Tuesday, May 11, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय COVID-19 पर रिपोर्टिंग और वायरस से निपटने पर चीनी सरकार की आलोचना करने पर...

COVID-19 पर रिपोर्टिंग और वायरस से निपटने पर चीनी सरकार की आलोचना करने पर महिला पत्रकार को 5 साल की जेल

उन पर ये भी आरोप है कि उन्होंने विदेशी मीडिया को इंटरव्यू दिया और वुहान की खबरें लीक कीं। चाइनीज ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स (CHRD) के मुताबिक गिरफ्तारी के खिलाफ उन्होंने भूख हड़ताल भी की। 18 सितंबर को उनके वकील का फोन आया कि उन पर आरोप तय किए गए हैं।

चीन पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वह कोरोना वायरस को लेकर सच छिपा रहा है और उसने दुनिया को गुमराह किया है। यहाँ तक कि उसने अपने उन नागरिकों को भी नहीं ​बख्शा, जिसने चीन के झूठ के खिलाफ आवाज बुलंद करने की कोशिश की। एक नए दस्तावेज में खुलासा हुआ है कि वुहान में कोरोना वायरस पर रिपोर्टिंग करने वाली एक महिला पत्रकार को चीन ने पाँच साल के लिए जेल भेज दिया है।

37 साल की झांग झान (Zhang Zhan) को बीते मई महीने में गिरफ्तार किया गया था। वह तभी से जेल में हैं। उन पर आरोप हैं कि उन्होंने झगड़ा करने की कोशिश की और प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। चीन हमेशा सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ इन्हीं आरोपों का इस्तेमाल करता रहा है और इससे संबंधित धाराओं में उन्हें जेल भेजता रहा है।

चीनी मानवाधिकार रक्षकों (CHRD) के अनुसार, वह 14 मई को लापता हो गई और एक दिन बाद पता चला कि उसे शंघाई में पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन्हें 19 जून को शंघाई में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था और तीन महीने की नजरबंदी के बाद उन्हें अपने वकील से मिलने की अनुमति दी गई थी। सोमवार (नवंबर 17, 2020) को जारी अभियोग पत्र में कहा गया है कि झांग झान ने टेक्स्ट वीडियो और अन्य मीडिया जैसे वीचैट, ट्विटर और यूट्यूब के माध्यम से गलत जानकारी फैलाई थी।

उन पर ये भी आरोप है कि उन्होंने विदेशी मीडिया को इंटरव्यू दिया और वुहान की खबरें लीक कीं। चाइनीज ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स (CHRD) के मुताबिक गिरफ्तारी के खिलाफ उन्होंने भूख हड़ताल भी की। 18 सितंबर को उनके वकील का फोन आया कि उन पर आरोप तय किए गए हैं।

झांग झान को पहले दो मौकों पर हिरासत में लिया गया था

झांग झान को 2018 में इसी तरह के आरोप में हिरासत में लिया गया था। सितंबर 2019 में उसे शंघाई पुलिस ने बुलाया था और बाद में हांगकांग का समर्थन करने के लिए “झगड़ा करने” के संदेह में आपराधिक हिरासत में लिया गया था और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। नवंबर 2019 में रिहा होने से पहले उन्हें दो बार मानसिक चिकित्सा संबंधी परीक्षण से गुजरना पड़ा।

अन्य पत्रकार जिन्हें हिरासत में लिया गया था

ऐसा नहीं है कि झांग झान कोरोना वायरस पर रिपोर्टिंग करने के लिए गिरफ्तार होने वाली पहली पत्रकार हैं, इस साल कई अन्य पत्रकारों को भी गिरफ्तार किया गया है। एक पूर्व वकील से पत्रकार बने चेन क्विशी को जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। क्विश के लापता होने की रिपोर्ट देने के लिए ली ज़हुआ को फरवरी में वुहान जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन्हें अप्रैल में रिहा किया गया। वुहान निवासी फांग बिन उसी समय के आसपास लापता हो गए, लेकिन उनके बारे में कभी कुछ जानकारी सामने नहीं आई।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

टिकरी बॉर्डर पर किसानों के टेंट में गैंगरेप: पीड़िता से योगेंद्र यादव की पत्नी ने भी की थी बात, हरियाणा जबरन ले जाने की...

1 मई को पीड़िता के पिता भी योगेंद्र यादव से मिले थे। बताया कि ये सब सिर्फ कोविड के कारण नहीं हुआ है। फिर भी चुप क्यों रहे यादव?

‘इस्लाम को रियायतों से आज खतरे में फ्रांस’: सैनिकों ने राष्ट्रपति को गृहयुद्ध के खतरे से किया आगाह

फ्रांसीसी सैनिकों के एक समूह ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को खुला पत्र लिखा है। इस्लाम की वजह से फ्रांस में पैदा हुए खतरों को लेकर चेताया है।

टिकरी बॉर्डर पर गैंगरेप: ‘क्रांति’ की जगह किसान आंदोलन से ‘अपराध’ की डिलिवरी, आगे क्या…

कथित आंदोलन अब किस अपराध की खोज में निकलेगा, इसका उत्तर शायद टिकरी बॉर्डर पर रुके समय के पास है।

उद्धव ठाकरे का कार्टून ट्विटर को नहीं भाया, ‘बेस्ट CM’ के लिए कार्टूनिस्ट को भेजा नोटिस

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे का कार्टून बनाने के लिए ट्विटर ने एक कार्टूनिस्ट को नोटिस भेजा है। जानिए, पूरा मामला।

‘नहीं हुई चुनाव बाद बंगाल में हिंसा’: कलकत्ता HC को ममता सरकार ने दिया जवाब, 18 मई को होगी अगली सुनवाई

कलकत्ता हाईकोर्ट में राज्य की ओर से जवाब देते हुए महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने कहा कि उनकी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 09 मई के बाद से कोई चुनाव बाद हिंसा नहीं हुई है।

बंगाल में BJP के सभी 77 MLA को केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षा, हार गए प्रत्याशियों को भी महीने भर सिक्यॉरिटी

पश्चिम बंगाल में हिंसा की स्थिति को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के सभी BJP विधायकों को केन्द्रीय सुरक्षा देने का निर्णय लिया।

प्रचलित ख़बरें

योगेंद्र यादव को पता था कि ‘किसानों’ के टेंट में हुआ है गैंगरेप, AAP के दो नेता भी आरोपित: टिकरी बॉर्डर पर हुई थी...

दैनिक भास्कर के मुताबिक योगेंद्र यादव को इस घटना के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने पुलिस को जानकारी नहीं दी।

हिंदू त्योहार ‘पाप’, हमारी गलियों से नहीं निकलने दें जुलूस: मुस्लिम बहुल इलाके की याचिका, मद्रास HC का सॉलिड जवाब

मद्रास हाई कोर्ट ने धार्मिक असहिष्णुता को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के आयोजन...

मुस्लिम वैज्ञानिक ‘मेजर जनरल पृथ्वीराज’ और PM वाजपेयी ने रचा था इतिहास, सोनिया ने दी थी संयम की सलाह

...उसके बाद कई देशों ने प्रतिबन्ध लगाए। लेकिन वाजपेयी झुके नहीं और यही कारण है कि देश आज सुपर-पावर बनने की ओर अग्रसर है।

फराह खान ने खुलेआम की मोदी समर्थकों की मौत की कामना- माँगी दुआ, पहले भी कर चुकी हैं RSS की ISIS से तुलना

"मैं दुआ करती हूँ कि तुम्हारा कोई परिजन मरे ताकि तुम्हें वो गुस्सा महसूस हो जो कुप्रबंधन और सत्ता की भूखे एजेंडे के कारण अपनों को न बचा पाने की वजह से पैदा होता है।"

हिन्दुओ… इस आदेश को रट लो, क्योंकि यह केवल एक गाँव-एक प्रांत की समस्या नहीं

ऐसे हालात में अमूमन हिंदू मन मसोस रह जाते हैं। अब इससे इतर मद्रास हाई कोर्ट ने एक रास्ता दिखाया है।

टीकरी बॉर्डर: आंदोलन में शामिल होने आई युवती के साथ दुष्‍कर्म मामले में 4 किसान नेताओं सहित 6 पर FIR

आरोपित अनूप सिंह हिसार क्षेत्र का है और आम आदमी पार्टी (AAP) का सक्रिय कार्यकर्ता भी है जिसकी पुष्टि आप सांसद सुशील गुप्ता ने की। अनिल मलिक भी दिल्ली में AAP का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,402FansLike
92,043FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe