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बांग्लादेश के शिव मंदिर में प्रतिमाएँ विखंडित की, 18 वर्षीय शकीलउद्दीन रंगे हाथों धराया: हिन्दुओं ने पुलिस को सौंपा

शिव मंदिर के अंदर दो मूर्तियों में एक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और दूसरे वाले को भी जमीन पर पटक दिया गया।

बांग्लादेश के नोआखली में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आई हैं। मंदिर में तोड़फोड़ करने आए शकीलउद्दीन नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ा गया। ‘बांग्लादेश हिन्दू यूनिटी काउंसिल’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि मैजड़ी मास्टरपारा इलाके में ये घटना हुई है। स्थानीय हिन्दुओं ने आरोपित युवक को रंगे हाथों दबोच लिया और इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

आरोपित की पहचान जिले के बेगमगंज उपजिला के जिरताली संघ के अब्दुर गफूर पुत्र मोसलेह उद्दीन उर्फ ​​शकील के रूप में हुई है। उसकी उम्र मात्र 18 वर्ष है। गिरफ्तार युवक को मंगलवार (18 अगस्त, 2021) की सुबह नोआखली मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया। इससे पहले घटना उपजिला के मैजड़ी कस्बे के मास्टरपारा इलाके के एक शिव मंदिर में सोमवार की रात करीब साढ़े 11 बजे तोड़फोड़ हुई

घटनास्थल से कैद एक वीडियो पहले ही सोशल मीडिया पर सामने आ गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिव मंदिर के अंदर दो मूर्तियों में एक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और दूसरे वाले को भी जमीन पर पटक दिया गया। बगल में दूसरी मूर्ति बिलकुल ठीक थी। मंदिर के बाहर आक्रोशित हिन्दुओं ने आरोपित युवक को दबोचने में कामयाबी आई। पुलिस के आने तक उसे मंदिर के ही सामने एक खम्भे से बाँध कर रखा गया था, ताकि वो भागे नहीं।

सुधारम पुलिस प्रभारी प्रभारी (ओसी) ने कहा कि आरोपी युवक शकील ने मूर्ति तोड़ने की बात कबूल कर ली है।

इससे पहले बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कई घरों, दुकानों पर हमला किया और चार मंदिरों में तोड़फोड़ की थी। यह घटना बांग्लादेश के खुलना जिले के रूपशा उपजिला के शियाली गाँव में हुई थी। मुस्लिम भीड़ ने इलाके के सभी मंदिरों और 58 हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ की थी। हथियारों से लैस आतंकियों ने घात लगाकर गाँव पर हमला किया था।  6 दुकानों को भी नष्ट कर दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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