Wednesday, April 21, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय चीन का 'रवीश-रोना' वापस चालू: 7 चीनी कम्पनियों को चिह्नित करने पर कहा- भारत...

चीन का ‘रवीश-रोना’ वापस चालू: 7 चीनी कम्पनियों को चिह्नित करने पर कहा- भारत को ही होगा नुकसान

चीन के इन बड़े नामों को भारत सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के बाद चिन्हित किया गया है, जिसने चीन की कम्युनिस्ट सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स को एकबार फिर सरदर्द देने का काम कर दिया है और नतीजा यह है कि ग्लोबल टाइम्स ने एक बार फिर अपने 'लेखों' के माध्यम से 'रवीश रोना' शुरू कर दिया है।

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लिंक वाली भारत में काम कर रही कम से कम सात चीनी कंपनियों की पहचान की गई है, जिनमें हुवाई, अलीबाबा समेत 7 बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं। ये उन 7 कंपनियों की सूची में शामिल हैं, जिनके खिलाफ भारतीय खुफिया सूत्रों ने रिपोर्ट दी है कि इन सभी के सम्बन्ध चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से जुड़े हुए हैं।

चीन के इन बड़े नामों को भारत सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के बाद चिन्हित किया गया है, जिसने चीन की कम्युनिस्ट सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स को एकबार फिर सरदर्द देने का काम कर दिया है और नतीजा यह है कि ग्लोबल टाइम्स ने एक बार फिर अपने ‘लेखों’ के माध्यम से ‘रवीश रोना’ शुरू कर दिया है।

ग्लोबल टाइम्स की मानें तो भारत की अर्थव्यवस्था को ऐसा करने से बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्लोबल टाइम्स की इस हरकत पर सामान्य शब्दों में कहा जा सकता है कि बर्बाद भारत की अर्थव्यवस्था होगी और दर्द चीन को हो रहा है, बड़ी विडंबना है।

चीन से व्यापार को लेकर भारत के इस आक्रामक रवैए पर खिसियाए हुए ग्लोबल टाइम्स ने ‘रवीश रोना’ करते हुए लिखा है कि भारत ऐसा चीनी सेना के विरोध में नहीं बल्कि ‘घरेलू राष्ट्रवाद’ के लिए कर रहा है।

ग्लोबल टाइम्स जिस घरेलू राष्ट्रवाद का जिक्र अपने इस लेख में कर रहा है उसका इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत‘ की घोषणा की ओर है। पीएम मोदी ने कहा था कि हमें कोरोना महामारी को अवसर में बदलते हुए विदेशों पर अपनी निर्भरता को कम करके स्वदेशी के महत्व पर जोर देना होगा।

ग्लोबल टाइम्स ने इस लेख में प्रलाप करते हुए लिखा है कि जब चीन ने भारत से सीमा विवाद पर बात करने के प्रयास किए तो भारत ने और सेना बल झोंका और चीनी कम्पनियों का बहिष्कार करने का फैसला किया।

सरकार का कहना है कि फिलहाल इन्हें चिन्हित किया गया है और इन पर क्या एक्शन लिया जाएगा, इस सम्बन्ध में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। ये सभी सातों चीनी कंपनियाँ मोबाइल और टेक सेक्टर से नहीं जुड़ी हैं, लेकिन इन्होंने भारत की विभिन्न इंडस्ट्रीज में विशाल स्तर का निवेश किया है।

इनमें अलीबाबा, टेनसेंट, हुवाई, Xindia स्टील्स लिमिटेड जैसे नाम भी शामिल हैं, जो भारत और चीन के बीच सबसे बड़े संयुक्त उपक्रमों में से एक माना जाता है। इसके अलावा, झिंगांग कैथे इंटरनेशनल ग्रुप – जिसने छत्तीसगढ़ में 1,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ विनिर्माण सुविधा स्थापित की है और चीन इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी समूह निगम और SAIC मोटर निगम लिमिटेड भी शामिल हैं।

अलीबाबा ने भारत के मशहूर भारतीय स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया है, जिनमें पेटीएम, जोमेटो, बिग बास्केट, स्नैप डील, एक्सप्रेसबीज आदि शामिल हैं। वहीं, टेनसेंट ने बड़ा निवेश भारतीय टेक सेक्टर में किया है, जिनमें 400 मिलियन डॉलर का निवेश ओला कैब्स में और 700 मिलियन डॉलर का निवेश फ्लिपकार्ट में शामिल है।

दरअसल, गलवान घाटी में जारी गतिरोध के बीच भारत सरकार द्वारा चीनी सामान और चीन के बहिष्कार के मन्त्र को अब भारत के साथ ही अन्य बड़े देशों ने भी अपनाने का विचार किया है।

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने भी जून में उन 20 कंपनियों की सूची बनाई थी, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे चीन की सेना (PLA) के स्वामित्व या नियंत्रण में हैं, जिस कारण उन पर अतिरिक्त अमेरिकी प्रतिबंधों की संभावना है।

चीन पर प्रतिबंध आरोपित करने के साथ ही भारत अमेरिकी कंपनियों को अपने देश लाने की कोशिशें कर रहा है। सरकार ने अप्रैल माह में 1,000 से अधिक अमेरिकी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों से संपर्क कर उन्हें चीन से कारोबारी गतिविधियों को समेटकर भारत लाने का ऑफर दिया है।

गौरतलब है कि ये कंपनियाँ 550 से अधिक उत्पाद बनाती हैं। भारत सरकार का मुख्य ध्यान मेडिकल उपकरण, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, टेक्सटाइल्स, लेदर और ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने पर है। यही नहीं, कोरोना वायरस की महामारी के बाद यूरोपीय संघ के सदस्य भी चीन के आपूर्तिकर्ताओं पर अपनी निर्भरता कम करने की योजना बना रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

प्रचलित ख़बरें

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,347FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe