Wednesday, May 18, 2022
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‘तुम्हारे सामान में कोरोना है’: चीन ने 6 भारतीय कंपनियों से आयात पर लगाया बैन, खुद विदेशी प्रतिबंध से बचने के लिए बनाया कानून

कोरोना वायरस के नाम पर चीन पिछले साल की शुरुआत से दुनिया भर से आयातित फ्रोजन खाद्य उत्पादों की जाँच कर रहा है। समय-समय पर पैकेज में कोरोना वायरस के निशान पाए जाने की बात कहकर वह कंपनियों से आयात को निलंबित भी करता रहा है।

दुनिया को एक वैश्विक महामारी में झोंकने वाला चीन कोरोना वायरस को मुद्दा बनाकर अब व्यापार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। चीन ने समुद्री उत्पादों को निर्यात करने वाली 6 भारतीय कंपनियों पर रोक लगा दी है। चीन का कहना है कि इन कंपनियों की पैकिंग में कोरोना वायरस के निशान पाए गए हैं, जिसके कारण इनके फ्रोजेन उत्पादों के आयात को एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है।

कोरोना वायरस के नाम पर चीन पिछले साल की शुरुआत से दुनिया भर से आयातित फ्रोजन खाद्य उत्पादों की जाँच कर रहा है। समय-समय पर पैकेज में कोरोना वायरस के निशान पाए जाने की बात कहकर वह कंपनियों से आयात को निलंबित भी करता रहा है।

चीन के सीमा शुल्क प्रशासन ने कहा है कि इन 6 कंपनियों के समुद्री उत्पादों के पैकेज पर विषाणु के निशान पाए गए, इसीलिए इनका आयात गुरुवार (जून 10, 2021) से एक सप्ताह के लिए निलंबित होगा।

वहीं, चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने गुरुवार को ही स्थानीय स्तर पर कोविड-19 के 6 मामले सामने आने की बात कही। ये मामले उसके दक्षिण गुआंगडोंग प्रांत में सामने आए जबकि बुधवार को 15 मामले विदेशों से आने की जानकारी दी गई। गौरतलब है कि सितंबर 2019 में पहली बार कोरोना के मामले चीन के वुहान शहर में सामने आए थे।

दूसरी तरफ, कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। कुछ वैज्ञानिक और राजनीतिज्ञ कह रहे हैं कि इस खतरनाक वायरस के वुहान प्रयोगशाला से ही लीक होने की संभावना बरकरार है। वहीं, कई वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना वायरस वायरस को चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (डब्ल्यूआईवी) लैब में बनाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, चीन इससे इंकार करता रहा है।

विदेशी प्रतिबंधों से मुकाबले के लिए चीन ने बनाया नया कानून

वहीं, चीनी संसद ने गुरुवार को विदेशी प्रतिबंध निरोधी कानून पारित कर दिया है। इस कानून के जरिए चीनी अधिकारियों और कंपनियों को विदेशी प्रतिबंधों से कानूनी और सरकारी संरक्षण मिल सकेगा।

नए कानून के प्रविधान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। हालाँकि, इस कानून को अमेरिका और यूरोपीय देशों द्वारा मानवाधिकार, शिनजियांग और हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के मामलों में चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध के संदर्भ में देखा जा रहा है।

नया कानून व्यापक है और चीन पर प्रतिबंध से मुकाबला करने का बड़ा हथियार माना जा रहा है। स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह विदेशी प्रतिबंध पर चीन के उपायों को कानूनी वैधता प्रदान करेगा। नए कानून को पास करने वाले सभी 14 उपाध्यक्षों को अमेरिका ने हॉन्गकॉन्ग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पारित करने के संबंध में प्रतिबंधित कर रखा है।

मालूम हो कि हाल ही में अमेरिका ने चीन के आर्थिक प्रभाव और व्यापारिक चालबाजियों का मुकाबला करने के लिए सौ अरब डालर (सात लाख 29 हजार करोड़ रुपए) की योजना का एक विधेयक पारित किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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