Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयनेपाल की जमीनों पर कब्जा कर चीन ने खड़ी की 8 इमारतें, अधिकारी हैरान;...

नेपाल की जमीनों पर कब्जा कर चीन ने खड़ी की 8 इमारतें, अधिकारी हैरान; ओली ने साध रखी है चुप्पी

रिपोर्ट के अनुसार, हुमला के लापचा-लिमी क्षेत्र की हालिया तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने क्षेत्र में अब तक आठ इमारतें बना ली हैं। बावजूद इसके भारतीय इलाकों पर दावा ठोकने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने अपनी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण पर चुप्पी साध रखी है।

चीन एक तरफ नेपाल के साथ तेजी से अपनी दोस्ती मजबूत कर रहा है। दूसरी तरफ अपना विस्तारवादी चरित्र दिखाते हुए नेपाल के इलाकों पर अतिक्रमण कर इमारतों का निर्माण भी कर रहा है।

खबर हब की एक रिपोर्ट के अनुसार, हुमला के लापचा-लिमी क्षेत्र की हालिया तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने क्षेत्र में अब तक आठ इमारतें बना ली हैं। बावजूद इसके भारतीय इलाकों पर दावा ठोकने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने अपनी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण पर चुप्पी साध रखी है।

हुमला के सहायक मुख्य जिला अधिकारी दलबहादुर हमाल इस क्षेत्र की हाल की तस्वीरों को देखकर हैरान रह गए और मामले की जाँच शुरू की है। स्थानीय नेपाली लोगों ने चीनी सेना के हाथों हुए उत्पीड़न की शिकायत भी की है। नेपाली जिला के अधिकारियों ने 30 अगस्त से 9 सितंबर तक क्षेत्र का निरीक्षण किया था।

IFE न्यूज नेटवर्क के सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने पीएम ओली को इस मामले की खबर देते हुए चिंता जाहिर की, लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है। स्थानीय लोगों को डर है कि नेपाली प्रशासन ने गुप्त सौदा करते हुए क्षेत्र में चीनी सेना को इसके लिए अनुमति दी है।

रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इमारतें दूर से दिखाई देती हैं। हालाँकि, पीएलए सैनिकों की भारी उपस्थिति के कारण जिले के अधिकारियों को करीब से देखने का मौका नहीं मिला।

नेपाल की मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि घटना के बारे में जानने के बाद, नेपाल के गृह मंत्रालय (MoHA) ने मामले को नेपाल के विदेश मंत्रालय को फॉरवर्ड कर दिया है। खबर हब ने निगरानी टीम के एक सदस्य के हवाले से कहा, “हम दूर से इमारतों को देख सकते थे। हमने चीन द्वारा वहाँ बनाई जा रही 1 इमारत के बारे में अफवाहें सुनी थीं, लेकिन निरीक्षण के बाद वहाँ ऐसी 8 बिल्डिंग्स पाई गई हैं।”

बता दें मामले की आगे की जाँच के लिए, सीडीओ चिरंजीवी गिरि और चार सुरक्षा निकायों के प्रमुख की एक टीम एक सप्ताह के लिए लापचा का दौरा करेगी।

गौरतलब है कि ऐसे वक़्त में भी नेपाल के कम्युनिस्ट प्रधानमंत्री केपी ओली भारतीय भूमि पर विचित्र दावे करने में व्यस्त हैं। कुछ दिनों पहले नेपाल ने आधिकारिक बयानों में कहा था कि नैनीताल, देहरादून, लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा सहित भारतीय क्षेत्र उसका हिस्सा हैं। जून में ऐसी खबरें आई थीं कि चीन ने नेपाल में 10 से अधिक स्थानों पर कब्जा कर लिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -