Friday, November 27, 2020
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हमें बांग्लादेश की तरह पाक से आज़ादी दिलाइए: सिंधियों व बलूचों ने अमेरिका में PM मोदी से लगाई गुहार

"हम पाकिस्तान से आज़ादी की माँग करते हैं। भारत और अमेरिका को हमारी उसी तरह से मदद करनी चाहिए जिस तरह से 1971 में भारत ने बांग्लादेश के लोगों की मदद की थी।''

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अमेरिका यात्रा की शुरुआत करते हुए ह्यूस्टन में क़दम रखा। पाकिस्तान से आज़ादी पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मदद की आस में सिंधियों, बलूच और पश्तो समूहों के कई प्रतिनिधि ह्यूस्टन में इकट्ठा हुए।

बलूच, सिंधी, पश्तो, जो कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समूह हैं, दशकों से पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के हाथों उत्पीड़न का दंश झेल रहे हैं और अब पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मदद माँग रहे हैं।

इन अल्पसंख्यक समूहों के प्रतिनिधि रविवार को NRG स्टेडियम के सामने एक प्रदर्शन करेंगे, जहाँ बहुप्रतीक्षित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अपने प्रदर्शन में, सिंधी, बलूच और पश्तो समूह सामूहिक रूप से भारत और अमेरिका के नेताओं से आग्रह करेंगे कि वे पाकिस्तान से आज़ादी पाने में उनकी मदद करें।

शनिवार (21 सितंबर) को, इन अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान उनके समुदायों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रहे हैं।

बलूच नेशनल मूवमेंट के अमेरिकी प्रतिनिधि नबी बक्शा बलूच ने कहा, “हम पाकिस्तान से आज़ादी की माँग करते हैं। भारत और अमेरिका को हमारी उसी तरह से मदद करनी चाहिए जिस तरह से 1971 में भारत ने बांग्लादेश के लोगों की मदद की थी।”

उन्होंने कहा कि वे ह्यूस्टन इसीलिए आए हैं, ताकी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प से इस मामले में मदद के लिए अनुरोध कर सकें। उन्होंने कहा, “पाकिस्तानी सरकार द्वारा बलूच लोगों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन किया गया है।”

ख़बरों के अनुसार, 100 से अधिक सिंधी अमेरिकी शनिवार को ह्यूस्टन पहुँचे और और उन्होंने एनआरजी स्टेडियम के बाहर इकट्ठा होने की योजना बनाई, जहाँ रविवार को ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम आयोजित होने वाला है। उन्हें उम्मीद है कि उनके पोस्टर और स्वतंत्रता के बैनर देखकर मोदी और ट्रम्प का ध्यान इस विषय पर जाएगा।

जय सिंध मुताहिदा मुहाज़ से ज़फर साहितो ने कहा, “सिंधी लोग ह्यूस्टन में एक संदेश के साथ यहाँ आए हैं। जब मोदी जी सुबह यहाँ से गुज़रेंगे तो हम अपना संदेश देंगे कि हम आज़ादी चाहते हैं। हमें उम्मीद है कि मोदी जी और राष्ट्रपति ट्रम्प हमारी मदद करेंगे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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