Thursday, February 25, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय अपनी चौथी माँ, और पिता की 13वीं सन्तान हैं शांति नोबेल विजेता अहमद, 20...

अपनी चौथी माँ, और पिता की 13वीं सन्तान हैं शांति नोबेल विजेता अहमद, 20 साल की जंग का किया अंत

इथियोपियाई ऑर्थोडॉक्स तेवाहेदो चर्च और इथियोपियाई इलामिक काउंसिल के बीच कई तरह के संघर्ष हैं। सत्ता पर काबिज़ होने के पहले ही साल में अली ने इनका निपटारा करने के लिए कई कदम उठाए। इसके लिए उन्हें दोनों ही समुदायों के मज़हबी संगठनों ने अपने सर्वोच्च शांति पुरस्कारों से नवाज़ा है।

2019 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली को यह पुरस्कार इरीट्रिया के साथ उनके देश की 20 साल से चली आ रही जंग और सीमा विवाद का अंत करके ‘हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका’ के नाम से जाने जाने वाले क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने के लिए दिया जा रहा है। बाडमे (Badme) नामक एक कस्बे के नियंत्रण का विवाद पिछले 18 साला से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ था। यही मसला 1998-2000 तक चले युद्ध के बाद इरीट्रिया और इथियोपिया के बीच हुई आल्जिएर्स संधि को भी लागू करने में रोड़ा था। अबिय अली ने इस कस्बे का नियंत्रण इरीट्रिया को सौंप दिया

खत्म की अपने देश की हठधर्मिता   

आल्जिएर्स समझौते के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा आयोग के निर्णय को लागू करते हुए इथियोपिया को बाडमे इरीट्रिया को सौंप देना था। लेकिन उसने आयोग के निर्णय को नकारते हुए ऐसा करने से मना कर दिया था, जिससे दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिने जाने वाले दोनों देशों के बीच ‘शीत संघर्ष’ (frozen conflict) की स्थिति बनी हुई थी

अबिय अहमद अली ने इस संघर्ष की स्थिति का अंत किया और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध दोबारा शुरू हुए। 8 जुलाई, 2018 को अली इरीट्रिया के राष्ट्राध्यक्ष से मिलने वाले पिछले दो दशकों के पहले इथियोपियाई प्रधानमंत्री बने। दोनों देशों के बीच सीधे दूरसंचार संबंध तक नहीं थे, जो इस मुलाकात के अगले दिन “साझा शांति और मित्रता उद्घोषणा” (Joint Declaration of Peace and Friendship) पर हस्ताक्षर होने के बाद शुरू हुए। इसके अलावा इससे पूरी तरह जमीनी रेखाओं वाले और समुद्र से कटे इथियोपिया को इरीट्रिया के मसावा और आसेब बन्दरगाहों के इस्तेमाल का अधिकार भी मिला।

ईसाईयों-मजहब विशेष में शांति की स्थापना  

खुद ईसाई माँ और चार शादियाँ करने वाले पिता की सन्तान अबिय अहमद अली ने अपने देश में दोनों समुदायों के बीच शांति की स्थापना में भी महती भूमिका का निर्वहन किया है। इथियोपियाई ऑर्थोडॉक्स तेवाहेदो चर्च और इथियोपियाई इलामिक काउंसिल के बीच कई तरह के संघर्ष हैं। सत्ता पर काबिज़ होने के पहले ही साल में अली ने इनका निपटारा करने के लिए कई कदम उठाए। इसके लिए उन्हें दोनों ही समुदायों के मज़हबी संगठनों ने अपने सर्वोच्च शांति पुरस्कारों से नवाज़ा है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

LoC पर युद्धविराम समझौते के लिए भारत-पाक तैयार, दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

दोनों देशों ने तय किया कि आज, यानी 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो समय-समय पर दोनों देशों के बीच हुए हैं।

यहाँ के CM कॉन्ग्रेस आलाकमान के चप्पल उठा कर चलते थे.. पूरे भारत में लोग उन्हें नकार रहे हैं: पुडुचेरी में PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि पहले एक महिला जब मुख्यमंत्री के बारे में शिकायत कर रही थी, पूरी दुनिया ने महिला की आवाज में उसका दर्द सुना लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सच बताने की बजाए अपने ही नेता को गलत अनुवाद बताया।

‘लोकतंत्र सेनानी’ आज़म खान की पेंशन पर योगी सरकार ने लगाई रोक, 16 सालों से सरकारी पैसों पर कर रहे थे मौज

2005 में उत्तर प्रदेश की मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने आजम खान को 'लोकतंत्र सेनानी' घोषित करते हुए उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की थी।

RSS कार्यकर्ता नंदू की हत्या के लिए SDPI ने हिन्दूवादी संगठन को ही बताया जिम्मेदार: 8 गुंडे पुलिस हिरासत में, BJP ने किया बंद...

BJP ने RSS कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में अलप्पुझा जिले में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ‘हड़ताल’ का आह्वान किया है। 8 SDPI कार्यकर्ता हिरासत में हैं।

दिल्ली दंगों का 1 साल: मस्जिदों को राशन, पीड़ित हिन्दुओं को लंबी कतारें, प्रत्यक्षदर्शी ने किया खालसा व केजरीवाल सरकार की करतूत का खुलासा

ऑपइंडिया ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के स्थानीय लोगों से बात की, जिन्होंने दंगों को लेकर अपने अनुभव साझा किए और AAP सरकार के दोहरे रवैए के बारे में बताया।

केजरीवाल की रैली में ₹500 देने का वादा कर जुटाई भीड़, रूपए ना मिलने पर मजदूरों का हंगामा

वीडियो में देखा जा सकता है कि रैली में आने के लिए तय किए गए रुपए न मिलने के कारण मजदूर भड़के हुए हैं और पैसों की माँग कर रहे हैं। उनमें महिलाएँ भी शामिल हैं।

प्रचलित ख़बरें

उन्नाव मर्डर केस: तीसरी लड़की को अस्पताल में आया होश, बताई वारदात से पहले की हकीकत

विनय ने लड़कियों को कीटनाशक पिलाकर बेहोश किया और बाद में वहाँ से चला गया। बेहोशी की हालत में लड़कियों के साथ किसी तरह के सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने नहीं आई है।

ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय ने 66 महिलाओं को बनाया शिकार: फीडबैक के नाम पर वीडियो कॉल, फिर ब्लैकमेल और रेप

उसने ज्यादातर गृहणियों को अपना शिकार बनाया। वो हथियार दिखा कर रुपए और गहने भी छीन लेता था। उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

महिला ने ब्राह्मण व्यक्ति पर लगाया था रेप का झूठा आरोप: SC/ST एक्ट में 20 साल की सज़ा के बाद हाईकोर्ट ने बताया निर्दोष

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, "पाँच महीने की गर्भवती महिला के साथ किसी भी तरह की ज़बरदस्ती की जाती है तो उसे चोट लगना स्वाभाविक है। लेकिन पीड़िता के शरीर पर इस तरह की कोई चोट मौजूद नहीं थी।”

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

लोगों को पिछले 10-15 सालों से थूक वाली रोटियाँ खिला रहा था नौशाद: पूरे गिरोह के सक्रीय होने का संदेह, जाँच में जुटी पुलिस

नौशाद के साथ शादी समारोह में लगे ठेकेदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। वो शहर की कई मंडपों और शादियों में खाना बना चुका है।

UP: भीम सेना प्रमुख ने CM आदित्यनाथ, उन्नाव पुलिस के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज की FIR

भीम सेना प्रमुख ने CM योगी आदित्यनाथ और उन्नाव पुलिस अधिकारियों पर गुरुग्राम में SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज करवाई है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

291,994FansLike
81,854FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe