Wednesday, May 18, 2022
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'टीचर छाती दबाते, कहते- नंगे या सिर्फ अंडरवियर में रिहर्सल करो': ब्रिटेन के ड्रामा...

‘टीचर छाती दबाते, कहते- नंगे या सिर्फ अंडरवियर में रिहर्सल करो’: ब्रिटेन के ड्रामा स्कूलों में यौन शोषण की शिकायतों का अंबार

एसेक्स यूनिवर्सिटी के ईस्ट 15 ड्रामा स्कूल के बच्चों ने कहा है कि उन पर क्लास के दौरान सेक्सुअल कमेंट किए जाते थे। वहीं द पूअर स्कूल में जो 3 वर्ष पहले बंद हो चुका है, वहाँ लड़कियों की ब्रेस्ट को दबाया जाता था।

हाल में चेन्नई के पद्म शेषाद्री बाला भवन (PSBB) के पूर्व और वर्तमान छात्रों ने एक शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद इस दक्षिण भारतीय शहर के कई स्कूलों, स्पोर्ट्स एकेडमी, यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों ने इसी तरह की आपबीती साझा की थी। ऐसे ही मामले ब्रिटेन से भी सामने आए हैं। वहाँ के कई कई नामी ड्रामा स्कूलों के पूर्व छात्रों ने शिक्षकों पर यौन शोषण के गंभीर इल्जाम लगाए हैं।

डेलीमेल की खबर के अनुसार, ब्रिटेन के ड्रामा स्कूल के पूर्व छात्रों ने बताया है कि स्कूल में टीचर उनकी छाती दबाते थे, उनसे नंगे होकर परफॉर्म करने को कहते थे और क्लास में अभद्र भाषा का प्रयोग करते थे। ड्रामा स्कूलों में यौन शोषण की ये शिकायतें एक्टर और डायरेक्टर नोल क्लार्क पर लगे गंभीर इल्जामों के बाद कुछ हफ्ते बाद ही आई हैं। क्लार्क पर 20 महिलाओं के साथ गलत ढंग से बर्ताव के आरोप हैं, जिसे वे खारिज कर चुके हैं।

अब एकेडमी ऑफ लाइव एंड रिकॉर्ड आर्ट्स (ALRA) के पूर्व स्टाफ पर दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। इस मामले में एक पूर्व शिक्षक जाँच के दायरे में हैं। वहीं एसेक्स विश्वविद्यालय और सरे यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि वे अपने संस्थानों पर लगे आरोपों पर गौर करेंगे। इन यूनिवर्सिटी की गिल्डफोर्ड स्कूल ऑफ एक्टिंग (GSA) और ईस्ट 15 एक्टिंग स्कूल को लेकर भी इसी तरह की शिकायतें मिली है।

बता दें कि ये वो ड्रामा स्कूल हैं जहाँ से बड़े-बड़े कलाकार निकले हैं। ALRA की बात करें तो यहाँ से एक्टर-कॉमेडियन मिरांडा हार्ट पास होकर निकले हैं। गिल्डफोर्ड स्कूल से एमा बार्टम और सीलिया इमरी निकली हैं। हालाँकि किसी नामचीन शख्सियत के साथ यौन शोषण की बात फिलहाल सामने नहीं आई है।

ब्रिटिश एक्टर्स नेटवर्क का कहना है कि उन्हें कम से कम 300 ऐसी शिकायतें मिली हैं जिसमें प्रताड़ना, यौन शोषण के पीड़ितों ने बताया कि उन्हें या तो ड्रामा स्कूल या इंडस्ट्री में में ये सब झेलना पड़ा।

लंदन के ALRA का कहना है कि इस मामले में वह जाँच कर रहे थे और कई लोगों से इस विषय में जानकारी देने की अपील की गई थी। स्कूल के बयान के मुताबिक छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने इस संबंध में सभी स्टाफ और छात्रों को मेल किया है कि वह इसमें समर्थन दें।

स्कूल की ओर से ऐसी शिकायतों के लिए एक ऐसा ऑनलाइन पोर्टल चलाया रहा है जहाँ अपनी पहचान उजागर किए बिना लोग शिकायत कर सकते हैं। स्कूल का कहना है कि वह कोई भी जानकारी होते ही संबंधित अधिकारियों से उसे साझा करेंगे और उचित लोगों से बात करेंगे। स्कूल ने यौन उत्पीड़न पर अपनी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी बताई है। 

इसी तरह गिल्डफोर्ड स्कूल पर भी एक पूर्व छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता ने कहा था कि एक टीचर ने उसका घर पर यौन उत्पीड़न किया। दावा था टीचर ने उसे नंगे होकर या फिर सिर्फ अंडरवियर में रिहर्सल करने को कहा था। जब लड़की ने इस पर हिचक दिखाई तो दोबारा उसे वही करने को कहा गया।

टेलीग्राफ को एक पीड़िता ने बताया, “पढ़ाई के दौरान मेरे पास कोई विकल्प नहीं था। नंगा होना आम था। मुझे नहीं लगता हम में से किसी को वो अलग लगा हो।” एसेक्स यूनिवर्सिटी के ईस्ट 15 ड्रामा स्कूल के बच्चों ने कहा है कि उन पर क्लास के दौरान सेक्सुअल कमेंट किए जाते थे। वहीं द पूअर स्कूल में जो 3 वर्ष पहले बंद हो चुका है, वहाँ लड़कियों की ब्रेस्ट को दबाया जाता था और बड़े लोग उनका उत्पीड़न करते थे। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गुजरात में बुरी तरह फेल हुई AAP की ‘परिवर्तन यात्रा’, पंजाब से बुलाई गाड़ियाँ और लोग: खाली जगह की ओर हाथ हिलाते रहे नेता

AAP नेता और पूर्व पत्रकार इसुदान गढ़वी रैली में हाथ दिखाकर थक चुके थे लेकिन सामने कोई उनकी बात का जवाब नहीं दे रहा था।

मंदिर तोड़ा, खजाना लूटा पर हिला नहीं सके शिवलिंग: औरंगजेब के दरबारी लेखक ने भी कबूला था, शिव महापुराण में छिपा है इसका राज़

मंदिर के तोड़े जाने का एक महत्वपूर्ण प्रमाण 'मा-असीर-ए-आलमगीरी’ नाम की पुस्तक भी है। यह पुस्तक औरंगज़ेब के दरबारी लेखक सकी मुस्तईद ख़ान ने 1710 में लिखी थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
186,677FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe