Tuesday, September 27, 2022
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयईरान ने 'ग़लती' से अपने ही 82 लोगों को मार डाला, निराश जनरल ने...

ईरान ने ‘ग़लती’ से अपने ही 82 लोगों को मार डाला, निराश जनरल ने कहा- मुझे भी मर जाना चाहिए

ईरान के रेवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल आमिर अली हाजीजादेह ने भी हमले की जिम्मेदारी लेते हुए घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया। उन्होंने कहा-"ख़बर सुनकर मुझे लगा कि मुझे भी मर जाना चाहिए।"

ईरान की एक ग़लती से यूक्रेन इंटरनेशल एयरलाइंस में सवार 176 लोग पलक झपकते ही काल के गाल में समा गए। इस घटना ने उन सभी देशों के नागरिकों को हिला कर रख दिया, जिन देशों के नागरिक इस विमान में सवार थे। घटना की जिम्मेदारी लेने के बाद उसे एक मानवीय भूल बताने वाले ईरान के ही जनरल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि “मुझे भी मर जाना चाहिए।”

अमेरिका द्वारा ईरानी कमांडर सुलेमानी को मौत के घाट उतारने के बाद ईरान के नागरिकों में अमेरिका और ट्रंप के प्रति भारी गुस्सा था। लोग सड़कों पर उतरकर ईरान के राष्ट्रपति से अमेरिका को सबक सिखाने की माँग कर रहे थे। इस पर ईरान के राष्ट्रपति ने अपने नागरिकों को भरोसा दिलाया था कि वह इसका बदला ज़रूर लेगा और उसने अमेरिकी बेस कैम्पों को निशाना बनाते हुए मिसाइल दागे।

लेकिन, इस दौरान एक ग़लती से यूक्रेन का विमान हादसे का शिकार हो गया। जो लोग ईरान में अमेरिका के ख़िलाफ सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की माँग कर रहे थे, वही ईरान के नागरिक विमान हादसे के बाद अपने ही राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर गए। वो सुप्रीम लीडर खामनेई से इस्तीफे की माँग करने लगे। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि ईरान के प्रदर्शनकारियों पर वहाँ की सरकार कोई अत्याचार न करे।

दरअसल यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस का एक विमान अचानक से क्रैश हो गया, जिसमें एक-दो नहीं बल्कि 176 लोग पलभर में मौत के मुँह में चले गए। इस घटना पर हर किसी ने दुःख जताया और घटना में पीड़ित देशों ने मामले की जाँच करने की भी माँग की थी। घटना के समय से ही सवालों के घेरे में खड़ा ईरान इस बात से साफ़ इनकार करता रहा कि इस घटना में उसका हाथ है। लेकिन, कुछ ही समय में हकीक़त सभी के सामने आ गई। इसके बाद ख़ुद ईरान के राष्ट्रपति रुहानी ने स्वीकार कर लिया कि एक मानवीय भूल से मिसाइल ग़लत दिशा में चली गई, जिससे विमान हादसे का शिकार हो गया।

इसके बाद ईरान के रेवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल आमिर अली हाजीजादेह ने भी हमले की जिम्मेदारी लेते हुए घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया। उन्होंने कहा-“ख़बर सुनकर मुझे लगा कि मुझे भी मर जाना चाहिएयह बात उन्होंने ईरान के स्टेट टीवी को दिए एक बयान में कही। हालाँकि, ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामनेई ने मामले में जाँच के आदेश दिए हैं।

वहीं यूक्रेन के प्रधानमंत्री वोलोडाईमिर जेलेंस्की ने ईरान से हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को सज़ा देने की माँग की है। यूक्रेन ने कहा कि इसमें मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने ईरान सरकार से आधिकारिक तौर पर भी मांफ़ी माँगने को भी कहा है।

दरअसल, 8 जनवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहे विमान में 176 लोग सवार थे, जो कि ईरान द्वारा दागी गई एक मिसाइल का शिकार हो गया था। ईरान द्वारा गिराए गए इस विमान में सबसे ज्यादा ईरान के ही नागरिक मौजूद थे। इस हादसे में ईरान के 82, कनाडा के 63, यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफगानिस्तान के 4 जबकि जर्मनी और ब्रिटेन के 3-3 यात्री मारे गए थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पुलकित के रिजॉर्ट में चलता था जिस्मफरोशी, नशे का कारोबार… अंकिता को ज्वाइंट रूम में शिफ्ट करने को कहा था: पूर्व कर्मचारियों का खुलासा

"(पुलकित) आर्य VIP गेस्ट को लाता था और लड़कियों को उन्हें एक्स्ट्रा सर्विस देने के लिए कहता था। यहाँ उन्हें ड्रग्स, महँगी शराब परोसी जाती थी।”

‘भारत जोड़ो यात्रा’ छोड़ कर दिल्ली पहुँचे कॉन्ग्रेस के महासचिव, कमलनाथ-प्रियंका से भी मिलीं सोनिया गाँधी: राजस्थान के बागी बोले- सड़कों पर बहा सकते...

राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच कॉन्ग्रेस हाईकमान के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। वेणुगोपाल और कमलनाथ दिल्ली पहुँच गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,450FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe