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13 साल की बच्ची, 65 साल का इमाम: मस्जिद में मजहबी शिक्षा की क्लास, किताब के बहाने टॉयलेट में रेप

“इस घटना के बाद मैं कभी मस्जिद नहीं जाना चाहती थी। जब भी मस्जिद जाती रहमान गलत तरीके से छूता था। रहमान के पास एक छड़ी भी थी जिसका इस्तेमाल वह बच्चों को पीटने के लिए करता था। इसी बहाने उसे लड़कियों के साथ अभद्रता करने का मौक़ा मिल जाता था।”

तब वो सिर्फ 13 साल की ​थी। जूनियर स्कूल में पढ़ती थी। एक दिन वह अपने छोटे भाई के साथ मस्जिद गई। मजहबी शिक्षा की क्लास में हिस्सा लेने। लेकिन, किताब के बहाने मस्जिद का इमाम उसे टॉयलेट में ले गया। धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। पल भर में वह नीचे और अधेड़ इमाम उसके ऊपर था। जब वह यह सब भोग रही थी, मस्जिद की पार्किंग में उसके अब्बा कार लेकर बच्चों का इंतजार कर रहे थे।

घटना ब्रिटेन की है। 2005 में हुई इस घटना का आरोपित इमाम खन्दाकेर मोहम्मद रहमान 65 साल का है। 2018 में यह मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़िता ने आपबीती शौहर से साझा की। अब इस मामले की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हालाँकि इमाम ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है।

आरोपों के अनुसार रहमान ने साल 2005 के दौरान साउथ वेल्स मस्जिद की महिला वाशरूम (शौचालय) में नाबालिग के साथ बलात्कार किया था। इसके अलावा कई अन्य मौकों पर भी उसने लड़की के साथ ज्यादती करने का प्रयास किया। स्वानसी क्राउन कोर्ट (Swansea Crown Court) में आरोपित ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया।  

सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील जॉन हिपकिन ने कहा जिस वक्त आरोपित रहमान (65) ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया, पीड़िता केवल 13 साल की थी। रहमान ने लड़की को अपने साथ मस्जिद की पुस्तकालय तक चलने के लिए कहा। जब आरोपित को आसपास कोई नज़र नहीं आया तो वह पीड़िता को धक्का देकर वाशरूम की ओर ले गया।

पीड़िता ने आरोपित इमाम की पहचान यूट्यूब वीडियो देखने के दौरान की थी। आरोपित इमाम पर इसके अलावा दो अन्य मौकों पर भी उसने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद भी पीड़िता जब मस्जिद आती थी तब रहमान उसके साथ ज्यादती करने का प्रयास करता था। उसे गलत तरीके से छूता था। बाद में पीड़िता ने मस्जिद जाना ही बंद कर दिया।

साल 2018 में पीड़िता ने पूरी घटना का ब्यौरा अपने शौहर को दिया तब इस मामले की पुलिस से शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़िता ने बाद में बताया कि रहमान वही व्यक्ति है जो पहले उसकी तस्वीर खोज रहा था और इसके बाद उसने पीड़िता पर हमला किया था। लेकिन जब पुलिस ने रहमान से पूछताछ की थी तब उसने सारे आरोप नकार दिए थे। 

सुनवाई के दौरान जॉन हिपकिन ने कहा कि इस बात पर निर्णय लेना न्यायालय का काम है कि क्या पीड़िता का बलात्कार और शोषण हुआ? इसके बाद न्यायाधीशों की पीठ ने वह वीडियो देखा जिसमें पीड़िता ने पुलिस के सामने पूरी घटना का ब्यौरा दिया था। इस वीडियो में पीड़िता ने विस्तार से बताया है कि कैसे इमाम ने मस्जिद स्थित महिलाओं के वाशरूम में उसे फर्श पर गिराया और जबरदस्ती की। फिर कैसे वह पार्किंग तक पहुँची जहाँ उसके पिता की कार खड़ी थी।  

पीड़िता ने कहा, “इस घटना के बाद मैं कभी मस्जिद नहीं जाना चाहती थी। जब भी मस्जिद जाती रहमान गलत तरीके से छूता था। रहमान के पास एक छड़ी भी थी जिसका इस्तेमाल वह बच्चों को पीटने के लिए करता था। इसी बहाने उसे लड़कियों के साथ अभद्रता करने का मौक़ा मिल जाता था। मुझे इस बात का पछतावा है कि मैंने इस मामले की शिकायत पहले नहीं की, मैं उम्मीद करती हूँ जल्द ही इस घटना पर न्याय होगा।”  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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