबिया के विक्टोरिया शहर की गुरुद्वारा समिति द्वारा स्पॉन्सर की गई थी। गुरुद्वारे में आयोजित बैसाखी उत्सव में हमें भजन गाना था। इन लोगों के गायब होने पर गुरुद्वारा समिति ने शिकायत कराई है। शिकायत के आधार पर विक्टोरिया पुलिस ने मामला दर्ज किया है।”

गौरतलब है कि पंजाबियों के गायब होने की यह पहली घटना नहीं है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहे खालिस्तानी आतंकवादी हमेशा ही सिखों का गलत उपयोग करते रहे हैं। यहाँ तक कि पाकिस्तान, सिखों के धार्मिक स्थल करतारपुर कॉरिडोर में मत्था टेकने जाने वाले सिखों को फँसाकर भी भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है।

यही नहीं, पाकिस्तान में पहले सिख पुलिस अफसर गुलाब सिंह शाहीन भी गायब हो चुके हैं। अप्रैल 2022 के बाद से वह कहाँ हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि गुलाब सिंह शाहीन को अगवा कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने किसी अज्ञात जगह पर रखा है। साल 2018 में उन्हें पत्नी और तीन बच्चों समेत जबरन घर से निकाला गया था। इसके बाद, ट्रैफिक वॉर्डन के पद से बरख़ास्त कर दिया गया था। बरख़ास्तगी से पहले वे 116 दिन नौकरी से भी गायब रहे थे। उन्होंने ही ETPB पर गंभीर आरोप लगाए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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