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इजरायल से अब जॉर्डन नहीं जाएँगे बायडेन, गाजा के अस्पताल पर हमले के बाद सम्मेलन रद्द: मिस्र-फिलिस्तीन के मुखिया से भी नहीं होगी बात

हमास के हमले में 1400 इजरायलियों की मौत के बाद इजरायल ने हमास के खात्मे का संकल्प लिया है। हमास ने इस हमले में 199 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायल बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली, पानी, राशन की सप्लाई भी रोक दी है।

आतंकी संगठन हमास के इजरायल पर हमले के बाद इजरायल लगातार कार्रवाई करते हुए गाजा पर हमले कर रहा है। अमेरिका इस युद्ध में इजरायल के साथ खड़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन इजरायल से एकजुटता दिखाने के लिए तेल अवीव का दौरा कर रहे हैं। वो जॉर्डन भी जाने वाले थे, लेकिन एक अस्पताल पर रॉकेट हमले की वजह से उनका जॉर्डन दौरा रद्द हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, इजरायल के दौरे के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन जॉर्डन की राजधानी अम्मान में जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी और फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मिलने वाले थे। इसके लिए अम्मान में अरब समिट का आयोजन किया जाना था।

इस समिट में फिलिस्तीन को मानवीय सहायता पहुँचाने पर बात होने वाली थी। इसी बीच गाजा पट्टी में स्थित एक अस्पताल पर रॉकेट से हमला हो गया, जिसमें 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर आई। इस खबर के बाद जो बायडेन की मुलाकात इजरायल तक ही सिमट कर रह गई।

दरअसल, हमास का कहना है कि अस्पताल पर यह हमला इजरायल ने किया है। वहीं, इज़रायली सेना ने कहा कि इस हमले में उसका कोई हाथ नहीं है और गाजा आतंकवादियों द्वारा छोड़े गए एक गलत रॉकेट के कारण विस्फोट हुआ है। ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें दिख रहा है कि गाजा से लॉन्च किया गया रॉकेट फेल हो गया। इससे फिलिस्तीनी क्षेत्र में ही विस्फोट हो गया।

गाजा में सहायता पहुँचाने को लेकर होनी थी मुलाकात

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल को हमास के खिलाफ हरसंभव सहायता की घोषणा की है तो दूसरी तरफ वो गाजा में आम लोगों की सुरक्षा के प्रति भी चिंतित हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि गाजा पर कब्जा करना इजरायल की बड़ी भूल होगी।

ऐसे में वो उत्तरी गाजा से निकलकर दक्षिणी गाजा पहुँचे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए जॉर्डन में अरब समिट में हिस्सा लेने वाले थे। इसकी मेजबानी जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला कर रहे थे, लेकिन अस्पताल पर हमले के बाद इन लोगों ने बायडेन से मिलने से इनकार कर दिया।

जो बायडेन ने जारी किया बयान

जो बायडेन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मैं गाजा के अल अहली अरब अस्पताल में हुए विस्फोट और उसके परिणामस्वरूप हुई जानमाल की भयानक क्षति से क्षुब्ध और बेहद दुखी हूँ। यह समाचार सुनते ही मैंने जॉर्डन के सुल्तान अब्दुल्ला द्वितीय और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को इस घटना की विस्तार से जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका संघर्ष के दौरान नागरिक जीवन की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से खड़ा है और हम इस त्रासदी में मारे गए या घायल हुए मरीजों, चिकित्सा कर्मचारियों और अन्य निर्दोष लोगों के लिए शोक व्यक्त करते हैं।”

मिस्र के रास्ते सहायता पहुँचाना चाहता है अमेरिका

अमेरिका की कोशिश है कि वो राफा क्रॉसिंग से होकर गाजा के लोगों तक मानवीय सहायता पहुँचाए और गाजा में फँसे फिलिस्तीनी-अमेरिकी नागरिकों को बचाए। मिस्र ने राफा क्रॉसिंग बंद कर रखा है। बीच में ये बातें सामने आ रही थीं कि इस क्रॉसिंग को थोड़े समय के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन इसे खोलने पर सहमति नहीं बन पाई।

बता दें कि हमास के हमले में 1400 इजरायलियों की मौत के बाद इजरायल ने हमास के खात्मे का संकल्प लिया है। हमास ने इस हमले में 199 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायल बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली, पानी, राशन की सप्लाई भी रोक दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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