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जिसने महिला की लाश को नग्न कर निकाली थी परेड, उस आतंकी को अब इजरायल ने मार गिराया: शव पर थूक रहे थे हमास के आततायी, वीडियो हुआ था वायरल

हमास के आतंकियों के इजरायल पर हमले के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें हमास के आतंकी महिला को निर्वस्त्र करके पिकअप गाड़ी में लादकर ले जा रहे थे और उसके शरीर पर थूक रहे थे। उस आतंकी को इजरायल की सेना ने मार गिराया है। इतना ही नहीं, हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्लाइल हनियेह के आवास पर भी हमला किया है।

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला करके 1400 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। उस दौरान एक महिला का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें हमास के आतंकी महिला को निर्वस्त्र करके पिकअप गाड़ी में लादकर ले जा रहे थे और उसके शरीर पर थूक रहे थे। अब महिला के साथ तरह का क्रूर व्यवहार करने वाले आतंकी को इजरायल की सेना ने मार गिराया है। इतना ही नहीं, हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्लाइल हनियेह के आवास पर भी हमला किया है।

इजरायल पर हमले के दिन एक महिला को मारकर उसे गाजा की गलियों में घुमाया गया था। इस महिला की पहचान इजराइली मूल की जर्मन नागरिक शानी लूक के रूप में हुई थी। वीडियो में महिला का चेहरा नहीं दिख रहा था, लेकिन उसके शरीर पर बने टैटू से शानी की माँ ने उसकी पहचान की थी। दो सप्ताह पहले शानी की खोपड़ी बरामद की गई थी।

दरअसल, 22 साल की शानी लूक इजराइल के नोवा म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल हुई थी। उस दौरान हमास के आतंकियों ने शानी को पकड़ लिया था। इजरायल से गाजा ले जाने के बाद शानी का यौन उत्पीड़न किया गया था। इसके बाद उसके पैर तोड़ दिए गए। फिर हत्या करके उसके शव का जुलूस निकाला गया था, जिस पर गाजा सैकड़ों मुस्लिमों ने थूका था।

इजरायल की डिफेंस फोर्सेस को 30 अक्टूबर को गाजा में शानी की खोपड़ी मिली थी। इसको लेकर इजरायली राष्ट्रपति ने कहा था, “इसका मतलब यह है कि हमास के जानवरों ने शानी का सिर कलम कर दिया था।” शानी के अलावा गाजा से कई इजरायली महिलाओं के साथ उत्पीड़न के सबूत मिले थे।

बेटी की मौत की जानकारी मिलने पर शानी की माँ ने कहा था, “ये सोचकर मैं खुश हूँ कि उसने अपने साथ हुई ज्यादती नहीं देखी। उसने नहीं देखा कि हमास उसके शरीर के साथ क्या कर रहा है।” शानी की माँ रिकार्डा लूक ने बताया कि उनकी बेटी के शव को अपने पैरों से दबाकर जुलूस निकालने वाले हमास आतंकी को इजरायल की सेना ने मार गिराया है।

उधर, गाजा में इजरायल का ऑपरेशन जारी है। इज़रायली सेना ने हमास के आतंकवादियों की मौजूदगी का दावा करते हुए अल शिफ़ा अस्पताल में एक “लक्षित ऑपरेशन” चलाया। इस कदम की संयुक्त राष्ट्र और अरब देशों ने निंदा की है, जिससे इजराइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने ऑपरेशन का बचाव किया है।

जो बाइडेन ने कहा कि हमास ने अस्पताल के नीचे सैन्य मुख्यालय बना रखा है। यहाँ पर हमास के सीनियर लीडर मुलाकातें करते हैं। वहीं, इजरायल के वायुसेना और थलसेना ने आपसी समन्वय बनाकर हमास के नेता इस्माइल हनीयेह के गाजा स्थित घर को निशाना बनाया है।

दरअसल, इस्माइल ने नवंबर के शुरू में मुलाकात करके ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनाई से समर्थन माँगा था और इजरायल के साथ युद्ध में हमास की ओर से आने का आग्रह किया था। हालाँकि, खामनेई ने युद्ध में भाग लेने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे हमास को नौतिक और राजनीतिक समर्थन देते रहेंगे।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई ने मिलने आए हमास के नेता से कहा था कि 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर किए गए हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसलिए हमास की ओर से ईरान युद्ध में हिस्सा नहीं लेगा। वहीं, हमास के ठिकाने से बरामद हुए दस्तावेजों से पता चला है कि हमले से पहले ईरान आतंकी संगठन हमास को हथियार बनाने में मदद देना चाहता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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