Wednesday, August 4, 2021
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न वुहान की लैब से, न जानवरों से.. कोरोना की उत्पत्ति के साक्ष्य अपर्याप्त- चीनी विशेषज्ञ और WHO का दावा

WHO के वायरस एक्सपर्ट पीटर बेन एम्ब्रेक ने कहा कि अध्ययन का फोकस यह निर्धारित करना था कि क्या कोरोनो वायरस का कोई ’पिछला इतिहास भी था’ और क्या यह दिसंबर, 2019 से पहले भी मौजूद था?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि कोरोना वायरस के चीन की किसी प्रयोगशाला से फैलने की संभावना नहीं मिल पाई हैं। वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि हो सकता है कि इसने किसी मध्यवर्ती प्रजाति के जरिए मानव शरीर में प्रवेश किया होगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और चीनी विशेषज्ञ मिशन की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार (फरवरी 09, 2021) को COVID-19 महामारी की उत्पत्ति की जाँच की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि कोरोनो वायरस महामारी चीन के वुहान से दुनियाभर में फैली, इसके साक्ष्य अपर्याप्त हैं और सिर्फ उनके आधार पर इस नतीजे पर नहीं पहुँचा जा सकता।

एक प्रेस ब्रीफिंग में, चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के विशेषज्ञ और COVID-19 पैनल के प्रमुख लियांग वानियान ने दावा किया कि दिसंबर, 2019 से पहले शहर में वायरस फैल गया था या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए ‘पर्याप्त सबूत’ नहीं हैं।

चाइना टीम के प्रमुख लियांग वानियन ने कहा, ”दिसंबर 2019 से पहले आबादी में Sars-Cov-2 के फैलाव के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि क्या वायरस इससे पहले शहर में फैला था।

WHO के वायरस एक्सपर्ट पीटर बेन एम्ब्रेक ने कहा कि अध्ययन का फोकस यह निर्धारित करना था कि क्या कोरोनो वायरस का कोई ’पिछला इतिहास भी था’ और क्या यह दिसंबर, 2019 से पहले भी मौजूद था? गौरतलब है कि विश्व में वुहान में ही दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सामना आया था।

पीटर बेन एम्ब्रेक ने कहा कि टीम को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता लगे कि संक्रमण दिसंबर 2019 से पहले वुहान या अन्य किसी स्थान पर फैला। उन्होंने कहा कि इस बात के सबूत मिले हैं कि दिसंबर 2019 में वुहान के हुनान बाजार में यह काफी फैल गया था। उन्होंने कहा कि लैब से वायरस के लीक होने की थ्योरी की संभावना बेहद कम है।

चीनी विशेषज्ञ ने यह भी राय रखी कि संभव है कि कोरोना वायरस चीन के बाहर पैदा हुआ हो। चीनी स्वास्थ्य आयोग के विशेषज्ञ ने यह भी तर्क दिया कि कोरोना वायरस के 2019 के अंत में मध्य चीनी शहर वुहान में पता लगने से पहले किसी अन्य क्षेत्रों से वहाँ पहुँचा होगा।

चीन ने उस संभावना को दृढ़ता से खारिज कर दिया है और अन्य किसी सम्भावित सिद्धांतों की आशंका जताई है कि वायरस कहीं और उत्पन्न हुआ हो सकता है। टीम इस बात के लिए कई सिद्धांतों पर विचार कर रही है कि मनुष्यों में यह रोग पहले कैसे पहुँचा।

डब्लूएचओ के वैज्ञानिकों ने यह भी दावा किया है कि वैश्विक स्वास्थ्य निकाय को कोरोनो वायरस के जानवर से उत्पत्ति के स्रोत भी नहीं मिले हैं। हालाँकि, जब से महामारी जानकारी में आई है, तभी से वैज्ञानिकों और महामारी विज्ञानियों ने लगातार दावा किया है कि कोरोना वायरस चमगादड़ों में उत्पन्न हुआ होगा और एक अन्य स्तनपायी के माध्यम से मनुष्यों तक पहुँच गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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