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मौलानाओं के सिर पर जोरदार वार, साफा सीधे कूड़ेदान में: ईरान में युवाओं ने बदला प्रदर्शन का ढंग, स्कूली लड़के-लड़कियों की Video वायरल

महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान में चल हे हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बीच से ये वीडियोज आई हैं। देख सकते हैं कि कई स्कूल के लड़के और लड़कियाँ मौलानाओं के सिर पर बंधे साफे को गिरा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर ईरान की कुछ वीडियोज वायरल हो रही हैं। इन वीडियोज में वहाँ के युवा मौलानाओं के साफा को हाथ मारकर गिराते दिखाई दे रहे हैं। महसा अमिनी की मौत के बाद देश में चल रहे प्रदर्शन के बीच से ये वीडियोज आई हैं। देख सकते हैं कि कई स्कूल के लड़के और लड़कियाँ मौलानाओं के सिर पर बंधे साफे को गिरा रहे हैं।

एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मौलाना जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सफेद साफा बाँधकर आगे जा रहा होता है तभी लड़का पीछे से आता है और साफे पर इतने जोरदार ढंग से मारता है कि वो नीचे गिर जाता है। इसके बाद एक लड़का बैग लेकर आता है और वो भी दूसरे मौलाना के साथ यही करता है। एक वीडियो में तो ये भी दिखता है कि कैसे पहले साफा को गिराया जाता है, फिर उसे खोला जाता है और उसके बाद उसके कूड़े दान में फेंक दिया जाता है।

ईरान में हिजाब के विरोध में युवक-युवतियों द्वारा दी जा रही ऐसी प्रतिक्रिया को लोग नए ढंग का प्रदर्शन मान रहे हैं। ईरान प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी, लेकिन फिर भी नाराज लोग इस तरह प्रशासन के सामने अपने विरोध को दर्ज करवा रहे हैं। सबमें महसा अमिनी की मौत और उसके बाद हुई सैंकड़ों हत्याओं को लेकर गुस्सा है। यही वजह है कि चाहे घरेलू महिलाएँ हों या स्कूल जाती लड़कियाँ, सबने विरोध में अपने हिजाब को जलाया। ईरान की पुलिस से लेकर वहाँ के सर्वोच्च नेता की आलोचना की।

बता दें कि 22 साल की महसा अमिनी की पिछले दिनों पुलिस द्वारा पीटे जाने के बाद मौत हो गई ती। अमिनी तेहरान घूमने गई थीं। वहाँ उन्होंने अपना सिर ढंग से नहीं ढका था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और फिर पुलिस वाहन में उन्हें पीटा गया। कथिततौर पर पुलिस ने उस लड़की को इतना पीटा की कुछ दिन बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसी घटना ने पहले ईरान की औरतों को हिजाब के विरोध में खड़ा किया और उसके बाद विश्व भर में हिजाब की की आलोचना होने लगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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