Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयनाबालिग से रेप करने वाले को केमिकल से 'नपुंसक' बनाएगा पेरू, बिल लाने की...

नाबालिग से रेप करने वाले को केमिकल से ‘नपुंसक’ बनाएगा पेरू, बिल लाने की तैयारी

इससे पहले भी इस पर नेताओं ने चर्चा की थी। साल 2018 में कॉन्ग्रेस ने 14 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन हिंसा करने वालों का रासायनिक बंध्याकरण करने पर जोर दिया था। हालाँकि, इसे लागू नहीं किया जा सका।

दक्षिण अमेरिकी देश पेरू (Peru) में बढ़ रहे बलात्कार (Rape) के मामलों पर लगाम लगाने के लिए वहाँ की सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। पेरू सरकार नाबालिगों से रेप के दोषियों का रासायनिक बंध्याकरण (Chemical Castration) करने के लिए एक विधेयक पेश करने जा रही है। बुधवार (20 अप्रैल 2022) को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 3 साल की नाबालिग बच्ची से बलात्कार के बाद यह फैसला लिया गया है।

इस मामले को लेकर देश के न्याय मंत्री फेलिक्स चेरो ने कहा, “हम मानते हैं कि यह उपाय बलात्कार करने वालों के लिए एक अतिरिक्त दंड होगा।” मंत्री के मुताबिक, सरकार को इस बात की उम्मीद है कि देश में नाबालिगों से रेप करने के आरोप में जेल की सजा काटने के बाद इसके अंत में इनका रासायनिक बंध्याकरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इसी महीने की शुरुआत में 48 साल के एक शख्स को 3 साल की दुधमुँही बच्ची से रेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बच्ची की सर्जरी भी करनी पड़ी थी।

सामाजिक रूढ़िवादी पूर्व स्कूली शिक्षक एवं राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि नाबालिगों का बलात्कार करने वाले लोगों को बेहद कठोर दंड की जरूरत है। कैस्टिलो ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था, “हमें उम्मीद है कि कॉन्ग्रेस बिल का समर्थन करेगी।” कानून बनने के लिए इस बिल को पेरू की कॉन्ग्रेस से होकर गुजरना होगा।

पेरू के स्वास्थ्य मंत्री जॉर्ज लोपेज समेत महिला अधिकार संगठनों ने रासायनिक बंध्याकरण प्रस्ताव की आलोचना की है। महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन फ्लोरा ट्रिस्टन ने कहा, “हमें खेद है कि कार्यकारिणी यौन हिंसा को नहीं समझती है। हमें कानूनी प्रक्रियाओं को तेज करने, देखभाल में सुधार करने और ऐसे मामलों के रोकथाम को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी देश के राजनेताओं ने ऐसे उपायों पर चर्चा की थी। साल 2018 में कॉन्ग्रेस ने 14 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ हिंसा करने वालों का रासायनिंक बंध्याकरण करने पर जोर दिया था। हालाँकि, इसे लागू नहीं किया जा सका।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदू बन लॉरा फ्रांसिस ने मंदिर में किया विवाह, फिर भी तमिलनाडु सरकार ने गर्भगृह में पूजा से रोका: हाई कोर्ट ने दिया अधिकार,...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि विदेशी नाम या नागरिकता से हिंदू पहचान तय नहीं होती। अमेरिकी महिला को मंदिर में पूजा और प्रवेश का पूरा अधिकार मिला।

‘तमिलनाडु को अलग देश होना चाहिए’: मद्रास HC ने कहा- यह देशद्रोह नहीं, आज के दौर में ऐसा बयान देश/सरकार के खिलाफ नफरत फैलाना...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि देशद्रोह के आरोपों की समीक्षा हमेशा वर्तमान सामाजिक ताने-बाने और माहौल को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
- विज्ञापन -