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अस्पताल में बेड नहीं, कब्रिस्तान में वेटिंग: 90 दिन में चीन की 60% आबादी के कोरोना+ होने की आशंका, बीजिंग में भी अंतिम संस्कार के लिए लगी लाइन

एपिडेमोलॉजिस्ट (महामारी विशेषज्ञ) एरिक फीगल डिंग ने दावा किया है कि अगले 90 दिनों में चीन के 60 प्रतिशत लोग और पृथ्वी की 10 प्रतिशत आबादी कोरोना संक्रमित हो सकती है।

चीन में जीरो कोविड पॉलिसी में ढील दिए जाने के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चीन में कोरोना बहुत ही तेजी के साथ फैल रहा है। इतना ही नहीं भारी संख्या में लोगों की मौत भी हो रही है। राजधानी बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों के अस्पताल कोरोना के मरीजों से भर चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि बीजिंग की 70 प्रतिशत आबादी कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड है।

एपिडेमोलॉजिस्ट (महामारी विशेषज्ञ) एरिक फीगल डिंग ने दावा किया है कि अगले 90 दिनों में चीन के 60 प्रतिशत लोग और पृथ्वी की 10 प्रतिशत आबादी कोरोना संक्रमित हो सकती है। उन्होंने लाखों लोगों के मौत का पूर्वानुमान भी लगाया है। एरिक ने ट्विटर पर चीन के अस्पताल का वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों और गलियारों में पड़े लाश दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लिखा यह तो बस शुरुआत है।

आपको बता दें कि साल 2021 में कोरोना विस्फोट को लेकर उनका दावा सही साबित हुआ था। उन्होंने दावा किया है कि चीन में तेजी से बढ़ने कोरोना के मामलों की वजह से सभी लोगों का पीसीआर टेस्ट करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में चीन और दुनिया पर एक बार फिर से कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। शुरुआत से ही चीन अपने यहाँ कोरोना से हुई मौतों को छिपाता रहा है। चीन की सरकार ने सोमवार को बीजिंग में कोरोना से 2 लोगों की मौत की बात स्वीकार की है।

हालाँकि, दावा किया जा रहा है कि बीजिंग में मरने वालों की तादाद अचानक बढ़ने लगी है और लगातार अंतिम संस्कार किया जा रहा है। एरिक फीगल डिंग का दावा है कि बीजिंग के मुर्दाघर भरे हुए हैं और 2 हजार शव अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा में हैं।

एरिक फीगल डिंग ने कहा कि, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने बढ़ते मरीजों की वजह से यहाँ तक कह दिया है कि, “जिसे भी संक्रमित होना है, संक्रमित होने दें, जिसे मरना है, उसे मरने दें। ज्यादा संक्रमण का मतलब है ज्यादा मौत, फिर जल्दी पीक आएगा और फिर जल्दी ही उत्पादन शुरू होगा।”

एरिक ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया कि चीन के शहरों में बुखार और दर्द की दवा खत्म हो रही है। उन्होंने दावा किया कि झू हाई शहर में लोग बुखार की दवा खरीदने के लिए फैक्ट्री तक पहुँच गए।

दरअसल, चीन की ‘ज़ीरो कोविड पॉलिसी’ का स्थानीय लोग जोर-शोर से विरोध कर रहे थे। इसके बाद चीन ने जीरो कोविड पॉलिसी में ढील देने का निर्णय लिया। साथ ही चीन ने लोगों से जहाँ तक संभव हो घर में रहने की अपील की थी। एपिडेमोलॉजिस्ट एरिक ने चीन में अचानक कोरोना के बढ़ते मामलों की प्रमुख वजहों में चीन में एंटी कोरोना वैक्सीन को ठहराया है। उनका कहना है कि कोरोना को रोकने में चीनी वैक्सीन नाकाम रही है। जिससे कोरोना के साथ उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को बढ़ने में मदद मिल रही है। बता दें कि चीन में ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BF.7 और BA.5 ने कहर बरपाया हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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