Sunday, October 17, 2021
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‘अगर तुम मंदिर बनाओगे तो पाकिस्तानी कौम तुम्हारी गर्दनों को काटकर बाहर फिरने वाले कुत्तों के सामने डाल देगी’

वीडियो में देखा जा सकता है कि मौलवी कहता है, "मस्जिदों का निर्माण तो यहाँ चंदा से हो रहा है। लेकिन मंदिर का निर्माण पाकिस्तान के खजाने से पैसे निकालकर किया जा रहा है। अगर तुम मंदिर बनाओगे तो पाकिस्तानी गैरतमंद कौम तुम्हारी गर्दने काट कर मंदिर के बाहर फिरने वाले कुत्तों को सामने डाल देंगी।"

इस्लामाबाद में हिंदू मंदिर की खबर आने के बाद सोशल मीडिया पर अभी तक हम बहुत कट्टरपंथियों की प्रतिक्रिया देख चुके हैं। इसी बीच एक अन्य वीडियो और सामने आई है।

वीडियो में एक मौलवी है। जो हिंदुओं से अपनी घृणा जाहिर करते हुए पाकिस्तानी हुकूमत को भी धमकाने वाले लहजे में सचेत कर रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि मौलवी कहता है, “मस्जिदों का निर्माण तो यहाँ चंदा से हो रहा है। लेकिन मंदिर का निर्माण पाकिस्तान के खजाने से पैसे निकालकर किया जा रहा है।”

आगे वो पाकिस्तान में ऊँचे पदो पर बैठे लोगों का उल्लेख करते हुए कहता है कि वह लोग भी इस बात पर ‘हाँ’ भर रहे हैं कि मंदिर बनेगा।

मौलवी आगे आवाज ऊँची करते हुए कहता है कि अगर तुम मंदिर बनाओगे तो पाकिस्तानी गैरतमंद कौम तुम्हारी गर्दने काट कर मंदिर के बाहर फिरने वाले कुत्तों को सामने डाल देंगी।

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ये पहली बार नहीं है जब मंदिर बनाने के फैसले पर किसी मौलवी या उलेमा ने इस तरह जहर उगला हो। इससे पूर्व भी फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हुई थी।

वीडियो में मौलवी को कहते सुना गया था कि इस्लामी रियासत में काफिरों के लिए उनका इबादतखाना नहीं बनाया जा सकता। तो फिर आखिर कैसे इस्लामाबाद में मंदिर बनाने का ऐलान किया गया? मौलवी आगे कहता है, “हम इस फैसले को जूती के तलवे के ऊपर रखते हैं।”

गौरतलब हो कि गत माह में पाकिस्तान में यह ऐलान हुआ था कि वहाँ की राजधानी इस्लामाबाद में पहला हिंदू मंदिर बनेगा। जिसकी आधारशिला रख दी गई है। इस दौरान धार्मिक मामलों के मंत्री पीर नूरुल हक कादरी ने भी इसका ऐलान किया था कि सरकार इस मंदिर के निर्माण पर आने वाला 10 करोड़ रुपए का खर्च वहन करेगी।

इसके अलावा लाल चंद मल्ही ने मंदिर की आधारशिला रखते हुए कहा था कि पिछले दो दशकों में राजधानी में हिंदू आबादी काफी बढ़ी है, जिससे उनके पूजा करने के लिए मंदिर बनाना महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा था, इस्लामाबाद में हिंदू समुदाय लंबे समय से मंदिर बनाने की माँग कर रहा है। यहाँ कई हिंदू मंदिर खंडहर की हालत में हैं। इसके अलावा इस्लामाबाद में कोई श्मशान घाट नहीं है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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